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सदर अस्पताल ओपीडी में आयुष चिकित्सक देख रहे एक्स-रे व सीटी स्कैन रिर्पोट, लिख रहे दवा

Updated at : 23 May 2024 7:15 PM (IST)
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सदर अस्पताल ओपीडी में आयुष चिकित्सक देख रहे एक्स-रे व सीटी स्कैन रिर्पोट, लिख रहे दवा

ट्रेनिंग करने आये आयुष चिकित्सक ही बने हुये हैं विशेषज्ञ चिकित्सक

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बदहाल स्वास्थ्य व्यवस्था – ट्रेनिंग करने आये आयुष चिकित्सक ही बने हुये हैं विशेषज्ञ चिकित्सक.

मुंगेर. सरकार सदर अस्पताल मुंगेर में बेहतर व गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य व्यवस्थाओं को सुनिश्वित करने के लिए करोड़ों रुपये खर्च कर नये-नये आधारभूत संचरनाओं का निर्माण कर रही है. लेकिन मूलभूत स्वास्थ्य सुविधाओं की बदहाल हालत के बीच यहां ओपीडी में मरीजों का इलाज ट्रेनिंग आयुष चिकित्सक कर रहे हैं. जिनके पास एलोपैथिक दवाओं को लिखने के लिए 6 माह का ट्रेनिंग तक नहीं है. हद तो यह है कि सदर अस्पताल के ओपीडी में आयुष चिकित्सक ही मरीजों का एक्स-रे और सीटी स्कैन रिर्पोट देख रहे और मरीजों को एलोपैथिक दवायें लिख रहे हैं. अब ऐसे में मरीजों को मिलने वाली स्वास्थ्य सुविधाओं का अंदाजा सहज ही लगाया जा सकता है.

आयुष चिकित्सक देख रहे एक्स-रे व सीटी स्कैन रिर्पोट

सदर अस्पताल में वैसे तो ओपीडी संचालन के लिये एमबीबीएस चिकित्सकों की ड्यूटी लगायी जाती है. जिसके लिये डॉक्टर ड्यूटी रोस्टर भी समय-समय पर बनाया जाता है. लेकिन वर्तमान में सुबह ओपीडी शुरू होने के कुछ देर बाद अस्पताल के कई एमबीबीएस चिकित्सक चले जाते हैं. जिसके बाद पूरे ओपीडी का दारोमदार आयुष चिकित्सकों पर ही होती है. जो न केवल मरीजों का इलाज कर रहे हैं, बल्कि गंभीर मरीजों का एक्स-रे व सीटी स्कैन रिर्पोट देखकर उन्हें दवा तक लिख रहे हैं. कई मरीज के परिजन ओपीडी में एक्स-रे व सीटी स्कैन रिर्पोट लेकर पहुंचे थे. जिसे ओपीडी में आयुष चिकित्सकों द्वारा ही रिर्पोट देखकर दवा लिखी गयी. अब ऐसे में जब आयुष चिकित्सक ही एक्स-रे और सीटी स्कैन जैसे गंभीर रिर्पोट देखकर दवा लिख रहे हैं तो स्थिति खुद ही समझी जा सकती है.

आयुष चिकित्सकों के भरोसे ओपीडी

नियमानुसार ओपीडी में हड्डी, सामान्य बीमारी, दंत, महिला रोग, नेत्र आदि में उक्त बीमारियों के विशेषज्ञ चिकित्सकों द्वारा मरीजों का इलाज किया जाना है. लेकिन मार्च माह में मुंगेर को मिले 32 आयुष चिकित्सक, जो अबतक अपने कार्यस्थल आवंटन का इंतजार कर रहे हैं. उनके भरोसे ही ओपीडी का संचालन हो रहा है. हलांकि नियमानुसार होमियोपैथिक, आयुर्वेदिक या अन्य आयुष चिकित्सकों को एलोपैथिक दवा लिखने के लिये 6 माह के ट्रेनिंग कोर्स ही आवश्यकता होती है. लेकिन सदर अस्पताल में वर्तमान में नवनियुक्त आयुष चिकित्सक ही ओपीडी का संचालन कर रहे हैं. हलांकि नेत्र व महिला रोग में विशेषज्ञ चिकित्सक ही मरीजों का इलाज करते हैं. जबकि शेष ओपीडी में आयुष चिकित्सक न केवल मरीजों का इलाज करते हैं, बल्कि सरकार के अतिमहत्वपूर्ण भव्या एप पर बिना ट्रेनिंग प्राप्त किये ही मरीजों का मेडिकल डाटा तक अपलोड कर रहे हैं.

कहते हैं अस्पताल उपाधीक्षक

सदर अस्पताल उपाधीक्षक डॉ रमन कुमार ने बताया की अधिकांश आयुष चिकित्सक पूर्व में भी संविदा पर कई जिलों में कार्यरत रहे हैं. हलांकि ईसीजी, सीटी स्कैन और एक्स-रे जैसे रिर्पोट विशेषज्ञ चिकित्सकों को ही देख कर दवा लिखनी है. इस संबंध में आयुष चिकित्सकों को निर्देश दिया जायेगा कि गंभीर मामलों के मरीजों का रिर्पाेट विशेष चिकित्सकों के पास ही दें.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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