सिर्फ खाद्यान्न की मिली राशि, बर्तन व कपड़े के लिए करना होगा इंतजार

Updated at : 26 Mar 2019 7:11 AM (IST)
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सिर्फ खाद्यान्न की मिली राशि, बर्तन व कपड़े के लिए करना होगा इंतजार

मुंगेर : आपदा को लेकर सरकार के निर्देश भले ही सख्त हों, किंतु प्रशासनिक उदासीनता का दंश झेलना आपदा पीड़ितों की नीयति बन चुकी है. हाल यह है कि कुतलुपुर पंचायत में रविवार को हुई अगलगी की घटना के 24 घंटे बाद तक जहां पीड़ित परिवारों की फाइनल सूची तक तैयार नहीं हो पायी थी. […]

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मुंगेर : आपदा को लेकर सरकार के निर्देश भले ही सख्त हों, किंतु प्रशासनिक उदासीनता का दंश झेलना आपदा पीड़ितों की नीयति बन चुकी है. हाल यह है कि कुतलुपुर पंचायत में रविवार को हुई अगलगी की घटना के 24 घंटे बाद तक जहां पीड़ित परिवारों की फाइनल सूची तक तैयार नहीं हो पायी थी.

वहीं टीकारामपुर पंचायत में सूची तैयार होने के बावजूद अग्निपीड़ितों को किस्तों में राहत उपलब्ध कराया जा रहा है. हाल यह है कि पीड़ितों के बीच फिलहाल खाद्यान्न की राशि तो उपलब्ध करा दी है, किंतु उसे बर्तन व कपड़ों के लिए इंतजार करना होगा.

पीड़ितों को राहत उपलब्ध कराने में प्रशासन उदासीन

टीकारामपुर के काजो महतो टोला में शनिवार की रात हुई भीषण अग्निकांड की घटना में सदर प्रखंड के अंचलाधिकारी दिव्य राज गणेश ने रविवार को 35 परिवारों के घर जले होने की बात स्वीकारी थी.

किंतु सोमवार को उन्होंने बताया कि टीकारामपुर पंचायत में सिर्फ 16 परिवारों का ही घर जला है तथा वहां के सभी पीड़ित परिवारों को तत्काल खाद्यान्न के लिए 3 हजार रुपये प्रति परिवार राशि उपलब्ध करा दी गयी है. वहीं कुतलुपुर पंचायत के शिवराम चौधरी टोला में रविवार को हुई अगलगी की घटना में पीड़ित परिवारों की सूची सोमवार को भी फाइनल नहीं हो पायी थी.

इस संबंध में अंचलाधिकारी ने बताया कि कुतलुपुर में अभी पीड़ितों के बीच राहत के तौर पर फिलहाल खाद्यान्न के लिए 3 हजार रुपये प्रति परिवार वितरण किया जा रहा है. राशि वितरण के बाद ही पता चल पायेगा कि पीड़ित परिवारों की संख्या कितनी है.

किस्तों में उपलब्ध करायी जा रही राहत की राशि

सदर प्रखंड के टीकारामपुर तथा कुतलुपुर पंचायत में अग्निपीड़ितों के बीच किस्तों में राशि उपलब्ध करायी जा रही है. वैसे तो सरकार के निर्देशानुसार भीषण अग्निकांड की स्थिति में वहां पर स्थिति सामान्य होने तक विशेष राहत शिविर चलाये जाने का प्रावधान है.

किंतु प्रशासनिक स्तर पर पीड़ितों को किस्तों में राहत उपलब्ध कराया जा रहा है. नियमानुसार अग्निपीड़ित परिवारों को खाद्यान्न, बर्तन, कपड़े तथा क्षति घरों का आकलन कर उसका भुगतान किया जाना है.

किंतु फिलहाल पीड़ितों को सिर्फ खाद्यान्न के लिए ही राशि उपलब्ध करायी गयी है. सवाल उठता है कि बिना बर्तन के पीड़ित परिवार कैसे भोजन पकायेंगे और कैसे भोजन करेंगे. इतना ही नहीं शरीर में पहने हुए एक ही कपड़े को पीड़ित परिवार कब तक पहने रहेंगे.

दिव्यांग बच्चों के अभिभावकों को दिया प्रशिक्षण

टेटिया बंबर. प्रखंड क्षेत्र के संकुल संसाधन केंद्र वनगामा में सोमवार को बिहार शिक्षा परियोजना प्रभाग अंतर्गत दिव्यांग बच्चों के अभिभावकों के लिए संकुल स्तरीय एक दिवसीय गैर आवासीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया.

प्रशिक्षक रंजीत बहादुर पटेल, धनंजय मंडल, संजीव कुमार ने बताया कि नि:शक्त बच्चों को समाज की मुख्यधारा से जोड़ने, बच्चों के अभिभावक की भूमिका, नि:शक्त बच्चों का विद्यालय में शत प्रतिशत नामांकन व उपस्थिति सुनिश्चित करने के संबंध में विस्तारपूर्वक चर्चा की गयी.

वहीं पाठ्य सहगामी क्रिया को बढ़ावा देने के लिए सामान्य बच्चों व नि:शक्त बच्चे बिना भेदभाव के एक साथ खुशनुमा माहौल में शिक्षा ग्रहण करना एवं खेल सहित अन्य गतिविधियों के बारे में विस्तारपूर्वक चर्चा की गयी.

वहीं नि:शक्त बच्चों से संबंधित उपकरणों के बारे में पूर्ण जानकारी अभिभावकों को दी गयी. मौके पर संकुल समन्वयक दिलीप कुमार, प्रधानाध्यापक कुमार देवानंद, प्रशिक्षु रविंद्र कुमार, नरेश पाठक, रामबिलास मंडल, मोती लाल यादव, ललिता देवी, सुनीता देवी सहित दर्जनों लोग उपस्थित थे.

सड़क दुर्घटना में दो जख्मी

टेटिया बंबर. गंगटा-खड़गपुर मुख्य मार्ग के मिल्की गांव के समीप संतुलन बिगड़ने से बाइक सवार खड़गपुर निवासी मो खुशी आलम एवं मो अफजल गंभीर रूप से घायल हो गये. दोनों का प्राथमिक उपचार गंगटा प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में कराया गया.

जहां से चिकित्सकों ने दोनों को खड़गपुर अनुमंडलीय अस्पताल भेज दिया. गंगटा थानाध्यक्ष नीरज कुमार ठाकुर ने बताया कि वे लोग जानवर का व्यापार करते थे. पुलिस के सहयोग से अनुमंडल अस्पताल भेजा गया.

हत्या के मामले में दो आरोपित को किया गिरफ्तार

धरहरा. क्षेत्र के नक्सल प्रभावित लड़ैयाटांड़ थाना अंतर्गत गोपालीचक गांव में डायन बता कर दो महिलाओं की हत्या के मामले में दो आरोपियों कोयलो देवी व मनोज मांझी को पुलिस ने गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है.

लड़ैयाटांड़ थानाध्यक्ष मंटू कुमार सिंह ने बताया कि 24 फरवरी को हुए हत्याकांड में एक मार्च को कुल दस आरोपियों में मुख्य आरोपित साधो मांझी समेत पांच को गिरफ्तार कर लिया गया था. बांकी पांच आरोपियों में दो को पुनः गिरफ्तार कर जेल भेजा गया है व तीन अन्य को शीघ्र ही गिरफ्तार कर लिया जाएगा.

मालूम हो कि डायन बता कर गोपालीचक निवासी कपूर्वा व प्रमिला देवी की गांव के ही साधो मांझी समेत दस अन्य ने पीट-पीट कर हत्या कर दी थी और शवों को खोपावर पहाड़ी नदी के किनारे दफना दिया था. इस हृदय विदारक घटना से क्षेत्रवासी दहल उठे थे.

मृतक के परिजन हैदराबाद में मजदूरी करते थे. परिजन मुंशी मांझी, गोपी मांझी व सोनू मांझी ने दस लोगों पर प्राथमिकी दर्ज करवाई थी. इधर गिरफ्तार आरोपितों के दर्जनों परिजनों ने सोमवार को धरहरा थाना के बाहर हंगामा किया था. उनका कहना था कि इस घटना में कई बेगुनाहों को भी फंसा दिया गया है.

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