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Bihar News: स्कूल में कड़ा-रक्षा सूत्र पर लगी रोक, शिक्षिका पर पिटाई का लगा आरोप

Updated at : 16 May 2025 1:57 PM (IST)
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raksha sutra

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Bihar News: अभिभावकों ने स्कूल प्रबंधन पर मारपीट और धार्मिक भेदभाव का आरोप लगाया. मामले की गंभीरता को देखते हुए सर्व शिक्षा अभियान के डीपीओ सुमन कुमार ने स्कूल पहुंचकर जांच की और स्थिति को शांत कराया.

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Bihar News: मुंगेर. बिहार के शहर के टाउन हाई स्कूल में उस समय हंगामा मच गया, जब स्कूल की शिक्षिका द्वारा छात्रों को हाथ में कड़ा या रक्षा सूत्र पहनकर आने से मना करने पर अभिभावकों, बजरंग दल, विश्व हिंदू परिषद और रक्षा वाहिनी के सदस्यों ने स्कूल में प्रदर्शन किया. अभिभावकों ने स्कूल प्रबंधन पर मारपीट और धार्मिक भेदभाव का आरोप लगाया. मामले की गंभीरता को देखते हुए सर्व शिक्षा अभियान के डीपीओ सुमन कुमार ने स्कूल पहुंचकर जांच की और स्थिति को शांत कराया.

पीटी के दौरान छात्रों को दी गयी थी चेतावनी

टाउन हाई स्कूल में पिछले तीन दिनों से छात्रों को कड़ा या रक्षा सूत्र पहनकर स्कूल नहीं आने की हिदायत दी जा रही थी. स्कूल प्रबंधन का कहना था कि कड़ा पहनने से छात्रों के बीच झगड़े के दौरान चोट लगने की आशंका रहती है. 15 मई को पीटी के दौरान कड़ा और रक्षा सूत्र पहने छात्रों को अलग पंक्ति में खड़ा कर अंतिम चेतावनी दी गई. इस बात की जानकारी अभिभावकों तक पहुंची, जिसके बाद दर्जनों अभिभावक, बजरंग दल, वीएचपी, और रक्षा वाहिनी के सदस्य स्कूल पहुंच गए. उन्होंने स्कूल प्रबंधन पर धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने और बच्चों के साथ मारपीट का आरोप लगाते हुए हंगामा शुरू कर दिया.

डीपीओ ने मामले को कराया शांत

अभिभावकों का आरोप था कि स्कूल में बच्चों को कड़ा और रक्षा सूत्र पहनने पर रोक लगाकर उनकी धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाई जा रही है. कुछ अभिभावकों ने दावा किया कि बच्चों के साथ मारपीट भी की गई. दूसरी ओर, प्रभारी प्राचार्य पूनम कुमारी ने इन आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि यह नियम सुरक्षा कारणों से लागू किया गया था, न कि धार्मिक भेदभाव के लिए. उन्होंने बताया कि कड़ा पहनने से बच्चों को चोट लगने का खतरा रहता है और इसी वजह से यह हिदायत दी गई थी. मामले की सूचना मिलने पर सर्व शिक्षा अभियान के डीपीओ सुमन कुमार दोपहर बाद स्कूल पहुंचे. उन्होंने अभिभावकों, शिक्षकों, और छात्रों से बातचीत कर मामले की जांच की. डीपीओ ने दोनों पक्षों को समझा-बुझाकर स्थिति को शांत कराया.

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Ashish Jha

लेखक के बारे में

By Ashish Jha

डिजिटल पत्रकारिता के क्षेत्र में 10 वर्षों का अनुभव. लगातार कुछ अलग और बेहतर करने के साथ हर दिन कुछ न कुछ सीखने की कोशिश. वर्तमान में बंगाल में कार्यरत. बंगाल की सामाजिक-राजनीतिक नब्ज को टटोलने के लिए प्रयासरत. देश-विदेश की घटनाओं और किस्से-कहानियों में विशेष रुचि. डिजिटल मीडिया के नए ट्रेंड्स, टूल्स और नैरेटिव स्टाइल्स को सीखने की चाहत.

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