अब बिना घोषणा-पत्र नहीं मिलेगी खाद, किसानों के लिए नया नियम लागू; गलत जानकारी पर होगी कार्रवाई

प्रतीकात्मक तस्वीर
प्रखंड क्षेत्र के किसानों के लिए उर्वरक खरीदने का नियम बदला है. यूरिया, डीएपी और एनपीके खाद खरीदने के लिए अब 'कृषक घोषणा-पत्र' भरना अनिवार्य कर दिया गया है. यह कदम खाद की कालाबाजारी रोकने और पारदर्शिता लाने के उद्देश्य से उठाया गया है.
Banjariya News: प्रखंड क्षेत्र के किसानों को अब यूरिया, डीएपी और एनपीके जैसे उर्वरक खरीदने के लिए नया नियम अपनाना होगा. खाद की उपलब्धता सुनिश्चित करने और कालाबाजारी पर रोक लगाने के उद्देश्य से कृषि विभाग ने कृषक घोषणा-पत्र भरना अनिवार्य कर दिया है. बिना घोषणा-पत्र के अब किसानों को खाद नहीं मिलेगी.
घोषणा-पत्र में देनी होगी पूरी जानकारी
प्रभारी प्रखंड कृषि पदाधिकारी विशाल कुमार ने बताया कि कृषि विभाग के निर्देश पर खाद वितरण प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी बनाया जा रहा है.
घोषणा-पत्र में किसान को निम्नलिखित जानकारी देनी होगी—
- नाम और पिता का नाम
- पूरा पता
- बोई गई फसल का विवरण
- खेत का स्थान
- खाता संख्या
- खेसरा संख्या
इसके अलावा किसान को यह भी घोषित करना होगा कि वह वास्तविक कृषक है और खरीदी गई खाद का उपयोग केवल अपनी खेती में करेगा.

अनुशंसित मात्रा में ही खरीदनी होगी खाद
घोषणा-पत्र में किसान को यह भी प्रमाणित करना होगा कि वह कृषि विशेषज्ञों द्वारा अनुशंसित मात्रा के अनुसार ही उर्वरक खरीद रहा है. विभाग का कहना है कि इससे उर्वरकों का सही उपयोग सुनिश्चित होगा और अनावश्यक खरीद पर रोक लगेगी.
गलत जानकारी देने पर होगी कानूनी कार्रवाई
प्रभारी प्रखंड कृषि पदाधिकारी ने स्पष्ट किया है कि घोषणा-पत्र में दर्ज सभी जानकारियों की जिम्मेदारी संबंधित किसान की होगी.
यदि जांच के दौरान कोई जानकारी गलत या भ्रामक पाई जाती है तो इसे गंभीर अनियमितता माना जाएगा और संबंधित किसान के विरुद्ध नियमानुसार कानूनी कार्रवाई की जाएगी.
कालाबाजारी रोकना है मुख्य उद्देश्य
कृषि विभाग के अनुसार नई व्यवस्था का उद्देश्य खाद की कालाबाजारी और अवैध भंडारण पर रोक लगाना है, ताकि सरकारी व्यवस्था के तहत उपलब्ध उर्वरकों का लाभ केवल वास्तविक किसानों तक पहुंचे.
परेशानी होने पर यहां करें संपर्क
विभाग ने किसानों से अपील की है कि यदि खाद खरीदने में किसी प्रकार की समस्या आए या कोई विक्रेता निर्धारित मूल्य से अधिक राशि वसूले, तो इसकी सूचना तुरंत संबंधित कृषि समन्वयक या किसान सलाहकार को दें.
प्रखंड कृषि पदाधिकारी ने सभी किसानों से नई व्यवस्था का पालन करने और घोषणा-पत्र भरकर ही खाद खरीदने की अपील की है, ताकि खेती के मौसम में उर्वरकों की निर्बाध उपलब्धता बनी रहे.
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