तबादले के बाद भी नहीं बदले अधिकारी, आईसीडीएस की कई योजनाएं प्रभावित; विभाग ने दिया एक सप्ताह का समय

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तबादले के बाद भी पुराने परियोजनाओं में जमे सीडीपीओ, बीसी व डाटा ऑपरेटर

पूर्वी चंपारण में स्थानांतरण आदेश जारी होने के बाद भी कई बाल विकास परियोजना पदाधिकारी (सीडीपीओ) और अन्य कर्मी अपने नए पदस्थापन स्थल पर योगदान नहीं दे सके हैं. इससे पोषण ट्रैकर, प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना जैसी कई महत्वपूर्ण योजनाओं के संचालन पर असर पड़ रहा है. विभाग ने एक सप्ताह के भीतर समस्या के समाधान का भरोसा दिलाया है.

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Motihari News: पूर्वी चंपारण जिले की विभिन्न आईसीडीएस परियोजनाओं में स्थानांतरण आदेश जारी होने के बाद भी कई बाल विकास परियोजना पदाधिकारी (सीडीपीओ) और अन्य कर्मियों का प्रभार हस्तांतरण अब तक पूरा नहीं हो सका है. इसके कारण विभागीय योजनाओं के संचालन पर असर पड़ने लगा है.

नए पदस्थापन पर नहीं पहुंचे कई सीडीपीओ

जानकारी के अनुसार, कई नवपदस्थापित सीडीपीओ अब तक अपने नए पदस्थापन स्थल पर योगदान नहीं दे सके हैं. वहीं, कई वर्तमान सीडीपीओ को अभी तक उनके पुराने पद से विरमित नहीं किया गया है.

इस कारण कई परियोजनाओं में प्रशासनिक व्यवस्था प्रभावित हो रही है.

बीसी और डाटा ऑपरेटर भी पुराने स्थान पर

मामला केवल सीडीपीओ तक सीमित नहीं है. विभागीय सूत्रों के अनुसार करीब एक माह पहले ब्लॉक कोऑर्डिनेटर (बीसी) और डाटा ऑपरेटरों का भी स्थानांतरण किया गया था, लेकिन कई कर्मी अब भी पुराने परियोजनाओं में कार्यरत हैं.

केसरिया, पहाड़पुर और बंजरिया परियोजनाओं में ऐसी स्थिति बनी हुई है.

कई योजनाओं के संचालन पर असर

समय पर प्रभार हस्तांतरण नहीं होने से कई महत्वपूर्ण योजनाओं का संचालन प्रभावित हो रहा है. इनमें प्रमुख रूप से—

  • पोषण ट्रैकर
  • प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना (PMMVY)
  • टेक होम राशन (THR) वितरण
  • आंगनबाड़ी केंद्रों की मॉनिटरिंग
  • अन्य विभागीय योजनाएं

शामिल हैं.

विभाग ने एक सप्ताह में समाधान का दिया भरोसा

प्रभारी आईसीडीएस डीपीओ निधि कुमारी ने बताया कि जिले की कुछ परियोजनाओं में स्थानांतरण और विरमण से जुड़ी समस्या बनी हुई है.

उन्होंने कहा कि एक सप्ताह के भीतर सभी संबंधित अधिकारी और कर्मी अपने पुराने पद से विरमित होकर नए पदस्थापन स्थल पर योगदान दे देंगे. इसके लिए आवश्यक विभागीय कार्रवाई की जा रही है.

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सामंत कुमार गौतम

लेखक के बारे में

By सामंत कुमार गौतम

सामंत वर्ष 2013 से यानी पिछले 13 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं. वाणिज्य (बी.कॉम) और कानून (एलएलबी) स्नातक सामंत को समाचार संकलन, संपादन, कंप्यूटर तकनीक और समाचार प्रबंधन का व्यापक अनुभव है. ये पत्रकारिता के साथ-साथ समाचारों के तकनीकी व प्रबंधकीय कार्यों में विशेष रुचि रखते हैं.

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