यूरिया की कालाबाजारी से किसान परेशान, पांच सौ रुपये तक बिक रहे खाद

Updated at : 05 Jan 2026 7:59 PM (IST)
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यूरिया की कालाबाजारी से किसान परेशान, पांच सौ रुपये तक बिक रहे खाद

गेहूं की फसल में पटवन के बाद किसानों को यूरिया खाद की जरूरत आन पड़ी है. लेकिन असरगंज क्षेत्र में इन दिनों यूरिया खाद की कालाबाजारी से किल्लत बनी हुई है

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असरगंज गेहूं की फसल में पटवन के बाद किसानों को यूरिया खाद की जरूरत आन पड़ी है. लेकिन असरगंज क्षेत्र में इन दिनों यूरिया खाद की कालाबाजारी से किल्लत बनी हुई है. जिसके कारण किसानों को दुकानों का चक्कर लगाना पड़ रहा है और काफी मशक्कत के बाद उंची कीमतों पर यूरिया उपलब्ध हो पा रहा है. ऐसे में किसान परेशान नजर आ रहे हैं. किसानों का कहना है कि सरकारी दर पर यूरिया खाद बाजार में कहीं भी आसानी से नहीं मिल रहा है. स्थिति यह है कि कुछ दुकानदार और बिचौलिये चोरी-छिपे यूरिया खाद 500 रुपये प्रति बोरी तक बेच रहे हैं. जबकि निर्धारित मूल्य इससे कहीं कम है. मजबूरी में किसान अधिक दाम देकर खाद खरीदने को विवश हैं. कई किसानों ने बताया कि वे रोज बाजार का चक्कर लगा रहे हैं, अधिकांश दुकान में ताला लगाकर दुकानदार गायब रह रहे हैं. किसानों का यह भी आरोप है कि संबंधित विभाग की ओर से न तो नियमित आपूर्ति सुनिश्चित की जा रही है और न ही कालाबाजारी पर कोई सख्त कार्रवाई हो रही है. ऐसे में किसानों का आर्थिक शोषण के साथ शारीरिक रूप से भी परेशानी हो रही है. किसानों ने अधिकारियों से मांग की है कि यूरिया की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए और अवैध बिक्री करने वाले दुकानदारों पर कार्रवाई की जाय. मालूम हो कि इन दिनों किसानों ने अपने-अपने खेतों में लगे गेहूं की फसल में दो बार पटवन कर चुके हैं और कहीं पटवन की तैयारी चल रही है. पटवन के बाद किसानों को यूरिया खाद की जरूरत होती है.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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