झांकियों में छाया रहा बिहार विधानसभा चुनाव का मुद्दा

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झांकियों में छाया रहा बिहार विधानसभा चुनाव का मुद्दा जुबलीवेल पर सुबह तक पहुंचती रही प्रतिमाएंफोटो संख्या : 12-17 फोटो कैप्सन : प्रतिमा विसर्जन में निकली झांकी प्रतिनिधि , जमालपुरलौहनगरी जमालपुर में शारदीय नवरात्रि शनिवार को प्रतिमाओं के विसर्जन के साथ संपन्न हो गया. जमालपुर की प्रतिमा विसर्जन की शोभा यात्रा को लेकर जुबली वेल […]

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झांकियों में छाया रहा बिहार विधानसभा चुनाव का मुद्दा जुबलीवेल पर सुबह तक पहुंचती रही प्रतिमाएंफोटो संख्या : 12-17 फोटो कैप्सन : प्रतिमा विसर्जन में निकली झांकी प्रतिनिधि , जमालपुरलौहनगरी जमालपुर में शारदीय नवरात्रि शनिवार को प्रतिमाओं के विसर्जन के साथ संपन्न हो गया. जमालपुर की प्रतिमा विसर्जन की शोभा यात्रा को लेकर जुबली वेल चौक पर हजारों श्रद्धालु नर नारी रात भर डटे रहे. इस दौरान जुबली वेल चौक पर जन सैलाब उमड़ पड़ा. डंके की चोट तथा माता की जयकारा से क्षेत्र गंुजायमान होता रहा. डंके की चोट पर नौजवानों ने पारंपरिक युद्ध कौशल का प्रदर्शन किया. इस बीच लगभग दो दर्जन प्रतिमाओं की ट्रालियों की सजावट श्रद्धालुओं के आकर्षण का केंद्र बना रहा. जमालपुर की विश्व विख्यात शोभायात्रा का श्रेय इन्हीं ट्रालियों को जाता है. जिसमें सम सामयिक घटना चक्र तथा सामाजिक बुराइयों को कुशल कारीगरों द्वारा बिजली के छोटे छोटे बल्व के जरिये उकेरा जाता है. राजनीतिक घटनाक्रम पर आधारितइस बार हाल ही में विधानसभा चुनाव संपन्न होने के कारण राजनीतिक झांकियों को शोभा यात्रा में शामिल किया गया था. एक काली की ट्रॉली में पूछा गया था कि बिहार का विकास कौन करेगा. चुनाव संपन्न होने के साथ संदेश था कि जनता की राय गुप्त रखी गई है. दलहट्टा की ट्रॉली में ” जंग जबरदस्त है, बिहार चुनाव में ” थीम पर गठबंधन तथा महागठबंधन के वादों के बौछार पर सवाल था कौन बनेगा बिहार का मुख्यमंत्री. जवाब भी लिखा था आर या पार. बड़ी आशिकपुर की टॉली में भी यही प्रश्न था अबकी बार किसका बिहार. साथ ही जनता की आवाज को भी उठाया गया था ” एक बार विकास होतैय त हमरा पुछतै कोय ”. एक ट्रॉली में ” बिगड़े बोल झूठी शान भोली भाली जनता परेशान. नेता जी का यही है फंडा कहीं पे पैसा कहीं पे डंडा ” लिख कर वर्तमान परिप्रेक्ष्य को छूने का प्रयास किया गया था. . वहीं ”बिहार की है ये हुंकर अबकी बार किसकी सरकार. राम रहीम अपना बिहार का है सपना ” अपना अलग संदेश दे रहा था. इस्ट कॉलोनी के एक ट्रॉली में लिखा था ” देश में महंगाई बढ़ता गया कपड़ा जिस्म से घटता गया ” . धर्म के माया जाल में शिकंजे में साधु तथा कलियुग की राधा का जिक्र करते हुए भारतीय परिधान की वकालत की गई थी. 1965 के शहीदों को नमन करते हुए अब्दुल हमीद, प्रेम पाल सिंह, पदमनभ गौतम तथा विलियम मैकडोनल्ड को याद किया गया था.मारवाड़ी दुर्गा स्थान की ट्रॉली में भारत का विश्व में बढ़ते प्रभाव को दिखाया गया था. कहा गया था कि बहुत कुछ बाकी है. बेटी बचाने का दिल को छू लेने वाली झांकी को लोगों ने खूब सराहा.

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