अवैध घुसपैठ की कोशिश के दौरान तीन बांग्लादेशी नागरिक गिरफ्तार

Published by : RANJEET THAKUR Updated At : 01 Jan 2026 10:11 PM

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भारत-नेपाल की खुली सीमा का लाभ लेकर अवैध गतिविधियों पर लगाम लगाते हुए सशस्त्र सीमा बल की टीम ने एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है.

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रक्सौल . भारत-नेपाल की खुली सीमा का लाभ लेकर अवैध गतिविधियों पर लगाम लगाते हुए सशस्त्र सीमा बल की टीम ने एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है. खुली सीमा का लाभ लेकर अवैध रूप से सीमा पार करने की कोशिश करने के आरोप में तीन बांग्लादेशी नागरिक और एक भारतीय नागरिक को गिरफ्तार किया गया है. गिरफ्तारी की यह कार्रवाई एसएसबी और हरैया थाना की पुलिस के द्वारा संयुक्त रूप से की गई है. जिस भारतीय नागरिक की गिरफ्तारी की गई है, वह बांग्लादेशी नागरिकों को सीमा पार कराने में मदद कर रहा था. इधर, इस घटना के बाद से सुरक्षा और खुफिया एजेंसियां अलर्ट मोड पर आ गई हैं. इसकी जानकारी देते हुए हरैया थानाध्यक्ष किशन कुमार पासवान ने बताया कि बुधवार को एसएसबी को भारत-नेपाल सीमा क्षेत्र में कुछ संदिग्ध व्यक्तियों की मौजूदगी की गुप्त सूचना मिली थी. सूचना को गंभीरता से लेते हुए एसएसबी के जवानों ने तत्काल इलाके की घेराबंदी की और चारों संदिग्धों को हिरासत में ले लिया. तलाशी और प्रारंभिक पूछताछ के दौरान यह सामने आया कि इनमें से तीन व्यक्ति बांग्लादेशी नागरिक हैं, जबकि चौथा व्यक्ति भारतीय है. गिरफ्तार किए गए बांग्लादेशी नागरिकों की पहचान बांग्लादेश के लक्षीकापुर जेसोर निवासी शिनउर रहमान, बांग्लादेश के उत्तारचार मोंगल निवासी मो. सोबुज तथा महतबारी निवासी मो. फिरौज के रूप में हुई है. इनके साथ पकड़े गए भारतीय नागरिक पश्चिमी चंपारण जिला के चनपटिया निवासी मो. सरफराज अंसारी को भी गिरफ्तार किया गया है. प्रारंभिक जांच में आशंका जताई जा रही है कि सरफराज अंसारी इन बांग्लादेशी नागरिकों को सीमा पार कराने और उन्हें सुरक्षित ठिकानों तक पहुंचाने में गाइड की भूमिका निभा रहा था. इस गिरफ्तारी ने सुरक्षा एजेंसियों के सामने कई अहम सवाल खड़े कर दिए हैं. यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि ये विदेशी नागरिक भारत में प्रवेश करना चाहते थे या नेपाल जाने की फिराक में थे, और इसके पीछे उनका उद्देश्य क्या था. केंद्रीय खुफिया एजेंसियां और स्थानीय पुलिस संयुक्त रूप से सभी आरोपियों से गहन पूछताछ कर रही हैं. सूत्रों के मुताबिक, इस मामले के तार किसी संगठित मानव तस्करी या घुसपैठ कराने वाले नेटवर्क से जुड़े हो सकते हैं. यह भी जांच की जा रही है कि क्या इन बांग्लादेशी नागरिकों के लिए फर्जी भारतीय दस्तावेज तैयार किए गए थे. घटना के बाद सीमा पर सुरक्षा व्यवस्था और कड़ी कर दी गई है, ताकि भविष्य में इस तरह की अवैध गतिविधियों को रोका जा सके. हरैया थानाध्यक्ष किशन कुमार पासवान ने बताया कि इस मामले को लेकर हरैया थाना में एक प्राथमिकी दर्ज करते हुए सभी आरोपियों को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है.

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