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बाढ़ का तांडव : डेंजर लेवल से 46 सेमी उपर गंगा का जलस्तर, गांव से लेकर शहर तक फैला पानी

Updated at : 10 Aug 2025 12:33 AM (IST)
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बाढ़ का तांडव : डेंजर लेवल से 46 सेमी उपर गंगा का जलस्तर, गांव से लेकर शहर तक फैला पानी

बाढ़ का तांडव : डेंजर लेवल से 46 सेमी उपर गंगा का जलस्तर, गांव से लेकर शहर तक फैला पानी

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मुंगेर. मुंगेर जिला बाढ़ की चपेट में आ चुका है. गंगा का जलस्तर डेंजर लेवल से 46 सेमी उपर पहुंच गई है और गांव से लेकर शहर तक बाढ़ का पानी फैल गया है. जिसके कारण पीड़ितों के समक्ष राशन और पानी का संकट उत्पन्न हो गया है. गांव से बड़ी आबादी घर-वार छोड़ कर राहत शिविर में पहुंचने लगे हैं. जबकि बाढ़ प्रभावित सैकड़ों परिवार ने बबुआ घाट और समाहरणालय के समीप केसी सुरेंद्र बाबूृ पार्क में तंबू लगा कर बाल-बच्चा और मवेशियों के साथ डेरा डाल दिया है. जिलाधिकारी निखिल धनराज खुद एसडीआरएफ के वोट से गंगा पार पहुंच कर बाढ़ प्रभावित कुतलुपुर पंचायत के कई गांव का जायजा लिया और लोगों के बीच राहत सामग्री बांटे.

बाढ़ ने मचाया ताडंव, शहर से लेकर गांव तक फैला बाढ़ का पानी

गंगा का जलस्तर शनिवार को अपराह्न खतरे के निशान से 39.33 से 46 सेंटीमीटर ऊपर पहुंच गई. जिसके कारण बाढ़ का भारी ताडंव शुरू हो गया है. मुंगेर सदर, जमालपुर और बरियारपुर प्रखंड में बाढ़ विकराल हो चुका है. मुंगेर सदर का गंगा पार तीन पंचायत कुतलुपुर, जाफनगर, टीकारामपुर का सभी गांव पूरी तरह से जलमग्न हो चुका है. जबकि तारापुर दियारा पंचायत के साथ ही गंगा किनारे बसे पंचायतों में बाढ़ की विभिषिका देखी जा रही है. बरियारपुर प्रखंड का गंगा पार हरिणमार व झौआबहियार के साथ सभी 11 पंचायत बाढ़ की चपेट में आ चुका है. जिसके कारण वहां की जनता त्राहिमाम कर रही है. जमालपुर और हवेली खड़गपुर तथा धरहरा के कुछ पंचायत भी बाढ़ की चपेट में है. इतना ही नहीं नगर निगम क्षेत्र के वार्ड नंबर-41 का क्वार्टर, शिवनगर, मोकबीरा, बेलवा घाट, चंदनबाग नया टोला, वार्ड नंबर-31 का लल्लू पोखर, वार्ड नंबर-43 का हेरूदियारा, वार्ड नंबर-40 का भूदान चुआबाग, वार्ड नंबर-42 का गदहियाटोला गैस गोदाम, वार्ड नंबर-3 का लालदरवाजा, वार्ड नंबर-1 व 2 में भी बाढ़ का पानी प्रवेश कर कर गया है.

गांव छोड़ कर राहत शिविरों में पहुंची बड़ी आबादी

बाढ़ के विकराल रूप को देखते हुए गंगा पार दियारा के गांव से बड़ी संख्या में लोग पलायन कर रहे है. गांव की बड़ी आबादी गांव से निकल कर नाव के सहारे शहर पहुंच गये है. टीकारामपुर, कुतलुपुर और जाफरनगर से बड़ी संख्या में आबादी बाल-बच्चा व मवेशी सहित शहर पहुंच चुके है. बबुआ घाट, सोझी घाट और समाहरणालय के समक्ष केसी सुरेंद्र बाबू पार्क में बाढ़ पीड़ितों ने तंबू लगा कर डेरा डाल दिया है्. बाल-बच्चों के साथ ही मवेशी व बकरी को लेकर बाढ़ पीड़ित खाना बदहोश की जिंदगी जी रहे है. सीताकुंड हाई स्कूल, नौवागढ़ी हाई स्कूल, जिला स्कूल सहित आधे दर्जन स्कूल में लोगों ने शरण ले रखा है.

शहर के कई मुख्य सड़कों पर पहुंचा बाढ़ का पानी, आवागमन हो रहा प्रभावित

बाढ़ प्रभावित गांव की सभी सड़कें पूरी तरह से बाढ़ के पानी में डूबा हुआ है. जबकि शहर में भी बाढ़ पानी सड़क पर चढ़ गया है. जिसके कारण आवागमन में परेशानी उत्पन्न होने लगी है.मुंगेर पुल को शहर से जोड़ने वाली लिंक पथ गीताबाबू रोड लालदरवाजा सड़क पूरी तरह से पानी में डूब चुका है. वहीं लालदरवाजा मुख्य सड़क पर बाढ़ का पानी पहुंच चुका है. सड़क एक फीट तक पानी जमा हो गया है. जिसके कारण आवागमन बुरी तरह से प्रभावित हो रहा है.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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BIRENDRA KUMAR SING

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By BIRENDRA KUMAR SING

BIRENDRA KUMAR SING is a contributor at Prabhat Khabar.

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