नव वर्ष के मौके पर काली पहाड़ी पर पिकनिक मनाने वालों की उमड़ी भीड़

Updated at : 01 Jan 2025 7:59 PM (IST)
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नव वर्ष के मौके पर काली पहाड़ी पर पिकनिक मनाने वालों की उमड़ी भीड़

नववर्ष 2025 के आगमन का जश्न मनाने बुधवार को जमालपुर के काली पहाड़ी पर हजारों सैलानियों का हुजूम उमड़ पड़ा.

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काली पहाड़ी ऊपरी नहर और फिल्टर वॉटर पर परिवार सहित पहुंचे सैलानी, माता यमला काली मंदिर और राधा कृष्ण बलराम मंदिर में की पूजा-अर्चना, प्रतिनिधि, जमालपुर. नववर्ष 2025 के आगमन का जश्न मनाने बुधवार को जमालपुर के काली पहाड़ी पर हजारों सैलानियों का हुजूम उमड़ पड़ा. बुधवार को सुबह से ही कोहरे का प्रकोप बना हुआ था. इस कारण ठंडक में कनकनी थी. बावजूद सैलानियों के उमंग और उत्साह में कोई असर नहीं पड़ा और देर संध्या तक लोगों की भीड़ काली पहाड़ी और उसके आसपास जमी रही. हालांकि, भीड़ को नियंत्रित करने के लिए पुलिस की भी व्यवस्था की गयी थी.

माता यमला काली मंदिर में पूजा कर मांगी मनोकामना

इस वर्ष ऐसा देखा गया कि जितने लोग पिकनिक मनाने पहुंचे थे. उनसे कई गुना अधिक लोग माता यमला काली मंदिर और राधा कृष्ण बलराम मंदिर में पूजा-अर्चना करने पहुंचे. माता यमला काली मंदिर के समीप मनोकामना वृक्ष में हजारों लोगों ने ढीला बांधकर मनोकामना पूर्ण होने की प्रार्थना की. पहाड़ी की तराई में बच्चों के झूले वाले एक दिन पहले से सक्रिय हो गए थे. निकट के मैदाने में पूजा सामग्री के साथ ही नाश्ता पानी की दुकान भी खुली हुई थी. काली पहाड़ी पर स्थित महाभारत कालीन माता यमला काली मंदिर सैलानियों के आकर्षण का केंद्र बना रहा. असम की महिलाओं ने माता के मंदिर में जाकर पूजा अर्चना की और मंदिर के सामने मनोकामना वृक्ष में ढेला बांधकर अपनी मन्नत मांगी. मंदिर के पुजारी अमित कुमार मिश्रा ने बताया कि दिनभर माता के मंदिर में श्रद्धालुओं के आने का सिलसिला बना रहा.

दिन निकलने के साथ बढ़ती गयी सैलानियों की भीड़

वैसे तो मंगलवार की देर रात्रि से ही हवा के साथ ठंड ने वातावरण में कनकनी बढ़ा दी थी. इसके बावजूद बुधवार की सुबह से ही काली पहाड़ी पर श्रद्धालु सैलानियों का पहुंचने का सिलसिला आरंभ हो गया था. मुंगेर की ओर से आने वाली ट्रेन पहुंचने के साथ ही बेगूसराय और खगड़िया से बड़ी संख्या में लोग काली पहाड़ी स्थित माता यमला काली मंदिर दर्शन करने पहुंचने लगे. इस कारण भीड़ बढ़ गयी. एक समय तो ऐसा भी आया जब पहाड़ चढ़ने का सिलसिला भीड़ के कारण रुक गया, फिर भी श्रद्धालुओं ने आपसी तालमेल से आने जाने का रास्ता बनाया. यही कारण था कि दिन निकलने के साथ सैलानियों की भीड़ बढ़ती चली गयी.

काली पहाड़ी क्षेत्र को विकसित करने की सैलानियों ने कही बात

दूर दराज से अथवा दूसरे जिले से पिकनिक या माता का दर्शन करने पहुंचने वाले लोगों ने काली पहाड़ी की प्राकृतिक छटा की सराहना की. बेगूसराय के चक्रधर प्रसाद और भानुमति देवी खगड़िया के जनार्दन प्रसाद मंडल रणवीर सिंह और लखीसराय के प्रदीप कुमार तथा अशोक कुमार ने कहा कि इतनी सुंदर स्थल को विकसित किया जाना चाहिए. काली पहाड़ी महाभारत कालीन धरोहर है. इसलिए सबसे पहले यहां मंदिर तक पहुंचाने के लिए सीढ़ी का निर्माण किया जाना चाहिए. सीढ़ी के दोनों और गार्ड लगाया जाना भी आवश्यक है. नीचे नहर में नौका विहार की सुविधा हो तो यहां तक पहुंचाने के लिए परेशानी नहीं होगी.

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असामाजिक तत्वों ने पहाड़ी की चोटी पर लगाई आग, मची भगदड़

फोटो कैप्शन : 26. पहाड़ी की चोटी पर लगाई आग

जमालपुर. दोपहर में उस समय काली पहाड़ी की चोटी पर रुकने वाले सैलानियों में भगदड़ मच गयी. जब कुछ असामाजिक तत्वों ने वहां आग लगा दी. ईस्ट कॉलोनी थाना अध्यक्ष विपिन कुमार सिंह दलबल के साथ घटनास्थल पर पहुंचे. दूसरी तरफ रेलवे के वाटर फिल्टर प्लांट की पहाड़ी को आरक्षित क्षेत्र घोषित कर प्रवेश निषेध का बोर्ड लगा दिया गया था. इसके बावजूद वहां तैनात रेलवे सुरक्षा बल के जवानों की लापरवाही के कारण उक्त स्थल पर लोगों ने जमकर नव वर्ष का आनंद लिया.

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