एक हजार घोड़पड़ास को मारने के लिए हैदाराबाद से आयेंगे स्पेशल शूटर

Published at :12 Feb 2025 5:40 PM (IST)
विज्ञापन
एक हजार घोड़पड़ास को मारने के लिए हैदाराबाद से आयेंगे स्पेशल शूटर

घोड़पड़ास के आतंक से परेशान किसानों के लिए राहत भरी खबर है. खेतों में लगी फसलों को नुकसान पहुंचाने वाले घोड़पड़ासों व सुअरों की अब खैर नहीं है.

विज्ञापन

-फसलों को नुकसान पहुंचाने वाले नीलगाय चिह्नित -वन प्रमंडल विभाग ने तैयारी की अपनी कार्ययोजना -मारकर सुरक्षित स्थान पर किया जाएगा उन्हें दफन प्रतिनिधि,मोतिहारी घोड़पड़ास के आतंक से परेशान किसानों के लिए राहत भरी खबर है. खेतों में लगी फसलों को नुकसान पहुंचाने वाले घोड़पड़ासों व सुअरों की अब खैर नहीं है. उन्हें मार गिराने के लिए हैदराबाद के स्पेशल शूटर चंदन रेड्डी को बुलाया जाएगा.आतंक फैलाने वाले सभी इन जानरों को चिन्हित कर लिया गया है. किसानों से प्राप्त आवेदनों के आधार पर तमाम तरह की प्रक्रियाएं की जा रही हैं. इनके आतंक से परेशान करीब 1800 किसानों ने आवेदन दिया है,जिसके आधार पर यह कार्रवाई की जा रही है.वन विभाग से मिली जानकारी के अनुसार, उन्हें मार गिराने के लिए पूरी कार्ययोजना तैयार कर ली गयी है. शूटर उन्हें मारकर सुरक्षित स्थान पर दफानायेंगे. किसी तरह की समस्या न हो,इसके लिए वे अपने दायित्वों का निर्वहन करेंगे. 15 से 20 प्रतिशत फसलें होती हैं बर्बाद इन घोड़पड़ासों के आतंक के कारण किसानों को भारी क्षति होती है. एक अनुमान के अनुसार,प्रतिवर्ष 15 से 20 प्रतिशत फसलें नुकसान होती हैं. उनके आतंक से जान को भी क्षति पहुंचती है. वे झूंड के साथ चलते हैं और किसी आदमी के अकेले पड़ जाने पर उनपर हमला भी कर देते हैं. जानकारों की मानें तो कई तरह की परेशानियां भी इनसे होती है. जिले के तुरकौलिया,कोटवा,सदर,सहित कई प्रखंडों में इस तरह की सूचनाएं समय समय पर मिलती रहती है. लेकिन अब किसानों को इन जानवरों के आतंक से राहत मिलने की उम्मीद है. मुखियों की स्वीकृति जरूरी इन घोड़पड़ासों को मार गिराने के लिए मुखियों की सहमति जरूरी होती है. आवेदनों के आधार पर पंचायत के मुखियों से सहमति ली जाती है और उसके बाद शूटर को मारने के लिए बुलाया जाता है.किसी तरह समस्या इनके मारने को लेकर न हो,इसका भी पूरा ख्याल रखा जाता है. 300-500 रुपये प्रतिघोड़पड़ास होता है भुगतान इन घोड़पड़ासों को मारने वाले को राशि का भुगतान किया जाता है. पंचायती राज विभाग प्रति घोड़पड़ास तीन सौ या पांच सौ रुपये का भुगतान करती है. विभाग राशि सीधे शूटर के खाते में भेजती है. शूटर के रहने की भी व्यवस्था की जाती है. कहते हैं अधिकारी घोड़पड़ासों को मारने के लिए पूरी कार्ययोजना वन विभाग ने तैयार कर ली है. हैदराबाद से शूटर चन्दन रेड्डी को बुलाया जाएगा. राजकुमार शर्मा, जिला वन प्रमंडल पदाधिकारी,पूर्वी चंपारण

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

विज्ञापन
Prabhat Khabar News Desk

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar News Desk

यह प्रभात खबर का न्यूज डेस्क है। इसमें बिहार-झारखंड-ओडिशा-दिल्‍ली समेत प्रभात खबर के विशाल ग्राउंड नेटवर्क के रिपोर्ट्स के जरिए भेजी खबरों का प्रकाशन होता है।

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन