तीसरी बार निर्विरोध पार्षद बनाने के लिए खेला गया खूनी खेल
Author :Prabhat Khabar Digital Desk
Published by :Prabhat Khabar Digital Desk
Updated at :05 Apr 2017 6:21 AM
विज्ञापन

मां को हैट्रिक लगाने के लिए बेटों ने रची थी हत्या की साजिश मुंगेर : नगर निगम चुनाव में वार्ड नंबर 21 की पार्षद फातमा खानम को तीसरी बार निर्विरोध पार्षद बनाने के लिए उनके बेटों ने खूनी खेल की योजना बनायी थी. इसका खुलासा मो महबूब की पत्नी रूकसाना खातुन ने पुलिस को दिये […]
विज्ञापन
मां को हैट्रिक लगाने के लिए बेटों ने रची थी हत्या की साजिश
मुंगेर : नगर निगम चुनाव में वार्ड नंबर 21 की पार्षद फातमा खानम को तीसरी बार निर्विरोध पार्षद बनाने के लिए उनके बेटों ने खूनी खेल की योजना बनायी थी. इसका खुलासा मो महबूब की पत्नी रूकसाना खातुन ने पुलिस को दिये अपने बयान में की है. जिसमें उसने वार्ड पार्षद के दो पुत्रों अतहर इमाम उर्फ जैबु एवं तौसिफ इमाम रिजवी को आरोपित किया है.
इसके बाद पुलिस चुनावी रंजिश मान कर अनुसंधान कर रही है. वैसे भी गिरफ्तार पार्षद पुत्र मो जैबु के मोबाइल कॉल डिटेल्स से यह साबित हो गया है कि घटना में उसकी महत्वपूर्ण भूमिका रही है.
हैट्रिक जीत दिलाने की है चाहत
वार्ड नंबर 21 पूरबसराय कमेला क्षेत्र में मो जैबु एवं रिजवी दोनों भाईयों का दबदबा है. उसकी दबंगता के सामने कोई भी कुछ बोलने को तैयार नहीं है. यही कारण है कि लगातार दो बार से दोनों भाई अपनी मां फातमा खानम को निर्विरोध पार्षद बनवा रहा है. कोई उसके मुकाबले चुनाव खड़ा नहीं होता है. तीसरी बार मुहल्ले के कुछ लोगों ने जब चुनाव में खड़ा होने की रणनीति बनायी तो खूनी खेल प्रारंभ हो गया. पिछले माह एक रणनीति के तहत विरोधियों को परास्त करने के लिए मो मकबुल उर्फ पिंकु के थैला में पिस्तौल व कारतूस रख कर पुलिस से पकड़वा दिया गया. लेकिन पुलिसिया अनुसंधान में वह निर्दोष पाया गया
और षडंयत्र रचने के आरोप में वार्ड पार्षद का पुत्र मो तौसिफ इमाम रिजवी एवं पिस्तौल रखने के मामले में उसके साथी मो शहनवाज के विरुद्ध पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज कर ली. इस घटना के बाद मो पिंकु ने तो चुनाव लड़ने की मंशा को त्याग दिया. लेकिन मो महबुब अपनी पत्नी को चुनाव लड़ाने का निर्णय ले लिया. इसके तहत उसने पूरी रणनीति भी बनायी और फातमा खानम को खुली चुनौती देने को तैयार हुआ. किंतु ज्योंही चुनाव की घोषणा हुई मो जैबु ने पूरी रणनीति के तहत महबूब पर हमला करवा दिया.
मासूम ने झेल लिया दुश्मन का वार
मो महबूब अपने तीन बेटों के साथ मार्निंग वॉक से लौट कर गन्ना का जूस पीने के लिए बाटा चौक पर रुका. तभी घात लगाये मोटरसाइकिल सवार तीन अपराधियों ने उस पर गोलीबारी प्रारंभ कर दी. दुश्मनों का पहला वार मासूम तबरेज ने झेला. उसे दो गोलियां लगी और उसने अस्पताल में दम तोड़ दिया. मासूम ने दुश्मनों का वार झेल कर अपने पिता मो महबूब को जीवन दान दे दिया. वैसे मो महबूब गोली लगने से बुरी तरह घायल है और उसका इलाज पटना में चल रहा.
दोस्त से दुश्मन बन गया फक्कर
महबूब की पत्नी ने मो फक्कर को नामजद अभियुक्त बनाया है. यह वही फक्कर है जिससे महबूब की कभी गहरी दोस्ती थी. हत्या जैसे घटना को भी दोनों ने मिलकर अंजाम दिया. मो सज्जाद हत्याकांड में दोनों जेल भी गये. जेल से निकलने के पास महबूब प्रोपर्टी डिलिंग का काम करने लगा. जेल में बंद फक्कर ने जमीन डिलिंग में नफा होने पर अपने भाई मो इमरान को रुपया लाने के लिए महबूब के पास भेज दिया. लेकिन महबूब पैसा देने से इनकार कर दिया.
इसी रंजिश में महबूब को गोली मार दी गयी. इलाज के बाद उसकी जान बच पायी. लेकिन इस घटना के बाद दोनों दोस्त में दुश्मनी हो गयी. पत्नी ने फक्कर पर भी हत्या का आरोप लगाया है.
प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी
विज्ञापन
लेखक के बारे में
By Prabhat Khabar Digital Desk
यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।
Prabhat Khabar App :
देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए
विज्ञापन










