आंतरिक परीक्षा का दस्तावेज नहीं देने वाले कॉलेजों में अब लगेगा आर्थिक दंड

Updated at : 20 Mar 2026 6:26 PM (IST)
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आंतरिक परीक्षा का दस्तावेज नहीं देने वाले कॉलेजों में अब लगेगा आर्थिक दंड

मुंगेर विश्वविद्यालय द्वारा सत्र 2024-28 स्नातक सेमेस्टर-2 में वैसे विद्यार्थी, जिनके आंतरिक परीक्षा का अंक रिजल्ट पर नहीं चढ़ पाया है.

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प्रति छात्र 300 रुपये या अधिकतम 10 हजार रुपये लेगा विश्वविद्यालय

मुंगेर. मुंगेर विश्वविद्यालय द्वारा सत्र 2024-28 स्नातक सेमेस्टर-2 में वैसे विद्यार्थी, जिनके आंतरिक परीक्षा का अंक रिजल्ट पर नहीं चढ़ पाया है. वैसे विद्यार्थियों का आंतरिक अंक चढ़ाते हुए दोबारा परिणाम घोषित किया जायेगा. वही वैसे कॉलेज, जिनके द्वारा उक्त सत्र में प्रमाणित उपस्थिति पत्रक और आंतरिक परीक्षा का अन्य आवश्यक दस्तावेज विश्वविद्यालय को उपलब्ध नहीं कराया गया है. उनसे आर्थिक दंड के रूप में प्रति विद्यार्थी 300 रुपये या अधिकतम 10 हजार रुपये की राशि विश्वविद्यालय वसूल करेगा. इसके लिए विश्वविद्यालय ने सूचना भी जारी की है.

विश्वविद्यालय की सूचना के अनुसार 11 मार्च को हुए परीक्षा समिति की बैठक के निर्णय के अनुसार स्नातक सेमेस्टर-2 के ऐसे विद्यार्थी, जिनके आंतरिक मूल्यांकन के अंक किसी कारण विश्वविद्यालय पोर्टल पर अपलोड नहीं हो सका है. उनके प्रकरणों में उपलब्ध अभिलेखों के आधार पर आंतरिक अंक स्वीकार करते हुए परिणाम को संशोधित कर दोबारा प्रकाशित किया जायेगा.

विश्वविद्यालय के बैंक खाते में जमा की जायेगी राशि

विश्वविद्यालय की सूचना के अनुसार, वैसे महाविद्यालय जिनके द्वारा विधिवत प्रमाणित उपस्थिति पत्रक एवं अन्य आवश्यक अभिलेख प्रस्तुत नहीं किया गया है. वैसे संबंधित महाविद्यालय/शिक्षक/प्राचार्य से प्रति छात्र प्रति विषय 300 रुपये की दर से या अधिकतम 10 हजार रुपये प्रति विषय तक की राशि विश्वविद्यालय द्वारा वसूल की जायेगी. यह राशि विश्वविद्यालय के बैंक खाते में जमा की जायेगी. राशि जमा करने के बाद उसका भुगतान रसीद/ट्रांजैक्शन रसीद के बिना किसी भी प्रकार की कार्रवाई/परिणाम संशोधन पर विचार नहीं किया जायेगा.

एमयू की अधिसूचना पर ही बड़ा सवाल

एमयू द्वारा वैसे तो छात्रहित में बड़ा निर्णय लिया गया है, लेकिन एमयू के अधिसूचना पर ही बड़ा सवाल खड़ा हो रहा है. अधिसूचना में कहा गया है कि राशि जमा किये जाने के रसीद/ट्रांजैक्शन रसीद के बिना किसी प्रकार की कार्रवाई/परिणाम संशोधन पर विचार नहीं किया जायेगा. ऐसे में यदि कॉलेजों द्वारा राशि नहीं भेजी जाती है, तो इसका खामियाजा भी विद्यार्थियों को ही भुगतना होगा, क्योंकि बिना कॉलेज द्वारा साक्ष्य उपलब्ध कराये उनके परिणाम में संशोधन नहीं किया जायेगा.

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AMIT JHA

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By AMIT JHA

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