एक मिनट में पास हुआ जिला परिषद के 15 करोड़ का बजट

Published at :26 Aug 2017 6:20 AM (IST)
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एक मिनट में पास हुआ जिला परिषद के 15 करोड़ का बजट

16 लाख के फायदा का बजट पारित, मुख्यमंत्री राहत कोष में जिला परिषद देगा एक लाख मुंगेर : कहावत है सोना का लूट व कोयला का छाप. मुंगेर जिला परिषद की शुक्रवार को हुई बैठक में यही कहावत चरितार्थ हुई. परिषद सभागार में आयोजित बजटीय बैठक में बजट पर कोई चर्चा नहीं हुई और महज […]

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16 लाख के फायदा का बजट पारित, मुख्यमंत्री राहत कोष में जिला परिषद देगा एक लाख

मुंगेर : कहावत है सोना का लूट व कोयला का छाप. मुंगेर जिला परिषद की शुक्रवार को हुई बैठक में यही कहावत चरितार्थ हुई. परिषद सभागार में आयोजित बजटीय बैठक में बजट पर कोई चर्चा नहीं हुई और महज एक मिनट में 15 करोड़ का बजट पारित हो गया. वहीं गाड़ी, एसी व चौकीदार की सुविधा के लिए परिषद के सदस्य आपस में उलझ पड़े. बैठक की अध्यक्षता जिप अध्यक्ष पिंकी कुमारी ने की. बैठक में उप विकास आयुक्त रामेश्वर पांडे, डीआडीए निदेशक प्रतिभा कुमारी, उपाध्यक्ष रामचरित्र मंडल, जिला शिक्षा पदाधिकारी सुरेश प्रसाद सिंह आदि थे.
बजट सत्र में कहा गया कि जिला परिषद की आमदनी बढ़ाने के लिए प्रखंडों में जिला परिषद के बन रहे दुकान से भाड़ा वसूलना चाहिए. जिप सदस्य संजय कुमार सिंह ने कहा कि जिला परिषद की दुकानों पर लाखों रुपये बकाया है. जिला परिषद इस पर नोटिस नहीं ले रही है.
डीडीसी ने कहा कि बकायेदारों की वसूली के लिए नोटिस जारी किया जायेगा तथा सर्टिफिकेट केस दर्ज की जायेगी. उन्होंने कहा कि जिला परिषद एवं डीआरडीए की दो गाड़ी चलती है, जिसमें महीने में 30 से 40 रुपये खर्च होते हैं. इसके लिए जिला परिषद फंड दे. इस पर सदस्य राजी हुए. वहीं जिला परिषद के अध्यक्ष ने डीडीसी से एक गार्ड की मांग की, जिसका मानदेय 5 हजार रुपये निर्धारित करने की बात हुई. जिप सदस्य संजय सिंह ने इसका विरोध किया. उन्होंने कहा कि पहले से जो जिला परिषद के कर्मचारी हैं उनका मानदेय बढ़ाया जाय. एक अन्य सदस्य रवींद्र सिंह ने जिप उपाध्यक्ष रामचरित्र मंडल के कार्यालय कक्ष के लिए एक एसी की मांग की. वहीं कुछ परिषद के सदस्यों ने अपने जाने-जाने के भत्ते की मांग की. जिला परिषद के कर्मचारी के मानदेय बढ़ाने के संबंध पर विचार करते हुए डीडीसी ने आश्वस्त किया कि कर्मचारियों का मानदेय बढ़ाया जायेगा.
जिला परिषद के आमदनी पर चर्चा करते हुए जिला परिषद के कार्यपालक पदाधिकारी सह उप विकास आयुक्त रामेश्वर पांडे ने कहा कि जिला परिषद का प्रेस बंद कर देना चाहिए. यह एक घाटे का सौदा है. कुछ पार्षदों का कहना था, इसका गलत संदेश जायेगा. कई कर्मचारी बेरोजगार हो जायेंगे. डीडीसी ने आश्वासन दिया कि कर्मचारियों को जिला परिषद में मर्ज कर दिया जायेगा. जिप सदस्य संजय कुमार सिंह ने कहा कि प्रेस के साथ जिला परिषद की प्रतिष्ठा जुड़ी है. जिला परिषद के सदस्य इसे बचाने के लिए प्रयास करेंगे.
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