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जिले में 64 अतिक्रमित संरचनाओं में से 63 को कराया अतिक्रमण मुक्त

Updated at : 06 Jan 2026 7:07 PM (IST)
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जिले में 64 अतिक्रमित संरचनाओं में से 63 को कराया अतिक्रमण मुक्त

जल जीवन हरियाली दिवस पर मंगलवार को समाहरणालय स्थित संवाद कक्ष में उप विकास आयुक्त अजीत कुमार सिंह की अध्यक्षता में कार्यक्रम का आयोजन किया गया

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जल जीवन हरियाली दिवस से संबंधित योजनाओं के क्रियान्वयन पर हुई चर्चा मुंगेर जल जीवन हरियाली दिवस पर मंगलवार को समाहरणालय स्थित संवाद कक्ष में उप विकास आयुक्त अजीत कुमार सिंह की अध्यक्षता में कार्यक्रम का आयोजन किया गया. जिसमें जल जीवन हरियाली से संबंधित विभिन्न योजनाओं के क्रियान्वयन पर चर्चा हुई. इस दौरान विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद थे. उप विकास आयुक्त ने बताया कि राज्य के भूमिगत जल स्तर को बढ़ाने-बनाए रखने व जलवायु संरक्षण के उद्देश्य से राज्य सरकार ने दो अक्टूबर 2019 को जल-जीवन हरियाली अभियान की शुरूआत की. यह एक जनोपयोगी व महत्वाकांक्षी कार्यक्रम है. जिसका उद्देश्य परम्परागत सार्वजनिक जल संचयन संरचनाओं का संरक्षण व जीर्णोद्धार कराना, प्राकृतिक सम्पदा व पर्यावरण को प्रदुषणमुक्त रखना, भू-जल स्तर को बढ़ाना व बनाए रखना, सिंचाई व दैनिक उपयोग के कार्यों के लिए पर्याप्त जल की उपलब्धता सुनिश्चित कराना, उर्जा संरक्षण तथा जलवायु संरक्षण हेतु जागरूकता को बढ़ावा देना है. उन्होंने कहा कि जल-जीवन हरियाली अभियान के तहत जिले में 64 अतिक्रमित संरचनाओं में से 63 संरचनाओं को अतिक्रमण मुक्त करा लिया गया है. चयनित 1024 जल संरचना यथा तालाब, आहर, पईन का जीर्णोद्धार, मनरेगा, लघु जल संसाधन एवं नगर इकाई द्वारा कुल 1001 कार्य पूर्ण करा लिया गया है. 1503 सार्वजनिक कुओं में पीएचईडी, पंचायती राज विभाग व नगर इकाई द्वारा 1038 कुओं का जीर्णोद्धार का कार्य पूर्ण किया गया है. मनरेगा एवं नगर इकाई द्वारा कुल 7174 सार्वजनिक चापाकलों के किनारे सोख्ता का निर्माण कराया गया है. जबकि पीएचईडी, पंचायत राज विभाग एवं नगर इकाई द्वारा 1013 कुओं के किनारे सोख्ता का निर्माण कार्य कराया गया है. मनरेगा, वन विभाग, कृषि विभाग, पंचायती राज विभाग एवं लघु जल संसाधन विभाग द्वारा 991 चेकडैम तथा 1014 खेत-पोखरी का कार्य पूर्ण करा लिया गया है. इसके अतिरिक्त कुल 160 सरकारी भवनों में छत वर्षा जल संचयन का कार्य पूर्ण कराया गया है. उन्होंने कहा कि ग्रामीण विकास विभाग द्वारा मनरेगा से जिले में 518800 पौधे लगाए गए हैं तथा पर्यावरण, वन व जलवायु परिवर्तन विभाग द्वारा 1992600 पौधे लगाए गए हैं. कुल कृषि योग्य भूमि 218399.85 एकड़ में से 4239 एकड़ भूमि पर जैविक खेती की जा रही है तथा 596.7 एकड़ भूमि पर टपकन विधि से सिंचाई की जा रही है. साथ ही 5787.36 एकड़ भूमि में मौसम अनुकूल खेती किया जा रहा है. उन्होंने बताया कि 168 सरकारी भवनों में सोलर प्लांट लगाया गया है.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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RANA GAURI SHAN

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