आयुष्मान कार्ड निर्माण में पूरी तरह पिछड़ गया मुंगेर, मात्र 49 प्रतिशत उपलब्धि

Published by :RANA GAURI SHAN
Published at :15 Apr 2026 7:16 PM (IST)
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आयुष्मान कार्ड निर्माण में पूरी तरह पिछड़ गया मुंगेर, मात्र 49 प्रतिशत उपलब्धि

सरकार ने प्रधानमंत्री आयुष्मान भारत योजना को तीन साल पहले ही मुख्यमंत्री जन आरोग्य योजना से जोड़ दिया है. इसमें साल 2011 की जनगणना में शामिल लाभुकों के साथ राशन कार्डधारियों का भी आयुष्मान गोल्डन कार्ड बनाया जाना है,

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जिले में अबतक कुल 9.93 लाख लाभुकों में मात्र 4.91 लाख का ही बन पाया है आयुष्मान कार्ड

मुंगेर सदर प्रखंड व सदर अस्पताल की उपलब्धि मात्र 64 प्रतिशत

मुंगेर. सरकार ने प्रधानमंत्री आयुष्मान भारत योजना को तीन साल पहले ही मुख्यमंत्री जन आरोग्य योजना से जोड़ दिया है. इसमें साल 2011 की जनगणना में शामिल लाभुकों के साथ राशन कार्डधारियों का भी आयुष्मान गोल्डन कार्ड बनाया जाना है, लेकिन आयुष्मान कार्ड निर्माण में मुंगेर पूरी तरह पिछड़ गया है. जिले में अबतक 9.93 लाख लाभुकों में से मात्र 4.91 लाख लाभुकों का ही आयुष्मान कार्ड बन पाया है. जो कुल लक्ष्य का मात्र 49 प्रतिशत है. अब भी मुंगेर जिले के 5.02 लाख लाभुक योजना से वंचित हैं.

5 लाख 02 हजार 10 लाभुक आयुष्मान कार्ड के लाभ से वंचित

आयुष्मान भारत योजना के तहत कुल 9 लाख 93 हजार 12 लाभुक हैं. इनमें अबतक कुल 4 लाख 91 हजार 02 लाभुकों का ही आयुष्मान कार्ड बन पाया है, जबकि 5 लाख 02 हजार 10 लाभुक आयुष्मान कार्ड के लाभ से वंचित हैं. अब ऐसे में जिले में मुख्यमंत्री जन आरोग्य योजना को लेकर स्वास्थ्य विभाग के कार्य को समझा जा सकता है. इतना ही नहीं प्रधानमंत्री आयुष्मान भारत योजना तथा मुख्यमंत्री जन आरोग्य योजना को एक साथ जोड़ने के दो साल बाद भी मुंगेर जिले की उपलब्धि मात्र 49 प्रतिशत ही है.

मुंगेर सदर को छोड़कर शेष की उपलब्धि 50 प्रतिशत से कम

मुख्यमंत्री जन आरोग्य योजना के तहत आयुष्मान कार्ड बनाने के मामले में मुंगेर जिला पूरी तरह पिछड़ गया है. हाल यह है कि मुख्यमंत्री जन आरोग्य योजना के साथ जुड़ने के बाद अब राशनकार्ड धारक अपना आयुष्मान कार्ड बना सकते हैं. इसके लिये जनवितरण प्रणाली केंद्रों पर लगातार शिविर तक लगाया जा रहा है. बावजूद अबतक जिले में 5.02 लाख लाभुक योजना के लाभ से वंचित हैं. हद तो यह है कि जिले के 9 प्रखंडों में मात्र मुंगेर सदर की उपलब्धि ही 64 प्रतिशत है, जबकि शेष प्रखंडों की उपलब्धि 35 से 53 प्रतिशत के बीच ही है.

कहती हैं जिला समन्वयक

आयुष्मान भारत योजना की जिला समन्वयक ज्योति कुमारी ने बताया कि कुछ तकनीकी कमियों के कारण लोगों का कार्ड बनाने में परेशानी होती है. कई बार राशन कार्ड और आधार कार्ड में नाम अलग होता है. इससे परेशानी होती है. हालांकि, समय-समय पर शिविर लगाकर कार्ड बनाया जा रहा है.

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जिले में प्रखंडवार आयुष्मान कार्ड

प्रखंड लक्ष्य कार्ड बना वंचित प्रतिशत

असरगंज 63,515 33,459 30,056 53

बरियारपुर 89,098 33,856 55,242 33धरहरा 98,400 36,326 62,074 37जमालपुर 1,13,696 58,961 54,961 52

खड़गपुर 1,65,160 68,928 96,232 42मुंगेर सदर 2,31,745 1,46,955 84,790 64

संग्रामपुर 80,860 41,350 39,510 51तारापुर 90,505 44,873 45,632 49

टेटियाबंबर 60,033 26,294 33,739 44

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