पांडुलिपियों का ज्ञान भारतम पोर्टल पर होगा डिजिटाइजेशन, डीडीसी बने नोडल पदाधिकारी

पांडुलिपियों के संरक्षण व डिजिटाइजेश्न व इसमें समाहित भारतीय ज्ञान परंपरा को भावी पीढ़ियों के लिए सुरक्षित रखने को लेकर बुधवार को समाहरणालय संवाद कक्ष में डीएम निखिल धनराज निप्पाणीकर की अध्यक्षता में बैठक आयोजित की गयी.
पांडुलिपि का तात्पर्य कागज, भोजपत्र, ताड़पत्र, कपड़ा पर हाथ से लिखे गये ग्रंथ व पुस्तक मुंगेर. पांडुलिपियों के संरक्षण व डिजिटाइजेश्न व इसमें समाहित भारतीय ज्ञान परंपरा को भावी पीढ़ियों के लिए सुरक्षित रखने को लेकर बुधवार को समाहरणालय संवाद कक्ष में डीएम निखिल धनराज निप्पाणीकर की अध्यक्षता में बैठक आयोजित की गयी. इसमें संग्रहालय निदेशालय तथा कला व संस्कृति विभाग के निर्देश के आलोक में मुंगेर जिलान्तर्गत विभिन्न संस्थाओं व व्यक्तियों के पास संग्रहित पांडुलिपियों के सर्वेक्षण, उनके संरक्षण व उसके डिजिटाइजेशन पर गहनतापूर्वक चर्चा हुई. डीएम ने कहा कि विभागीय निदेशानुसार जिला स्तर पर पांडुलिपि संग्राहकों के सूचीकरण के कार्य सहित ज्ञान भारतम् मिशन से संबंधित समस्त कार्यों के पर्यवेक्षण को लेकर डीडीसी, मुंगेर को नोडल पदाधिकारी सह अध्यक्ष नामित किया गया है, जबकि जिला कला व संस्कृति पदाधिकारी, मुंगेर, डीईओ, प्रभारी पदाधिकारी, जिला अभिलेखागार तथा जिला जन संपर्क पदाधिकारी को सदस्य नामित किया गया है. मुंगेर जिलान्तर्गत सरकारी व गैर सरकारी समस्त संस्थाओं (मठ, मंदिर, शैक्षणिक संस्थान, पुस्तकालय आदि) व व्यक्तियों, जिनके पास पांडुलिपियों का संग्रह हो, चिह्नित कराते हुए उनकी सूची तैयार कर उसका ज्ञान भारतम पोर्टल पर डिजिटाइइजेशन करना है. उन्होंने कहा कि इस कार्य को मिशन मोड में प्रारंभ कर दें. अभी करीब दो सौ से अधिक पांडुलिपियों का उक्त एप पर डिजिटाइजेशन किया गया है. अगले एक सप्ताह के अंदर मिशन मोड में कार्य करते हुए एक हजार से अधिक पांडुलिपियों के डिजिटाइजेशन कराना है. डीएम ने कहा कि पांडुलिपि का तात्पर्य कागज, भोजपत्र, ताड़पत्र, कपड़ा, आदि पर हाथ से लिखे गए ग्रंथ पुस्तक हैं जो न्यूनतम 75 वर्ष प्राचीन हो. उन्होंने सभी बीडीओ को निर्देश देते हुए कहा कि अपने-अपने प्रखंड अन्तर्गत अधिक से अधिक लोगों को पांडुलिपियों के सर्वेक्षण को लेकर प्रोत्साहित करें. साथ ही अनुमंडल व प्रखंड स्तर पर तैयार की जाने वाली सूची में संस्था व व्यक्ति का नाम, संस्था के प्रभारी का नाम ईमेल व मोबाइल नंबर तथा पांडुलिपियों की अनुमानित संख्या व अवधि का स्पष्ट उल्लेख किया जाये. प्रत्येक केंद्र तथा व्यक्ति के पास उपलब्ध पांडुलिपियों की सूची भी संकलित करने के निर्देश दिये. बैठक में एडीएम मनोज कुमार, डीडीसी अजीत कुमार सिंह, एसडीओ कुमार अभिषेक, जिला कला व संस्कृति पदाधिकारी सुकन्या सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे.
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