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जनवरी के नौ दिनों में बर्न के आये 14 मामले, दो की मौत

Updated at : 10 Jan 2026 6:36 PM (IST)
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जनवरी के नौ दिनों में बर्न के आये 14 मामले, दो की मौत

एक ओर जहां लोग शीतलहर और हाड़ कंपा देने वाली ठंड से परेशान हैं. वहीं सदर अस्पताल में इस बीच बर्न के मामले भी काफी तेजी से बढ़ते जा रहे.

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मुंगेर. एक ओर जहां लोग शीतलहर और हाड़ कंपा देने वाली ठंड से परेशान हैं. वहीं सदर अस्पताल में इस बीच बर्न के मामले भी काफी तेजी से बढ़ते जा रहे. अस्पताल में जनवरी माह के केवल नौ दिनों में ही जहां बर्न के कुल 14 मामले आ चुके हैं. वहीं इस दौरान इलाज के दौरान बर्न केस के दो मरीजों की मौत भी हो चुकी है. इसके अतिरिक्त ठंड के कारण अस्पताल में फूड प्वाइजनिंग, दस्त व डायरिया के मामले भी काफी बढ़ गये हैं.

आग तापने के दौरान झुलस रहे लोग

शीतलहर और कंपकंपाती ठंड से बचने के लिए लोगों के लिए सबसे सुलभ साधन आग तापना है, लेकिन इसमें जरा सी लापरवाही लोगों के जान को भी खतरे में डाल सकती है, क्योंकि आग तापने के दौरान ठंड के दिनों में आग की चपेट में आकर अक्सर लोग झुलस जा रहे हैं. इसका अंदाजा केवल इसी बात से लगाया जा सकता है कि शीतलहर और बेतहासा ठंड के बीच अस्पताल में बर्न के मामले बढ़ गये हैं. जनवरी माह के नौ दिनों में ही सदर अस्पताल में बर्न के कुल 14 मामले आ चुके हैं. जिसमें से दो की मौत भी इलाज के दौरान हो चुकी है. इसमें चंदनबाग निवासी 90 वर्षीय रामरती देवी की मौत जलने के कारण चार जनवरी को हो गयी. वहीं मय तौफिर निवासी 70 वर्षीय रेणुका देवी की मौत छह जनवरी को हो गयी.

बढ़े फूड प्वाइजनिंग, दस्त के मामले

पिछले एक पखवाड़े से पड़ रहे बेतहासा ठंड के कारण सदर अस्पताल में न केवल बर्न के मामले बढ़े हैं, बल्कि इसके कारण फूड प्वाइजनिंग और दस्त के मामले भी बढ़ गये हैं. फूड प्वाइजनिंग अर्थात दूषित भोजन या पानी के कारण बीमार हाेकर चार मरीज इलाज के लिए पहुंच चुके, जबकि इन नौ दिनों में जहां दस्त व डायरिया के कुल 31 मरीज इलाज के लिए भर्ती हुए हैं. वहीं इस दौरान सांस की तकलीफ के कुल 11 मरीज इलाज के लिए भर्ती किये गये. शीतलहर और ठंड के कारण सदर अस्पताल के ओपीडी में भी मरीजों की संख्या काफी बढ़ गयी है.

ठंड में बचाव ही सबसे बेहतर विकल्प

सदर अस्पताल के चिकित्सक डॉ रमन कुमार ने बताया कि ठंड के दिनों में लोग आग सेंकते हैं. ऐसे में थोड़ी सी लापरवाही से लोग आग की चपेट में आकर झुलस जाते हैं, इसलिए जरूरी है कि आग सेंकते समय सावधानी बरतें. इसके अतिरिक्त ठंड के दिनों में भोजन पचने में परेशानी होती है, जिससे कई बार बासी भोजन करने से फूड प्वाइजनिंग या दस्त की शिकायत होती है. ठंड के समय हमेशा गर्म खाना और पानी उपयोग करें. साथ ही ठंड में घर से बाहर निकलें तो हमेशा खुद को ढक कर रखें.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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RANA GAURI SHAN

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By RANA GAURI SHAN

RANA GAURI SHAN is a contributor at Prabhat Khabar.

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