किसानों को खेती की चिंता
Published by : Prabhat Khabar Digital Desk Updated At : 15 Oct 2016 6:43 AM
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कुछ लोगों ने चिकदह बहियार में मछली मारने को लेकर सैकड़ों एकड़ भूमि की जल निकासी रोक दी है. इससे किसान परेशान हैं. रबी फसल की बुआई का समय नजदीक है. मुंगेर : दुर्गापूजा खत्म होते ही किसान रबी फसल की तैयारी में लग जाते हैं. इसके लिए किसान सबसे पहले अपने खेतों को तैयार […]
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कुछ लोगों ने चिकदह बहियार में मछली मारने को लेकर सैकड़ों एकड़ भूमि की जल निकासी रोक दी है. इससे किसान परेशान हैं. रबी फसल की बुआई का समय नजदीक है.
मुंगेर : दुर्गापूजा खत्म होते ही किसान रबी फसल की तैयारी में लग जाते हैं. इसके लिए किसान सबसे पहले अपने खेतों को तैयार करते हैं. ताकि सही समय पर वे खेतों में फसलों की बुआई कर सकें. किंतु कुछेक लोग अपने स्वार्थ के लिए किसानों को चिंता में डाल रखें हैं. मछली पकड़ने को लेकर सैकड़ों एकड़ भूमि के जल निकासी को रोक दिया गया है, फलत: चिकदह बहियार अब तक जलमग्न है़ वहीं किसान अपने खेतों में पानी को जमा देख खासे परेशान हैं.
सैकड़ों एकड़ भूमि में जमा है पानी: चिकदह बहियार के पूर्वी तथा पश्चिमी भाग के सकड़ों एकड़ कृषि योग्य भूमि में अब तक बाढ़ का पानी जमा हुआ है़ हालांकि यह पानी कब का निकल चुका होता़ किंतु सीताकुंड मंदिर के समीप कुछ बाहुबलियों ने मछली पकड़ने के लिए काफी ऊंचा जलकर (मछली पकड़ने के लिए विशेष प्रकार का बना जाल) लगा कर पानी के बहाव को अवरुद्ध कर दिया है़ जिसके कारण चिकदह बहियार का पानी आगे नहीं निकल पा रहा है़
मछली पकड़ने के लिए पानी को काफी धीरे- धीरे छोड़ा जा रहा है़ जिस रफतार में पानी को छोड़ा जा रहा है, उस रफतार से चिकदह बहियार के पानी को खत्म होते- होते रबी फसल के बुआई का समय ही खत्म हो जायेगा़
बढ़ती जा रही किसानों की परेशानी: अपने खेतों में व्यापक पैमाने पर जल जमाव को देख किसान काफी परेशान हैं.हरदियाबाद निवासी किसान शंकर यादव, हसनपुर निवासी किसान सुनील पासवान, मनोज पासवान सहित अन्य ने बताया कि कुछ बाहुबलियों द्वारा चिकदह बहियार में जमे बाढ़ के पानी को मछली पकड़ने के लिए रोक दिया है़ जिसके कारण बहियार में जमा पानी तेजी से नहीं निकल पा रहा है़ वहीं अब रबी फसल लगाने का समय काफी निकट आ चुका है़ दस दिनों के बाद से लोग अपने खेतों में फसल लगाना शुरु कर देंगे़
किंतु उनके खेत अब तक बाढ़ के पानी से जलमग्न हैं. अभी के अभी यदि जल निकासी कर भी दिया जाये तो खेतों को सूखने में 15 दिन से अधिक का समय लग जायेगा़ जबकि रबी फसल लगाने के सही समय 15 नवंबर से 15 दिसंबर तक माना जाता है़ ऐसे में यदि अविलंब उनके खेतों से जल निकासी नहीं की गयी तो इस बार धान के फसल से तो हाथ धोना ही पड़ा, किंतु अब रबी के फसलों का भी सहारा नहीं रहेगा़
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