होली त्योहार भारतीय अध्यात्म व संस्कृति की पहचान

Updated at : 11 Mar 2025 12:00 AM (IST)
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मुंगेर. साहित्य प्रहरी मुंगेर के तत्वावधान में स्थानीय जयप्रकाश उद्यान में सोमवार को होली मिलन समारोह का आयोजन किया गया. जिसमें नगर के अनेक साहित्यकारों और समाजसेवियों ने भाग लिया. अध्यक्षता आचार्य नारायण शर्मा ने की, जबकि संचालन शिवनन्दन सलिल ने किया. कार्यक्रम के संयोजक ज्योति कुमार सिन्हा ने कहा कि होली हमारे लिए समता का संदेश ले कर आता है. यदुनंदन झा द्विज, प्रो जयप्रकाश नारायण, आचार्य नारायण शर्मा, शिवनंदन सलिल, विजेता मुद्गलपुरी, कुमार विजय गुप्त , राजीव कुमार सिंह, मधुसूद आत्मीय ने फागुन महीना और होली पर्व की उपादेयता और प्रासंगिकता पर प्रकाश डाला. वक्ताओं ने इस त्योहार को भारतीय अध्यात्म और संस्कृति की पहचान तथा सामाजिक समरसता का प्रतीक बताया. कार्यक्रम के दूसरे चरण में भव्य कवि गोष्ठी हुई. जिसमें कवियों ने होली के रंगों में रंगी कविताएं प्रस्तुत कर वासंती माहौल कायम कर दिया. जयप्रकाश उद्यान तालियों की ध्वनि से झंकृत होता रहा. कवियों में जहां अलख निरंजन कुशवाहा, कुमार विजय गुप्त जानेमाने गजलगो विकास, प्रमोद कुमार निराला, हरिशंकर सिंह, विभाषचंद्र ने अपने जलवे दिखाए. वहीं शहर के जाने-माने गीतकार शिवनंदन सलिल ने अपने गीत से श्रोताओं का मन मोह लिया और खूब तालियां बटोरीं.

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