पीपराकोठी.स्थानीय कृषि विज्ञान केंद्र के अटल सभागार में पौधा किस्म और कृषक अधिकार संरक्षण विषय पर दो दिवसीय प्रशिक्षण सह जागरूकता कार्यक्रम एवं प्रदर्शनी बुधवार को संपन्न हो गई. अतिथियों का स्वागत पुष्प गुच्छ, शाल भेंट कर किया गया. कार्यक्रम की अध्यक्षता केविके के प्रधान वैज्ञानिक डाॅ अरविन्द कुमार सिंह ने किया. डीएओ मनीष कुमार सिंह ने कहा कि वर्तमान में हम रसायनिक खाद व उन्नत प्रभेद के बीजो का उपयोग कर उत्पादन में भले ही वृद्धि किया हो, लेकिन आज भी पारंपरिक मोटे अनाज, फल, फूल एवं सब्जियों का उत्पादन हो रहा हैं जिसमें कुछ न कुछ औषधीय गुण हुआ करते हैं. उन फसलों का उत्पादन धीरे धीरे कम होने लगा. बहुत से लोग आज भी वैसे फसलों का उत्पादन किया करते हैं लेकिन इसकी जानकारी ना ही सरकार को हैं और ना ही विभाग को ही हैं और उन विलुप्त हो रहे फसलों के बढ़ावा को लेकर इस कार्यक्रम का आयोजन किया गया हैं. वही केविके प्रमुख डाॅ अरविन्द कुमार सिंह कहा कि हमारे पुरखो द्वारा उत्पादित भेरायटी में कुछ न कुछ खासियत हुआ करती थी. उसे आज भी विकसित करने की जरुरत हैं. बताया कि प्रदर्शनी में करीब 150 किसानों ने अपने खेतों से उत्पादित पारम्परिक मोटे अनाजों के बीज को लाया. उनके अनाजों को पंजीकरण कर पैकिंग किया गया. जिसे केविके पीपीभीएफआरए को भेजेगी. इस दौरान कोटवा के प्रयाग सिंह, रमाकांत, दिनबंधु गुप्ता कल्याणपुर सहित 33 किसानों को प्रशस्ति पत्र देकर पुरस्कृत किया गया. मौके पर वैज्ञानिक डा अर्णव कुंडू, डा गायत्री कुमारी पाढ़ी, डा सविता कुमारी डा आरबी शर्मा, राजेश्वर सिंह, जयशंकर सिंह, मनोरंजन सिंह, रामनरेश गिरी, राजन शर्मा, राजेश कुमार यादव, भारत भूषण सिंह, सहित अन्य वैज्ञानिक व किसान मौजूद थे.
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