ठंड से ठिठुर रहे लोग, गरीबों को नहीं मिला कंबल

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ठंड से ठिठुर रहे लोग, गरीबों को नहीं मिला कंबल पेज 3 का लीड फुटपाथ पर रात गुजारने वाले गरीब कर रहे त्राही-त्राही फोटो संख्या : 16,17फोटो कैप्सन : अलाव के सहारे रिक्शा चालक व ठंड में ठिठुरते फुटपाथ पर रहने वाले प्रतिनिधि, मुंगेर दिन में धूप एवं रात में ठिठुरन भरी कनकनी से शहरवासी […]

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ठंड से ठिठुर रहे लोग, गरीबों को नहीं मिला कंबल पेज 3 का लीड फुटपाथ पर रात गुजारने वाले गरीब कर रहे त्राही-त्राही फोटो संख्या : 16,17फोटो कैप्सन : अलाव के सहारे रिक्शा चालक व ठंड में ठिठुरते फुटपाथ पर रहने वाले प्रतिनिधि, मुंगेर दिन में धूप एवं रात में ठिठुरन भरी कनकनी से शहरवासी परेशान हैं. खासकर फुटपाथ पर रहने वाले व रिक्शा-ऑटो चला कर जीवनयापन करने वाले लोग त्राही-त्राही कर रहे. खुले आसमान के नीचे किला क्षेत्र में आयुक्त कार्यालय के पिछले दीवार से सट कर दर्जनों परिवार रात गुजार रहे हैं. लेकिन इन्हें अबतक कोई राहत नहीं मिली है. मुंगेर में सोमवार का तापमान न्यूनतम 9 डिग्री व अधिकतम 18 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया. दिन में गुनगुने धूप से लोगों ने राहत की सांस ली. लेकिन शाम होते ही कनकनी बढ़ गयी. यूं तो अन्य वर्षों की अपेक्षा इस बार ठंड से लोगों को राहत है क्योंकि अमूमन जनवरी के प्रथम सप्ताह में शीतल लहर का प्रकोप व कड़ाके की ठंड पड़ती थी. लेकिन ग्लोबल वार्मिंग के कारण अन्य वर्षों की अपेक्षा इस बार तापमान सामान्य ही रह रहा. बावजूद रात की कनकनी ने लोगों को परेशान कर रखा है. खासकर मजदूर वर्ग व रिक्शा-ऑटो चलाने वाले लोग इससे अधिक प्रभावित हैं. फुटपाथ पर रहने वाले सुगवा देवी, मनोरमा देवी, आशा व सोहन मेहतर ने कहा कि उन लोगों का तो अपना कोई घर नहीं है. दिन भर इधर-उधर काम कर लाते हैं और रात को खुले आसमान एवं पेड़ के नीचे गुजारते हैं. ये लोग अपने बच्चों के साथ सड़क किनारे ही रात गुजार रहे हैं. अबतक प्रशासनिक स्तर पर इनके लिए कोई व्यवस्था नहीं की गयी है. इन्हें न तो अलाव की सुविधा मिल रही और न ही कंबल मिल रहा. अलबत्ता प्रशासनिक अधिकारियों का कहना है कि ठंड का प्रकोप अभी उतना नहीं है कि कंबल बांटा जाय. बहरहाल ये गरीब भगवान भरोसे ही ठंड से जंग लड़ रहे. —————————-बॉक्स—————————ठंड में कुत्ता व रोगी एक साथ फोटो संख्या : 15 फोटो कैप्सन : रोगी के बेड पर बैठा कुत्ता मुंगेर : ठंड का प्रभाव सदर अस्पताल में साफ झलकता है. जहां वार्ड के आधे से अधिक बेड खाली हैं. वहीं जिस वार्ड में रोगी भरती है उसी वार्ड के बेड पर कुत्ता भी रात गुजार रहा. सोमवार की देर शाम सदर अस्पताल के पुरुष सर्जिकल वार्ड 2 का नजारा कुछ ऐसा ही था. जहां कुत्ता व रोगी के एक ही वार्ड में रात गुजार रहे थे. यहां तक कि कई रोगियों को अस्पताल प्रशासन द्वारा कंबल भी उपलब्ध नहीं कराया गया था. सदर प्रखंड के हरदियाबाद निवासी बनवारी शर्मा को आज ही सीने में दर्द व अन्य तकलीफ के कारण भरती किया गया था. उन्होंने बताया कि उन्हें कंबल तक नहीं मिला है. जब नर्स मैडम से कंबल के लिए विनती की तो उन्होंने कहा कि कंबल गंदा है अभी नहीं मिलेगा. अब इस ठंड में क्या करें. बगल के बेड पर कुत्ता भी ठंड से बचने के लिए कुकुर रहा था. यह बात अलग है कि वार्ड में भरती रोगी कुत्ते को नहीं भगा रहा था. लेकिन रोगी के बेड पर कुत्ता उनके लिए कितना संक्रामक व घातक हो सकता है शायद उन्हें पता भी नहीं.

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