परंपरागत भोजन के साथ जीवन शैली में बदलाव की जरूरत : डॉ श्याम

Updated at : 10 Jan 2026 6:57 PM (IST)
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परंपरागत भोजन के साथ जीवन शैली में बदलाव की जरूरत : डॉ श्याम

भारतीय आहारिकी दिवस पर शनिवार को बीआरएम कॉलेज में गृह विज्ञान विभाग द्वारा स्वस्थ भारत के लिए मोटापे पर नियंत्रण विषय पर एक सेमिनार आयोजित किया गया.

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स्वस्थ भारत के लिए मोटापे पर नियंत्रण विषय पर सेमिनार आयोजित

मुंगेर. भारतीय आहारिकी दिवस पर शनिवार को बीआरएम कॉलेज में गृह विज्ञान विभाग द्वारा स्वस्थ भारत के लिए मोटापे पर नियंत्रण विषय पर एक सेमिनार आयोजित किया गया. जहां मुख्य वक्ता पोषण विशेषज्ञ सह अस्सिटेंट प्रोफेसर डॉ मनोज कुमार थे. उन्होंने कहा कि मोटापा की समस्या आज के समय में एक गंभीर स्वास्थ्य समस्या बनते जा रही है. मोटापा के कारण गैर संचारी रोग जिसे मधुमेह, उच्च रक्त चाप, हृदय रोग, नींद की समस्या, श्वसन रोग, पाचन तंत्र की समस्या बढ़ती जा रही है. एफएसएसएआइ के दिशा-निर्देश के अनुसार सही खान-पान के बारे में जागरूकता समुदाय के साथ स्कूल-कॉलेज में भी किए जाने की जरूरत है. फास्ट फूड, जंक फूड, प्रसंस्कृत फूड, जिसमें नमक, चीनी वसा की मात्रा अधिक होती है, इसका चलन तेजी से बढ़ते जा रहा है. साथ ही गलत खान-पान एवं आरामदायक जीवनशैली मोटापा और अत्यधिक वजन में बढ़ोतरी का कारण है.

डॉ श्याम कुमार ने कहा कि परंपरागत भोजन को बढ़ावा देने के साथ जीवन शैली में बदलाव की जरूरत है. वहीं मोटे अनाज को शामिल करने की भी जरूरत है. कार्यक्रम की अध्यक्षता प्रभारी प्राचार्या डॉ निर्मला कुमारी ने की. कार्यक्रम के अंत में छात्राओं द्वारा सही भोजन बेहतर जीवन के नारे के साथ जागरूकता रैली निकाली गयी. मौके पर डॉ संगीता कुमारी, डॉ सहेली सरकार आदि मौजूद थी.

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