30.85 मीटर पर पहुंचा गंगा नदी का जल स्तर

Published at :05 Jul 2017 7:09 AM (IST)
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30.85 मीटर पर पहुंचा गंगा नदी का जल स्तर

मुंगेर : पिछले तीन दिनों से गंगा के जल स्तर में लगातार बढ़ोतरी हो रही है. इससे दियारे के लोगों में दहशत है. मंगलवार को गंगा का जल स्तर बढ़ कर 30.85 मीटर तक पहुंच गया. केंद्रीय जल आयोग के अनुसार, जल स्तर में अभी और भी बढ़ोतरी होने की संभावना है. रविवार से गंगा […]

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मुंगेर : पिछले तीन दिनों से गंगा के जल स्तर में लगातार बढ़ोतरी हो रही है. इससे दियारे के लोगों में दहशत है. मंगलवार को गंगा का जल स्तर बढ़ कर 30.85 मीटर तक पहुंच गया. केंद्रीय जल आयोग के अनुसार, जल स्तर में अभी और भी बढ़ोतरी होने की संभावना है.
रविवार से गंगा के जल स्तर में लगातार बढ़ोतरी दर्ज की गयी. केंद्रीय जल आयोग के अनुसार, प्रति घंटा गंगा के जल स्तर में एक सेंटीमीटर की बढ़ोतरी हो रही है. सोमवार की शाम छह बजे तक जल स्तर 30.61 मीटर पर था, वहीं मंगलवार की शाम छह बजे तक जल स्तर 30. 85 पहुंच गया. यही रफ्तार रही तो बुधवार को गंगा का जल स्तर 31 मीटर को भी पार कर जायेगा.
कोसी व भूतही बलान नदियों का पानी घटा
मधेपुर (मधुबनी). नेपाल की तराई क्षेत्र में हो रही भारी बारिश से कोसी एवं कमला नदी में उफान के बाद थाड़ी नरमी देखी जा रही है़ कोसी नदी के जल स्तर में कमी आने के बावजूद भी बाढ़ का पानी कोसी दियारा गढ़गांव, मैनाही, परियाही, बक्सा, असुरगढ़, बसीपट्टी गांवों के बघारों व निचले इलाकों में फैला हुआ है. इधर, बसीपट्टी गांव के गाइड बांध पर पानी का दबाव कम हो गया है. वहीं, भूतही बलान नदी के जल स्तर में भी कमी आयी है़
नदियों में पानी बढ़ने से दहशत में लोग
किशनगंज. जिले में लगातार हो रही बारिश से नदियों के जल स्तर में भी बढ़ोतरी हुई है. इससे नदी किनारे रहनेवाले भी दहशत में हैं. जिले के सभी प्रखंड के अधिकतर गांव व कस्बे नदियों के किनारे ही बसे हैं. इन दिनों लगातार बारिश हो रही है. बारिश के चलते नदियां भी उफान पर हैं. हालांकि, किशनगंज जिले की कौल, कनकई, महानंदा, डोंक व मेची नदियां अभी खतरे के निशान से नीचे हैं. इसके बाद भी निचले इलाकों के लोगों में खौफ है.
गांगुली की धारा मुड़ने से कई गांवों पर खतरा
गौनाहा (पश्चिमी चंपारण). जिले के उतराचंल में वनों के मध्य से निकली गांगुली नदी के कटाव से अंचल की मटियरिया पंचायत के शेरपुर गांव पर अस्तित्व खतरे में हैं. नदी की धारा मुड़ने से जंगल को भी नुकसान हो सकता है. गांगुली नदी के प्रचंड रूप से शेरपुर व सिरिसिया के ग्रामीण परेशान हैं. पिछले साल सुगौली टोले के 25 घर नदी के समा गये थे. ग्रामीणों ने बताया कि पुल के ठेकेदारों की ओर से बांध बनवाने के कारण नदी की धारा पूर्ववत हो गयी है.
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