परिवार नियोजन के अंतिम पखवारा में लक्ष्य से भटका मुंगेर, 1000 लक्ष्य के विरूद्ध मात्र 530 उपलब्धि

मुंगेर में परिवार नियोजन कार्यक्रम मात्र दो चिकित्सकों के भरोसे ही चल रहा है.
वित्तीय वर्ष 2024-25 में हुए चार पखवारे में 1,837 बंध्याकरण और मात्र 40 नसबंदी
मुंगेर. सरकार बढ़ती जनसंख्या पर रोक लगाने को लेकर परिवार नियोजन कार्यक्रम पर हर साल लाखों रुपये खर्च करती है. इसके लिए एक वित्तीय वर्ष में चार परिवार नियोजन पखवारा भी आयोजित किया जाता है, लेकिन मुंगेर में परिवार नियोजन कार्यक्रम मात्र दो चिकित्सकों के भरोसे ही चल रहा है. जिसके कारण मुंगेर स्वास्थ्य विभाग परिवार नियोजन कार्यक्रम में पूरी तरह पिछड़ गया है. हाल यह है कि वित्तीय वर्ष 2024-25 में आयोजित चार परिवार नियोजन पखवारा में जहां 1,837 महिलाओं का बंध्याकरण हो पाया है. वहीं मात्र 40 पुरुष नसबंदी ही स्वास्थ्य विभाग कर पाया है. जो वित्तीय वर्ष 2024-25 के कुल लक्ष्य से काफी दूर रह गया.आखिरी पखवारे में लक्ष्य का आधा रही उपलब्धि
परिवार नियोजन कार्यक्रम में मुंगेर जिला अपने लक्ष्य से पूरी तरह भटक चुका है. हाल यह है कि वित्तीय वर्ष 2024-25 में हुए चार परिवार नियोजन पखवारा में मुंगेर जिला को जहां बंध्याकरण के लिए 4 हजार का लक्ष्य था. वहीं पुरुष नसबंदी के लिए लगभग 350 का लक्ष्य था, लेकिन मुंगेर स्वास्थ्य विभाग 4 हजार के लक्ष्य के विरूद्ध मात्र 1,837 महिलाओं का ही बंध्याकरण ऑपरेशन कर पाया है. वहीं नसबंदी के 300 के लक्ष्य के विरूद्ध मात्र 40 पुरुषों का ही नसबंदी कर पाया है. हद तो यह है कि 18 से 30 नवंबर 2024 के बीच विशेष रूप से पुरुष नसबंदी पखवारा चलाया गया था. जिसमें 90 पुरुषों के नसबंदी तथा 1 हजार महिलाओं के बंध्याकरण का लक्ष्य रखा गया है. जिसमें मुंगेर स्वास्थ्य विभाग पूरे पखवारे के दौरान जहां मात्र 423 बंध्याकरण कर पाया. वहीं इस दौरान मात्र 3 पुरुष नसबंदी ही हो पाया. जबकि वित्तीय वर्ष 2024-25 का आखिरी परिवार नियोजन पखवारा 17 से 29 मार्च के बीच चलाया गया. जिसमें 1 हजार महिला बंध्याकरण तथा 50 पुरुष नसबंदी का लक्ष्य रखा गया था. जिसमें मात्र 530 महिला बंध्याकरण तथा 5 पुरुष नसबंदी ही स्वास्थ्य विभाग कर पाया.एक वित्तीय वर्ष में होता है चार परिवार नियोजन पखवारा
जिले में एक वित्तीय वर्ष में चार बार परिवार नियोजन पखवारा कार्यक्रम संचालित किया जाता है. वित्तीय वर्ष 2024-25 में जहां 11 से 31 जुलाई के बीच जनसंख्या स्थिरता पखवारा चलाया गया. वहीं 17 से 31 सितंबर के बीच मिशन परिवार विकास कार्यक्रम के तहत पखवारा चलाया गया. जबकि 18 से 30 नवंबर के बीच पुरुष नसबंदी पखवारा चलाया गया है. वहीं 17 से 29 मार्च के बीच मिशन परिवार विकास कार्यक्रम के तहत पखवारा चलाया गया.दो चिकित्सकों के भरोसे मुंगेर में परिवार नियोजन पखवारा
मुंगेर के लिए लक्ष्य हासिल करने की जिम्मेदारी मात्र दो चिकित्सकों पर ही है. जिसमें डॉ बीएन सिंह तथा डॉ अशोक पासवान है. वहीं जिले के जमालपुर और धरहरा प्रखंड की जिम्मेदारी जहां डा. अशोक पासवान पर है. वहीं जिले के शेष 7 प्रखंडों में महिला बंध्याकरण और पुरुष नसबंदी की जिम्मेदारी डॉ बीएन सिंह पर ही है. इतना ही नहीं सदर अस्पताल में पुरुष नसबंदी की जिम्मेदारी भी डॉ बीएन सिंह के कंधों पर ही है. ऐसे में एक पखवाड़े के दौरान जिले के 9 प्रखंडों में कार्यक्रम के संचालन की स्थिति को खुद ही समझा जा सकता है.परिवार नियोजन कार्यक्रम के लिए नये चिकित्सकों को प्रशिक्षण देकर इंपैनल किया जायेगा. जिसके लिए जल्द ही जिलाधिकारी की अध्यक्षता में बैठक कर नये चिकित्सकों को इंपैनल किया जायेगा. हालांकि 17 से 29 मार्च तक चले परिवार नियोजन पखवारा की समीक्षा जल्द ही की जायेगी.
डॉ विनोद कुमार सिन्हा, सिविल सर्जन
17 से 29 मार्च के बीच अंतिम पखवारे में प्रखंडवार उपलब्धि
प्रखंड महिला बंध्याकरण पुरुष नसबंदी
असरगंज 20 0बरियारपुर 22 0
धरहरा 65 0खड़गपुर 93 2
जमालपुर 51 5सदर प्रखंड 34 0
सदर अस्पताल 54 0संग्रामपुर 76 1
तारापुर 88 0टेटियाबंबर 27 0
वित्तीय वर्ष 2024-25 में आयोजित परिवार नियोजन उपलब्धि
प्रखंड महिला बंध्याकरण पुरुष नसबंदी
असरगंज 95 0
बरियारपुर 115 0धरहरा 203 3
खड़गपुर 264 7जमालपुर 152 8
सदर प्रखंड 202 1सदर अस्पताल 301 5
संग्रामपुर 166 3तारापुर 242 14
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