कुत्ते बैठते हैं बेड पर, मरीजों के लिए कनकनाती फर्श
कुत्ते बैठते हैं बेड पर, मरीजों के लिए कनकनाती फर्श कुव्यवस्थाओं के मकड़जाल में फंसा सदर अस्पताल, मरीज हुए बेहालफोटो संख्या : 11,12 फोटो कैप्सन : फर्श पर लेटी महिलाएं एवं बेड पर बैठा कुत्ता प्रतिनिधि, मुंगेरएक पुरानी कहावत है कि ” बड़े-बड़े को टोपी नहीं, कुत्ते को पायजामा ”. यह कहावत इन दिनों सदर […]
कुत्ते बैठते हैं बेड पर, मरीजों के लिए कनकनाती फर्श कुव्यवस्थाओं के मकड़जाल में फंसा सदर अस्पताल, मरीज हुए बेहालफोटो संख्या : 11,12 फोटो कैप्सन : फर्श पर लेटी महिलाएं एवं बेड पर बैठा कुत्ता प्रतिनिधि, मुंगेरएक पुरानी कहावत है कि ” बड़े-बड़े को टोपी नहीं, कुत्ते को पायजामा ”. यह कहावत इन दिनों सदर अस्पताल में सटीक बैठ रही है. यहां ऑपरेशन किये गये मरीजों को फर्श पर लिटाया जा रहा है. किंतु खाली पड़े बेड पर यहां कुत्ते शौक से आराम फरमाते नजर आते हैं. जिसे देखने वाले शायद कोई नहीं हैं. हाल यह है कि सदर अस्पताल दिन-प्रतिदिन कुव्यवस्थाओं के मकड़जाल में फंसते ही जा रहा है.ऑपरेशन के बाद फर्श पर लेटाये गये रोगी सदर अस्पताल में मंगलवार को कुल 9 महिलाओं का बंध्याकरण किया गया. सभी मरीजों को ऑपरेशन के उपरांत डेंगू वार्ड में कनकनाती फर्श पर भाड़े के गद्दे पर लिटा दिया गया. जिस पर एक चादर तक भी नसीब नहीं. मालूम हो कि महिला सर्जिकल वार्ड व महिला मेडिकल वार्ड में दर्जन भर से अधिक बेड खाली पड़े हुए हैं. बावजूद बंध्याकरण किये गये मरीजों को इस ठंड में अपने हाल पर छोड़ दिया गया. बेड पर आराम करते हैं आवारा कुत्तेसदर अस्पताल में मरीजों को बेड मिले न मिले, किंतु आवारा कुत्तों को आराम फरमाने के लिए प्राय: खाली बेड मिल जाता है. जिस पर शायद अस्पताल प्रबंधन की निगाह नहीं जा पा रही. अस्पताल में मरीजों के बेड पर कुत्तों का पाया जाना अब आम बात हो गयी है. किंतु यदि मरीजों को बेड उपलब्ध कराने की बात हो तो यहां के अधिकारी सहजता से ही यह कह देते हैं कि बेड खाली ही नहीं है.कहते हैं अस्पताल उपाधीक्षकअस्पताल उपाधीक्षक डॉ राकेश कुमार सिन्हा ने कहा कि अस्पताल में बेड खाली नहीं रहने के कारण बंध्याकरण किये गये महिलाओं के लिए फर्श पर ही गद्दा लगा दिया गया.
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