आइजीइ मेडिकल सिस्टम ने अल्ट्रासाउंड व एक्स-रे सेवा कर दी बंद, रोगी परेशान
Published by :Prabhat Khabar Digital Desk
Published at :27 Apr 2018 6:18 AM (IST)
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सदर अस्पताल सहित जिले भर के सरकारी अस्पतालों में निजी संस्था द्वारा अल्ट्रासाउंड व एक्स-रे सेवा समाप्त बिना जांच कराये लौट गये दर्जनों मरीज मुंगेर : सदर अस्पताल सहित जिले भर के सभी सरकारी अस्पतालों में अब तक आईजीई मेडिकल सिस्टम संस्था द्वारा अल्ट्रासाउंड व एक्स-रे की सेवा उपलब्ध करायी जा रही थी. बिहार सरकार […]
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सदर अस्पताल सहित जिले भर के सरकारी अस्पतालों में निजी संस्था द्वारा अल्ट्रासाउंड व एक्स-रे सेवा समाप्त
बिना जांच कराये लौट गये दर्जनों मरीज
मुंगेर : सदर अस्पताल सहित जिले भर के सभी सरकारी अस्पतालों में अब तक आईजीई मेडिकल सिस्टम संस्था द्वारा अल्ट्रासाउंड व एक्स-रे की सेवा उपलब्ध करायी जा रही थी. बिहार सरकार से इस निजी संस्था द्वारा किया गया अनुबंध 25 अप्रैल को पूरा हो गया तथा गुरुवार से संस्था ने सदर अस्पताल सहित जिले भर के अन्य सरकारी अस्पतालों में अपनी सेवा बंद कर दी. इस बात की जानकारी मरीजों को नहीं थी तथा गुरुवार को इलाज कराने पहुंचे मरीज जब अपना अल्ट्रासाउंड व एक्स-रे के लिए अस्पताल पहुंचे तो उन्हें बिना जांच कराये ही वापस लौटना पड़ा. हालांकि सदर अस्पताल में अल्ट्रासाउंड व एक्स-रे के लिए वैकल्पिक व्यवस्था की गयी, किंतु यह व्यवस्था मरीजों के लिए नाकाफी साबित हो रही है़
अल्ट्रासाउंड व एक्स-रे सेवा बंद: सदर अस्पताल सहित जिले भर के सरकारी अस्पतालों में आईजीई मेडिकल सिस्टम संस्था द्वारा अल्ट्रासाउंड व एक्स-रे सेवा उपलब्ध करायी जा रही थी. संस्था का अनुबंध खत्म होने पर गुरुवार से दोनों सेवा को बंद कर दिया. इस सेवा के तहत सिर्फ सदर अस्पताल की भी यदि बात की जाये तो प्रतिदिन अल्ट्रासाउंड के लिए जहां 70-90 मरीज पहुंचते थे, वहीं एक्स-रे के लिए भी 60-70 मरीज प्रतिदिन सदर अस्पताल पहुंचते थे. यह दोनों ही सेवा मरीजों को नि:शुल्क उपलब्ध करायी जाती थी, जिससे खास कर गरीब तबके के मरीजों को बड़ी राहत मिलती थी.
बिना जांच कराये ही वापस लौटे मरीज:
गुरुवार को आउटडोर सेवा आरंभ होने के कुछ ही देर बाद अल्ट्रासाउंड तथा एक्स-रे कक्ष के समीप मरीज अपना जांच करवाने के लिए जुटने लगे. सुबह के 10 बजे तक जांच कराने वाले मरीजों की संख्या पचास से भी अधिक हो गयी. इतना विलंब होने के बाद भी जब अल्ट्रासाउंड व एक्स-रे कक्ष नहीं खुला तब मरीजों को लगा कि शायद आज किसी कारण से अल्ट्रासाउंड व एक्स-रे सेवा बंद होगा और सभी धीरे-धीरे वहां से चले गये. शहर के दिलावरपुर काली तजिया निवासी आरीफ हुसैन ने बताया कि उसे अपनी पत्नी तरन्नुम परवीन का अल्ट्रासाउंड जांच करवाना था. वहीं सदर प्रखंड के चांयटोला तौफिर निवासी गर्भवती महिला ममता देवी ने कहा कि इस हालत में इतने दूर आना तथा बिना जांच कराये वापस घर लौट जाने में काफी परेशानी महसूस होती है. पता नहीं अब कल भी अल्ट्रासाउंड हो पायेगा या नहीं.
नाकाफी साबित हुई वैकल्पिक व्यवस्था: मरीजों को परेशान होते देख अस्पताल प्रशासन द्वारा ईसीजी कक्ष में ही एक पोर्टेबुल अल्ट्रासाउंड मशीन की व्यवस्था की गयी तथा उसके संचालन के लिए चिकित्सा पदाधिकारी डॉ सुशील झा को बुलाया गया. किंतु उस पोर्टेबुल अल्ट्रासाउंड मशीन के फंगशन को अच्छी तरह से समझने में ही चिकित्सक को दो घंटे का वक्त लग गया. हालांकि तब तक अल्ट्रासाउंड कराने वाले लगभग मरीजों की भीड़ छट चुकी थी. बावजूद वहां पर तीन मरीजों का अल्ट्रासाउंड जांच किया गया. 12 बजते ही ईसीजी इंचार्ज ने कक्ष में ताला मार दिया. जिसके कारण बाद में पहुंचे दर्जन भर से अधिक मरीजों को वैकल्पिक व्यवस्था का भी लाभ नहीं मिल पाया.
कहते हैं अस्पताल उपाधीक्षक: अस्पताल उपाधीक्षक डॉ राकेश कुमार सिन्हा ने बताया कि आईजीई संस्था का अनुबंध समाप्त हो गया है. अब तब तक स्वास्थ्य विभाग द्वारा कोई ठोस व्यवस्था नहीं दिया जाता है, तब तक के लिए अस्पताल में अल्ट्रासाउंड तथा एक्स-रे की वैकल्पिक व्यवस्था की गयी है़ जो सुबह में 8 बजे से 1 बजे तक रहेगी तथा शाम में 4-6 बजे तक उपलब्ध रहेगी.
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