Munger News: मुंगेर के टीकारामपुर दियारा में पांच अवैध मिनी गन फैक्ट्रियों का भंडाफोड़, तीन गिरफ्तार
Published by : Paritosh Shahi Updated At : 20 Apr 2025 7:20 PM
गिरफ्तार आरोपित के साथ एसपी
Munger News: मुंगेर जिला के मुफस्सिल थाना क्षेत्र के गंगा पार टीकारामपुर मखना अगरसिया बहियार में शनिवार की देर शाम पुलिस टीम ने छापेमारी कर पांच मिनीगन फैक्ट्री का खुलासा किया. मौके पर से तीन कारीगर को गिरफ्तार किया गया. कई कारीगर भागने में सफल रहे. जिसकी पहचान कर पुलिस गिरफ्तारी के लिए छापेमारी कर रही है.
Munger News: मुंगेर पुलिस अधीक्षक (SP) सैयद इमरान मसूद ने बताया कि सूचना मिली थी कि गंगा पार मखना अगरसिया बहियार में झाड़ियों के बीच बड़े पैमाने पर हथियार का निर्माण किया जा रहा है. एसडीपीओ सदर अभिषेक रंजन के नेतृत्व में थानाध्यक्ष विपिन कुमार सिंह सहित पुलिस बल ने छापेमारी की. इस दौरान पुलिस ने मौके पर से पांच मिनीगन फैक्ट्री का उद्भेदन किया और मिर्जापुर बरदह निवासी हथियार कारीगर मो नौसाद उर्फ भोकचू, मो शमशाद और मो शजमूल को गिरफ्तार किया.
क्या-क्या बरामद हुआ
पुलिस ने मौके पर से 5 बेस मशीन, 2 हैंड ड्रिल मशीन, 7 अर्धनिर्मित पिस्टल, 2 निर्मित व 14 अर्धनिर्मित मैगजीन, 5 पिस्टल स्लाइडर सहित हथियार बनाने का औजार बरामद किया है. इस मामले को लेकर मुफस्सिल थाना में प्राथमिकी दर्ज कर तीनों गिरफ्तार कारीगर को न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया.

20 पिस्टल बनाने का मिला था ठेका, प्रति पिस्टल मिलता था तीन हजार
मुफस्सिल थाना पुलिस ने गंगापार टीकारामपुर मखना अगरसिया बहियार में शनिवार को मिनी गन फैक्टरी का उद्भेदन कर तीन कारीगरों को गिरफ्तार किया. हालांकि इस दौरान हथियार बनवाने वाला ठेकेदार व तीन अन्य कारीगर घास के जंगल का बहाना बनाकर भागने में सफल रहा. लेकिन जिसकी गिरफ्तारी हुई, उसने पूछताछ के दौरान कई रहस्यों पर से पर्दा उठाया. इसमें बताया गया ठेका पर वहां पिस्टल बनाया जा रह था और प्रति पिस्टल तीन हजार की राशि का भुगतान किया जाता था.
20 पिस्टल बनाने का मिला था ऑडर
पुलिस ने मौके पर से मिर्जापुर बरदह निवासी मो नौसाद उर्फ भोकचू, मो शमशाद और मो शजमूल उर्फ छोटू को गिरफ्तार किया. उसने पूछताछ में बताया कि वे लोग हथियार कारीगर हैं. वे ठेकेदार के लिए हथियार बनाते हैं. उसके ग्रुप में एक दर्जन हथियार कारीगर हैं. जितना हथियार बनाने का ठेका मिलता है उस हिसाब से कारीगर को लगाया जाता है. जिस ठेकेदार के लिए हथियार बना रहा था उसने 20 हथियार बनाने का ठेका दिया था.
ठेकेदार से प्रति हथियार के लिए तीन हजार रुपये में सौदा तय हुआ था. हमलोग छह कारीगर मिलकर हथियार को तैयार कर रहे थे. आर्डर के हिसाब से 20 हथियारों में सात हथियार तैयार हो चुके थे, सिर्फ फिनिसिंग टच देना था. लेकिन तभी पुलिस ने रेड कर डाला.
ठेकेदार और कारीगरों की गिरफ्तारी को लेकर हो रही छापेमारी
बताया गया कि पुलिस जब छापेमारी करने पहुंची तो वहां पर ठेकेदार भी था. लेकिन वह घास के जंगल का सहारा लेकर फरार हो गया. जबकि तीन कारीगर भी घास के जंगल का सहारा लेकर भाग गये. गिरफ्तार करीगरों ने ठेकेदार और फरार होने वाले कारीगरों का नाम व पता पुलिस को बताया. सभी मिर्जापुर बरदह गांव का रहने वाला है. जिसकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस छापेमारी कर रही है.
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कच्चा माल से लेकर खाना तक देता है ठेकेदार
बताया गया कि जो भी हथियार तस्कर कारीगरों को हथियार बनाने का ऑर्डर देता है. वह कारीगरों को हथियार बनाने के लिए कच्चा माल भी उपलब्ध कराता है. जबकि मशीन व उपकरण भी वह ठेकेदार देता है. इतना ही नहीं कम समय में हथियार की आपूर्ति लेने के लिए कारीगरों को खाना उपलब्ध करना ठेकेदार का काम है.
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By Paritosh Shahi
परितोष शाही पिछले 4 वर्षों से डिजिटल मीडिया और पत्रकारिता में सक्रिय हैं. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत राजस्थान पत्रिका से की और वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल की बिहार टीम का हिस्सा हैं. राजनीति, सिनेमा और खेल, विशेषकर क्रिकेट में उनकी गहरी रुचि है. जटिल खबरों को सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचाना और बदलते न्यूज माहौल में तेजी से काम करना उनकी विशेषता है. परितोष शाही ने पत्रकारिता की पढ़ाई बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी (BHU) से की. पढ़ाई के दौरान ही पत्रकारिता की बारीकियों को समझना शुरू कर दिया था. खबरों को देखने, समझने और लोगों तक सही तरीके से पहुंचाने की सोच ने शुरुआत से ही इस क्षेत्र की ओर आकर्षित किया. पत्रकारिता में करियर की पहली बड़ी शुरुआत बिहार विधानसभा चुनाव 2020 के दौरान हुई, जब उन्होंने जन की बात के साथ इंटर्नशिप की. इस दौरान बिहार के 26 जिलों में जाकर सर्वे किया. यह अनुभव काफी खास रहा, क्योंकि यहां जमीनी स्तर पर राजनीति, जनता के मुद्दों और चुनावी माहौल को बहुत करीब से समझा. इसी अनुभव ने राजनीतिक समझ को और मजबूत बनाया. इसके बाद राजस्थान पत्रिका में 3 महीने की इंटर्नशिप की. यहां खबर लिखने की असली दुनिया को करीब से जाना. महज एक महीने के अंदर ही रियल टाइम न्यूज लिखने लगे. इस दौरान सीखा कि तेजी के साथ-साथ खबर की सटीकता कितनी जरूरी होती है. राजस्थान पत्रिका ने उनके अंदर एक मजबूत डिजिटल पत्रकार की नींव रखी. पत्रकारिता के सफर में आगे बढ़ते हुए पटना के जनता जंक्शन न्यूज पोर्टल में वीडियो प्रोड्यूसर के रूप में भी काम किया. यहां कैमरे के सामने बोलना, प्रेजेंटेशन देना और वीडियो कंटेंट की बारीकियां सीखीं. करीब 6 महीने के इस अनुभव ने कैमरा फ्रेंडली बनाया और ऑन-स्क्रीन प्रेजेंस को मजबूत किया. 1 अप्रैल 2023 को राजस्थान पत्रिका को प्रोफेशनल तौर पर ज्वाइन किया. यहां 17 महीने में कई बड़े चुनावी कवरेज में अहम भूमिका निभाई. लोकसभा चुनाव 2024 में नेशनल टीम के साथ जिम्मेदारी संभालने का मौका मिला. इसके अलावा मध्य प्रदेश, राजस्थान और छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव के दौरान भी स्टेट टीम के साथ मिलकर काम किया. इस दौरान चुनावी रणनीति, राजनीतिक घटनाक्रम और बड़े मुद्दों पर काम करने का व्यापक अनुभव मिला. फिलहाल परितोष शाही प्रभात खबर डिजिटल बिहार टीम के साथ जुड़े हुए हैं. यहां बिहार विधानसभा चुनाव के दौरान कई बड़ी खबरों को रियल टाइम में ब्रेक किया, ग्राउंड से जुड़े मुद्दों पर खबरें लिखीं और वीडियो भी बनाए. बिहार चुनाव के दौरान कई जिलों में गांव- गांव घूम कर लोगों की समस्या को जाना-समझा और उनके मुद्दे को जन प्रतिनिधियों तक पहुंचाया. उनकी कोशिश हमेशा यही रहती है कि पाठकों और दर्शकों तक सबसे पहले, सही और असरदार खबर पहुंचे. पत्रकारिता में लक्ष्य लगातार सीखते रहना, खुद को बेहतर बनाना और भरोसेमंद पत्रकार के रूप में अपनी पहचान मजबूत करना है.
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