प्रमंडलीय आयुक्त ने की जल जीवन हरियाली योजना की समीक्षा

By Prabhat Khabar Digital Desk
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मुंगेर : प्रमंडलीय आयुक्त वंदना किनी ने गुरुवार को जिले के पदाधिकारियों के साथ जल जीवन हरियाली को लेकर समीक्षा बैठक की. जिसमें जलस्त्रोतों यथा पोखर, नहर, कुंआ, पैन, आहार को अतिक्रमण मुक्त की अद्यतन स्थिति पर प्रकाश डालते हुए सभी जिला पदाधिकारियों ने आकड़े रखे. मुंगेर जिला पदाधिकारी राजेश मीणा ने बताया कि जिले के अतिक्रमित जल निकायों के विभिन्न स्रोत जैसे चापाकल, कुंआ, सोख्ता, चैकडेम, आहर पैन की समीक्षात्मक विवरणी दी.

उन्होंने बताया कि 31 दिसम्बर 2019 तक सभी को अतिक्रमण मुक्त भी कर दिया जायेगा. एक एकड़ से कम वाले जल निकायों का सुदृढ़ीकरण ग्रामीण विकास विभाग द्वारा किया जायेगा. जबकि एक एकड़ अधिक जल निकाय का विकास लघु सिंचाई विभाग द्वारा किया जायेगा.
आयुक्त ने निर्देश दिया कि सभी निकायों की विकास के लिए अभी से प्राक्कलन तैयार कर लें. प्रत्येक प्रखंड में दो-दो कुएं का जीर्णोद्धार पीएचईडी द्वारा किया जायेगा. आयुक्त ने सभी जिला पदाधिकारी एवं उपविकास आयुक्त को निर्देश दिया कि स्वयं इन निकायों का स्थल निरीक्षण करेंगे और वन विभाग से पौधों का आकलन कर इनकी मांग कर लें. उन्होंने मुख्य रूप से नीम, पीपल एवं फलदार वृक्ष लगाने का निर्देश दिया. जैविक खेती एवं सौर ऊर्जा प्रोत्साहन पर विशेष ध्यान देने की बात कही गयी.
सौर ऊर्जा प्लांट के लिए ब्रेडा से मांग करने का निर्देश दिया गया. बेगूसराय के सुप्रसिद्ध कांवर झील के वर्तमान दयनीय स्थिति पर प्रमंडलीय सहायक कंजरवेटर को निर्देश दिया गया कि वन प्रमंडल पदाधिकारी बेगूसराय से स्पष्टीकरण की पृच्छा करें. सरकारी भवन परिसर में वाटर हार्वेस्टिंग, सोख्ता निर्माण की भी समीक्षा की गयी.
शहरी क्षेत्रों में जल निकासी के लिए नगर निकायों के साथ समीक्षा की जायेगी. कुएं के जीर्णोद्धार में उन्होंने सुरक्षा के दृष्टि से कुएं के ऊपर जाली लगाने का निर्देश दिया. बैठक में आयुक्त के सचिव राम अनुग्रह नारायण सिंह, सभी उप विकास आयुक्त, प्रमंडलीय संयुक्त निदेशक कृषि, अधीक्षण अभियंता लघु सिंचाई, सभी कार्यपालक अभियंता पीएचइडी मुख्य रूप से मौजूद थे.
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