बिहार में 23 महीने के मासूम की गर्दन पर चाकू रख की डकैती, मां ने डरकर दे दी अलमारी की चाबियां
Published by : Paritosh Shahi Updated At : 20 Apr 2026 3:34 PM
मोतिहारी में लूटपाट
Bihar Crime: मोतिहारी के जमुनिया गांव में देर रात बदमाशों ने एक घर में घुसकर 23 महीने के बच्चे को बंधक बना लिया. बच्चे की गर्दन पर चाकू रखकर महिलाओं को डराया और करीब 6 लाख रुपये की नकदी व गहने लूट लिए.
Bihar Crime: बिहार के मोतिहारी के घोड़ासहन सीमा से सटे झरौखर थाना के जमुनिया गांव में नकाब पहनकर आए तीन बदमाशों ने इंसानियत की सारी हदें पार कर दीं और एक छोटे बच्चे को बंधक बनाकर पूरे घर में लूटपाट की. घटना के बाद इलाके में डर और दहशत का माहौल है.
घर में नहीं था कोई पुरुष
जानकारी के अनुसार यह वारदात जमुनिया गांव के वार्ड नंबर 7 निवासी गजेंद्र राय उर्फ लालू के घर हुई. पीड़िता किस्मती देवी ने बताया कि रात करीब 12 बजे तीन अज्ञात बदमाश घर का गेट काटकर अंदर घुस आए. उस समय घर में कोई पुरुष नहीं था. घर में सिर्फ किस्मती देवी, उनकी बहू और 23 महीने का पोता आयुष मौजूद थे. बदमाश गजेंद्र राय को ढूंढ रहे थे.
चाबी मिलने के बाद आराम से की लूटपाट
घर में घुसते ही अपराधियों ने महिलाओं को डराने के लिए मासूम आयुष की गर्दन पर चाकू रख दिया और चाभी मांगने लगे. बच्चे की जान खतरे में देखकर महिलाएं घबरा गईं और उन्होंने अलमारी और पेटी की चाभियां बदमाशों को दे दीं. इसके बाद अपराधियों ने आराम से लूटपाट शुरू कर दी.
बदमाशों ने पेटी तोड़कर करीब 4 लाख 16 हजार रुपये नकद निकाल लिए. इसके अलावा ट्रंक में रखे लगभग 2 लाख रुपये के गहने भी लूट लिए. पूरी वारदात को अंजाम देने के बाद तीनों बदमाश दक्षिण दिशा की ओर भाग गए.
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पुलिस ने शुरू की जांच
घटना की जानकारी मिलते ही झरौखर थाना पुलिस मौके पर पहुंची और पूरे घर का निरीक्षण किया. पुलिस ने पीड़ित परिवार से पूछताछ की है और आसपास के इलाकों में छानबीन तेज कर दी है. परिवार की ओर से थाने में शिकायत दर्ज कराने की प्रक्रिया चल रही है.
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By Paritosh Shahi
परितोष शाही पिछले 4 वर्षों से डिजिटल मीडिया और पत्रकारिता में सक्रिय हैं. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत राजस्थान पत्रिका से की और वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल की बिहार टीम का हिस्सा हैं. राजनीति, सिनेमा और खेल, विशेषकर क्रिकेट में उनकी गहरी रुचि है. जटिल खबरों को सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचाना और बदलते न्यूज माहौल में तेजी से काम करना उनकी विशेषता है. परितोष शाही ने पत्रकारिता की पढ़ाई बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी (BHU) से की. पढ़ाई के दौरान ही पत्रकारिता की बारीकियों को समझना शुरू कर दिया था. खबरों को देखने, समझने और लोगों तक सही तरीके से पहुंचाने की सोच ने शुरुआत से ही इस क्षेत्र की ओर आकर्षित किया. पत्रकारिता में करियर की पहली बड़ी शुरुआत बिहार विधानसभा चुनाव 2020 के दौरान हुई, जब उन्होंने जन की बात के साथ इंटर्नशिप की. इस दौरान बिहार के 26 जिलों में जाकर सर्वे किया. यह अनुभव काफी खास रहा, क्योंकि यहां जमीनी स्तर पर राजनीति, जनता के मुद्दों और चुनावी माहौल को बहुत करीब से समझा. इसी अनुभव ने राजनीतिक समझ को और मजबूत बनाया. इसके बाद राजस्थान पत्रिका में 3 महीने की इंटर्नशिप की. यहां खबर लिखने की असली दुनिया को करीब से जाना. महज एक महीने के अंदर ही रियल टाइम न्यूज लिखने लगे. इस दौरान सीखा कि तेजी के साथ-साथ खबर की सटीकता कितनी जरूरी होती है. राजस्थान पत्रिका ने उनके अंदर एक मजबूत डिजिटल पत्रकार की नींव रखी. पत्रकारिता के सफर में आगे बढ़ते हुए पटना के जनता जंक्शन न्यूज पोर्टल में वीडियो प्रोड्यूसर के रूप में भी काम किया. यहां कैमरे के सामने बोलना, प्रेजेंटेशन देना और वीडियो कंटेंट की बारीकियां सीखीं. करीब 6 महीने के इस अनुभव ने कैमरा फ्रेंडली बनाया और ऑन-स्क्रीन प्रेजेंस को मजबूत किया. 1 अप्रैल 2023 को राजस्थान पत्रिका को प्रोफेशनल तौर पर ज्वाइन किया. यहां 17 महीने में कई बड़े चुनावी कवरेज में अहम भूमिका निभाई. लोकसभा चुनाव 2024 में नेशनल टीम के साथ जिम्मेदारी संभालने का मौका मिला. इसके अलावा मध्य प्रदेश, राजस्थान और छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव के दौरान भी स्टेट टीम के साथ मिलकर काम किया. इस दौरान चुनावी रणनीति, राजनीतिक घटनाक्रम और बड़े मुद्दों पर काम करने का व्यापक अनुभव मिला. फिलहाल परितोष शाही प्रभात खबर डिजिटल बिहार टीम के साथ जुड़े हुए हैं. यहां बिहार विधानसभा चुनाव के दौरान कई बड़ी खबरों को रियल टाइम में ब्रेक किया, ग्राउंड से जुड़े मुद्दों पर खबरें लिखीं और वीडियो भी बनाए. बिहार चुनाव के दौरान कई जिलों में गांव- गांव घूम कर लोगों की समस्या को जाना-समझा और उनके मुद्दे को जन प्रतिनिधियों तक पहुंचाया. उनकी कोशिश हमेशा यही रहती है कि पाठकों और दर्शकों तक सबसे पहले, सही और असरदार खबर पहुंचे. पत्रकारिता में लक्ष्य लगातार सीखते रहना, खुद को बेहतर बनाना और भरोसेमंद पत्रकार के रूप में अपनी पहचान मजबूत करना है.
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