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सम्राट चौधरी ने पिता व माता की राजनीतिक विरासत को तारापुर में किया वापस

Updated at : 14 Nov 2025 7:07 PM (IST)
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सम्राट चौधरी ने पिता व माता की राजनीतिक विरासत को तारापुर में किया वापस

सम्राट चौधरी को राजनीति विरासत में मिली है और उन्होंने 2025 का बिहार विधान सभा चुनाव तारापुर से अपार बहुमत से जीत कर न सिर्फ पिता और माता की राजनीतिक विरासत को वापस प्राप्त किया

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पिता शकुनी चौधरी पांच बार व माता पार्वती देवी ने एक बार तारापुर विधानसभा का किया था प्रतिनिधित्व वीरेंद्र कुमार, मुंगेर सम्राट चौधरी को राजनीति विरासत में मिली है और उन्होंने 2025 का बिहार विधान सभा चुनाव तारापुर से अपार बहुमत से जीत कर न सिर्फ पिता और माता की राजनीतिक विरासत को वापस प्राप्त किया, बल्कि एक बार फिर से यह साबित कर दिया कि वह उनके राजनीतिक विरासत को संभालने वाले असली वारिश भी हैं. उनकी जीत के साथ ही पुन: तारापुर विधानसभा की राजनीति में उनके परिवार का परचम लहरा रहा है. तारापुर की राजनीति 1985 से ही सम्राट चौधरी के परिवार के इर्द-गिर्द घुमती रही है. उनके पिता शकुनी चौधरी ने इस तरह से तारापुर की राजनीति में अपना प्रभाव बनाया कि जिस पार्टी से वे खड़ा हो जाते थे, उसी पार्टी की जीत वहां तय हो जाती थी. इतना ही नहीं उनका राजनीतिक प्रभाव क्षेत्र में इस कदर रहा कि विपरीत परिस्थिति में उन्होंने अपनी पत्नी को विधायक बनवा दिया. सम्राट चौधरी के परिवार के राजनीतिक सफर की बात करें तो 1985 में उनके पिता शकुनी चौधरी पहली बार निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में चुनाव जीत कर तारापुर विधानसभा में अपनी राजनीतिक उपस्थिति दर्ज कराया था. इसके बाद उन्होंने मुड़ कर नहीं देखा और 1990 में कांग्रेस से तो 1995 में समता पार्टी से जीत दर्ज कराया. कानूनी पेंच में फंसे रहने के कारण वहां 1998 में उप चुनाव हुआ और उन्होंने अपनी पत्नी पार्वती देवी को समता पार्टी की टिकट पर चुनाव लड़वाया. इस चुनाव में उनकी पत्नी पार्वती देवी की जीत हुई. उसके बाद खुद राजद के टिकट पर शकुनी चौधरी ने 2000 के चुनाव में अपनी दावेदारी दी और चुनाव जीत कर विधानसभा पहुंचे. साथ ही राज्य सरकार में मंत्री भी रहे. वर्ष 2005 में भी वे राजद की टिकट पर जीत का सफर जारी रखा. 2010 के चुनाव में वे जदयू के नीता चौधरी से चुनाव हार गये. इसके बाद से शकुनी चौधरी अपनी राजनीतिक विरासत को बचाने के लिए काफी जद्दोजहद करते रहे. उनके पुत्र सम्राट चौधरी एमएलसी जरूर बने, लेकिन तारापुर की राजनीति में अपना दबदबा नहीं बना सके. 15 वर्ष बाद 2025 के विधानसभा चुनाव में सम्राट ने परिवार की राजनीतिक विरासत को वापस प्राप्त किया है. ————————– तारापुर के विधायकों का सफरनामा वर्ष जीते पार्टी 1952 बासुकी नाथ राय कांग्रेस 1957 बासुकी नाथ राय कांग्रेस 1962 जयमंगल सिंह शास्त्री कांग्रेस 1967 विजय नारायण प्रशांत सं.सो.पा 1969 तारणी प्रसाद सिंह कांग्रेस 1972 तारणी प्रसाद सिंह कांग्रेस 1977 कौशल्या देवी जनता पार्टी 1980 श्रीनारायण यादव सीपीआई 1985 शकुनी चौधरी निर्दलीय 1990 शकुनी चौधरी कांग्रेस 1995 शकुनी चौधरी समता पार्टी 1998 पार्वती देवी समता पार्टी 2000 शकुनी चौधरी राजद 2005 शकुनी चौधरी राजद 2010 नीती चौधरी जदयू 2015 डॉ मेवालाल चौधरी जदयू 2020 डॉ मेवालाल चौधरी जदयू 2021 राजीव सिंह जदयू 2025 सम्राट चौधरी भाजपा

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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BIRENDRA KUMAR SING

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