शांतिमय व आनंदमय जीवन के लिए आत्मज्ञान प्राप्त करना आवश्यक
Author Anand kumar
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नगर के मारवाड़ी टोला में रामाश्रम सत्संग परिवार, खड़गपुर की ओर से आयोजित दो दिवसीय आध्यात्मिक सत्संग का समापन मंगलवार की रात हुआ.
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दो दिवसीय आध्यात्मिक सत्संग का भजन, प्रवचन और ध्यान के साथ समापन
हवेली खड़गपुर. नगर के मारवाड़ी टोला में रामाश्रम सत्संग परिवार, खड़गपुर की ओर से आयोजित दो दिवसीय आध्यात्मिक सत्संग का समापन मंगलवार की रात हुआ. इस आध्यात्मिक सत्संग में भजन, प्रवचन और ध्यान में अनुयायी शामिल हुए. मौके पर प्रवचनकर्ता विश्व विनायक सिंह ने कहा कि हमारे अंतर्मन को जागृत करना ही जागरण है. जागने की बात संत और महापुरुष करते हैं. उन्होंने कहा कि साधना साध्य नहीं कृपा साध्य है. भय और भरोसा कभी निर्भय होकर नहीं करना चाहिए. ओमप्रकाश मिश्रा ने कहा कि भौतिक ज्ञान और संपदा न जीवन को आनंदमय बनाते हैं और न ही शांतिमय. शांतिमय और आनंदमय जीवन के लिए आत्मज्ञान प्राप्त करना आवश्यक है. हमारे सभी धर्मशास्त्र और परम संत निर्देश देते हैं कि किसी ऐसे महापुरुष की शरण में जाओ जो स्वयं आत्मज्ञानी हो और आत्मज्ञान प्राप्ति का रास्ता बताये. कामेश्वर प्रसाद दास ने कहा कि परम संत चतुर्भुज सहाय जी महाराज ने मानव जीवन के इस सर्वोच्च्य लक्ष्य आत्मज्ञान की प्राप्ति के लिए सरल एवं शीघ्र फलदायक साधना शैली अपने अनुभवों के आधार पर प्रतिपादित किया है. मौके पर महेश साह, शिवशंकर साह, उमेश साह, लाल मोहन साह, शंकर पोद्दार, मनोज पोद्दार, हिमांशु कुमार सिंह, धीरज कुमार, मुकेश कुमार, प्रदीप कुमार, सूरज भारती सैकड़ों सत्संगी मौजूद थे.डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है
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