फरदा उप-डाकघर में महीनों तक नहीं बंटा डाक, युवाओं का भवष्यि प्रभावित

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फरदा उप-डाकघर में महीनों तक नहीं बंटा डाक, युवाओं का भविष्य प्रभावित लीपापोती में लगा है विभाग फोटो संख्या : 3फोटो कैप्सन : फरदा उप-डाकघर प्रतिनिधि , मुंगेरडाक विभाग भारत सरकार का सबसे महत्वपूर्ण अंग है. जो इस आधुनिक युग में भी अपने महत्व को बरकरार रखे हुए है. लेकिन मुंगेर में विभागीय लापरवाही के […]

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फरदा उप-डाकघर में महीनों तक नहीं बंटा डाक, युवाओं का भविष्य प्रभावित लीपापोती में लगा है विभाग फोटो संख्या : 3फोटो कैप्सन : फरदा उप-डाकघर प्रतिनिधि , मुंगेरडाक विभाग भारत सरकार का सबसे महत्वपूर्ण अंग है. जो इस आधुनिक युग में भी अपने महत्व को बरकरार रखे हुए है. लेकिन मुंगेर में विभागीय लापरवाही के कारण जमालपुर प्रखंड के उप-डाकघर फरदा में महीनों तक डाक का वितरण नहीं हुआ और लोगों के जरूरी कागजात व जानकारी लिफाफा में ही बंद पड़ा रहा. जनशिकायत के बाद जब मामला उजागर हुआ तो अब विभागीय अधिकारी इसे लीपापोती करने में लगे हैं. प्राप्त समाचार के अनुसार फरदा उप डाकघर में महीनों तक डाक आकर रखा रहा. लेकिन उसका वितरण स्थानीय कर्मी द्वारा नहीं किया जा रहा था. इसी क्रम में कुछ युवकों का विभिन्न विभागों द्वारा कॉल लेटर व ज्वाइनिंग लेटर आने की सूचना मिली. लेकिन उनके घरों तक लेटर नहीं पहुंची. जब छानबीन की गयी तो पता चला कि यहां तो महीनों से आने वाला डाक का भी वितरण नहीं हो पा रहा. युवकों ने इसकी शिकायत डाकघर के वरीय अधिकारियों से की गयी. जिसके बाद डाक निरीक्षक राकेश कुमार भास्कर जब जांच के लिए फरदा डाकघर पहुंचे तो पाया गया कि डाक यूं ही पड़ा हुआ है. तत्काल उन्होंने रजिस्टर्ड डाक व स्पीड पोस्ट का मिलान किया और एक-एक घर उसे भिजवाने का प्रबंध किया. बताया जाता है कि लगभग 500 से अधिक रजिस्ट्री एवं स्पीड पोस्ट बिना वितरण के ही पाये गये. स्थानीय उपभोक्ताओं ने बताया कि यह डाकघर हमेशा बंद ही रहता है तथा यहां पदस्थापित डाककर्मी के पुत्र द्वारा डाक बांटने का काम किया जाता है. जिसके कारण अकसर डाक वितरण में मुश्किल आती है. क्यों बनी ऐसे परिस्थिति फरदा उप डाकघर शाखा में दो लोग तैनात थे. पीयूष कुमार को जहां एक वर्ष पहले ही वासुदेवपुर शाखा में प्रतिनियोजित कर दिया गया. फलत: एक मात्र कर्मी सच्चिदानंद मंडल यहां बचे. उनका सारा काम उसके पुत्र द्वारा किया जाने लगा और डाकघर की स्थिति ऐसी बनी कि डाक पैकेट में ही बंद रह गया. लीपापोती करने में लगी विभाग मामला खुल गया तो उप डाकघर में तैनात कर्मी मामले को दबाने में लग गये. एक ओर जहां वासुदेवपुर शाखा में डिप्टेशन पर तैनात कर्मी अपने को बेगुनाह यह कहते हुए बता रहे है कि विभाग ने मुझे यहां भेजा है तो मैं वहां कैसे काम करु. जबकि दूसरा कर्मी सच्चिदानंद विभागीय अधिकारियों को मौखिक जानकारी दी कि वह बीमार चल रहा है. बहरहाल डाक विभाग अपनी बदहाल व्यवस्था को लीपापोती करने में लगी है. कहते हैं डाक इंस्पेक्टर पोस्टल इंस्पेक्टर राकेश कुमार ने बताया कि जब वे जांच में वहां पहुंचे तो रजिस्ट्री और स्पीड पोस्ट पड़ा हुआ था. सारे मामलों की जांच की जा रही है. जो दोषी होगा उसके खिलाफ कार्रवाई की जा रही है. कहते हैं डाक अधीक्षक डाक अधीक्षक जेपी सिंह ने बताया कि यह गंभीर लापरवाही है. इस मामले में डाक निरीक्षक द्वारा रिपोर्ट आने पर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जायेगी.

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