मूंग की विराट बीज व कम सिंचाई के साधन पर अलसी प्रताप की करें खेती

Updated at : 19 Mar 2025 7:39 PM (IST)
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मूंग की विराट बीज व कम सिंचाई के साधन पर अलसी प्रताप की करें खेती

कृषि विज्ञान केंद्र, मुंगेर में बुधवार को एससी-एसटी परियोजना अंतर्गत अनुसूचित जातियों के बीच प्रशिक्षण सह प्रत्यक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया.

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कृषि विज्ञान केंद्र में महिला किसान मूंग की खेती व मल्टीकट चाड़ा उत्पादन की तकनीक से हुईं अवगत

मुंगेर. कृषि विज्ञान केंद्र, मुंगेर में बुधवार को एससी-एसटी परियोजना अंतर्गत अनुसूचित जातियों के बीच प्रशिक्षण सह प्रत्यक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया. इस प्रशिक्षण में खड़गपुर प्रखंड के हरकुंडा गांव के 46 महिला किसान शामिल हुई. मौके पर वरीय वैज्ञानिक मुकेश कुमार एवं नोडल वैज्ञानिक डॉ बीडी सिंह उपस्थित थे. डॉ बीडी सिंह ने किसानों को मूंग की खेती एवं मल्टीकट चाड़ा उत्पादन के तकनीक से अवगत कराया. गृह वैज्ञानिक डॉ सुजाता कुमारी ने गर्मियों ने न्यूट्रिगार्डन में लगने वाले सब्जियों की खेती करने एवं डॉ अशोक कुमार ने सिंचाई जल की गर्मी में उपयोगिता पर जानकारी साझा की. इसके उपरांत महिला कृषकों के बीच मूंग की नवीणतम प्रजाति विराट की बीज, चाड़ा फसल के लिए सीएसवी-33 मल्टीकट प्रजाति के साथ खेती में उपयोग होने वाले लोहे का तसला एवं गृह वाटिका में लगने वाले सीड किट उपलब्ध कराया गया. कृषकों से अपील की गयी कि इन बीजों की खेतों में बुआई कर अपनी आमदनी को दोगुना करें. किसानों को कृषि विज्ञान केंद्र में बीज उत्पादन हेतु बीज बुआई की दूरी को भ्रमण कर दिखाया गया. साथ ही अलसी प्रताप-2 की उपलब्धता पर जानकारी दी गयी कि अलसी को दैनिक जीवन में क्या उपयोगिता है और स्वास्थ्य के दृष्टिगत या कम सिंचाई का साधन रहने पर भी अलसी की खेती किस प्रकार लाभकारी हो सकती है.

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