लाइसेंसी हथियार बना बारात में स्टेटस सिंबल, जा रही जानें

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लाइसेंसी हथियार बना बारात में स्टेटस सिंबल, जा रही जानें फोटो इमेजिंग लगाना है प्रतिनिधि , मुंगेर जान पर आफत बता कर लोग हथियार का लाइसेंस प्राप्त करते हैं तथा सरकार भी व्यक्ति विशेष को जान-माल की सुरक्षा के लिए आग्नेयास्त्र की अनुज्ञप्ति देती है. लेकिन हथियार इन दिनों स्टेटस सिंबल बन गया और खुले […]

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लाइसेंसी हथियार बना बारात में स्टेटस सिंबल, जा रही जानें फोटो इमेजिंग लगाना है प्रतिनिधि , मुंगेर जान पर आफत बता कर लोग हथियार का लाइसेंस प्राप्त करते हैं तथा सरकार भी व्यक्ति विशेष को जान-माल की सुरक्षा के लिए आग्नेयास्त्र की अनुज्ञप्ति देती है. लेकिन हथियार इन दिनों स्टेटस सिंबल बन गया और खुले आम इसका प्रदर्शन हो रहा. खास कर शादी-विवाह के मौके पर जिस प्रकार इन हथियारों का प्रदर्शन हो रहा उससे जाने भी जा रही है. पिछले तीन दिनों के अंदर जिले में शादी-विवाह के मौके पर दो स्थानों पर ऐसी गोलियां चली कि एक शिक्षक की जहां जान चली गयी. वहीं एक अन्य युवक जिंदगी और मौत से जूझ रहा है. अलबत्ता यह कि दूसरे मामले में पुलिस ने कोई रिपोर्ट तक दर्ज नहीं की है. बताया जाता है कि 6 दिसंबर को हवेली खड़गपुर प्रखंड से एक बरात शहर के बड़ी बाजार आयी थी. लोग प्रचलन के अनुसार हथियार लेकर पहुंचे और शराब के नशे में धुत होकर फायरिंग भी की. इसी दौरान एक युवक का किसी बात को लेकर हथियार वाले भाई साहब से कहा-सुनी हो गयी और हथियार वाले भाई साहब ने अपना अपमान समझते हुए युवक पर तीन गोलियां दाग दी. गोली चलते ही बरात में भगदड़ मच गयी और लोग जान बचा कर इधर-उधर भागने लगे. तत्काल ही घायल युवक को वाहन पर लाद कर भागलपुर ले जाया गया और वह युवक भागलपुर में जिंदगी-मौत से जूझ रहा है. लेकिन आज तक इस मामले में पुलिस ने कांड तक दर्ज नहीं किया. इधर 7 दिसंबर को सफियासराय ओपी क्षेत्र के फरदा गांव में शादी समारोह में जम कर लाइसेंसी हथियारों का प्रदर्शन किया गया. बंदूक से छूटी एक गोली कन्या मध्य विद्यालय शिवकुंड के सहायक शिक्षक अरविंद पासवान की जिंदगी लील ली. इन दो घटनाओं को देखने से लगता है कि आज शादी-विवाह हो या किसी खुशी का माहौल सभी में लाइसेंसी हथियार का प्रदर्शन आम बात हो गयी. इन समारोह में शराब पीना भी आम बात है. अधिकांश लोग शराब के नशे में रहते हैं और उसका नियंत्रण खुद के मन-मस्तिष्क पर नहीं रह जाता है. यहीं कारण है कि खुशी का माहौल पूरी तरह मातम में बदल रहा है. यदि इस पर नियंत्रण नहीं लगा तो दिन प्रतिदिन स्थिति खराब ही होगी.

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