जिंदगी की जंग हार गया मनोज, 62 वें दिन Begusarai के निजी नर्सिंग में तोड़ा दम

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आपसी विवाद में गोली लगने से घायल मनोज आखिरकार ईलाज के दौरान दम तोड़ दिया. 62 दिनों की यह लड़ाई मनोज हार गया. मनोज की मौत Begusarai के एक नर्सिंग होम में हुई है.
मुंगेर. मुफस्सिल थाना क्षेत्र के टीकारामपुर बुद्धन मरर टोला निवासी गोली से घायल 50 वर्षीय मनोज साह उर्फ मन्नु आखिरकार जिंदगी की जंग हार गया. 62वें दिन बेगूसराय (Begusarai) के एक निजी नर्सिंग होम में उसने दम तोड़ दिया. परिजनों की सूचना पर पुलिस मुंगेर सदर अस्पताल में पोस्टमार्टम कराने के बाद शव परिजनों को सौंप दिया. मनोज की मौत के बाद अब आरोपितों पर हत्या का मुकदमा चलेगा.
आपसी विवाद में मारी गयी थी गोली
बताया जाता है कि 17 जनवरी 2024 को मनोज को उसके चचेरा भतीजा ने जमीन विवाद में गोली मार दिया था. जिसे बेहतर इलाज के लिए परिजन मुंगेर से बेगूसराय लेकर चला गया था. इसे वहां के एक निजी नर्सिंग होम में भर्ती कराया गया था. मनोज के सिर में गोली लगी थी और पिलेट सिर में फंसा रह गया था. जहां पर उसके सिर का ऑपरेशन कर फंसी पिलेट को बाहर निकाला गया. मनोज 62 दिनों तक जिंदगी और मौत के बीच जंग लड़ता रहा. आखिरकार शुक्रवार को उसकी मौत बेगूसराय के निजी नर्सिंग होम में हो गयी. परिजनों ने मौत की सूचना मुफस्सिल थाना पुलिस को दिया और शव लेकर मुंगेर चला आया. पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम मुंगेर में कराया और परिजनों को सौंप दिया.
पुत्र के बयान पर दर्ज है प्राथमिकी
मनोज साह को गोली मारने को लेकर उसके पुत्र आशीष कुमार के बयान पर मुफस्सिल थाना में प्राथमिकी दर्ज करायी गयी थी. इसमें उसने अपने पड़ोसी अमित साह, श्रीनिवास साह, नवोध साह एवं अनिरूद्ध साह को नामजद किया था. इसमें जमीन विवाद को दर्शाया गया था. उस समय धारा 307 व आर्म्स एक्ट में प्राथमिकी दर्ज किया गया था.
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परिजनों का रो-रो कर बुरा हाल
मृतक अपने पीछे दो पत्नी बेबी देवी, दो बेटा व चार पुत्री छोड़ गया. सभी का रो-रो कर बुरा हाल है. ग्रामीणों ने बताया कि मृतक की आर्थिक स्थिति मजबूत नहीं है. इलाज के पीछे काफी खर्च हुआ. इधर, पत्नी दहाड़ मार कर रोये जा रही थी. परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट गया. चार बेटी में मात्र एक बेटी की शादी हुई, जबकि तीन कुंवारी है. जिसके शादी की चिंता परिवार को है.
कहते हैं थानाध्यक्ष
प्रशिक्षु आइपीएस सह मुफस्सिल थानाध्यक्ष शैलेंद्र सिंह ने बताया कि शव का पोस्टमार्टम कराने के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया था. इस मामले में जो प्राथमिकी दर्ज है वह हत्या में बदल जायेगा.
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लेखक के बारे में
By Ashish Jha
डिजिटल पत्रकारिता के क्षेत्र में 10 वर्षों का अनुभव. लगातार कुछ अलग और बेहतर करने के साथ हर दिन कुछ न कुछ सीखने की कोशिश. वर्तमान में बंगाल में कार्यरत. बंगाल की सामाजिक-राजनीतिक नब्ज को टटोलने के लिए प्रयासरत. देश-विदेश की घटनाओं और किस्से-कहानियों में विशेष रुचि. डिजिटल मीडिया के नए ट्रेंड्स, टूल्स और नैरेटिव स्टाइल्स को सीखने की चाहत.
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