मोतिहारी में शांति, न्याय और सामाजिक सौहार्द पर संगोष्ठी, पूर्व विधानसभा अध्यक्ष समेत कई वक्ताओं ने रखे विचार

Author Intejarul haq|Edited by Aaruni Thakur
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शांति, न्याय और राष्ट्रीय एकता से ही देश व समाज का होगा भला

मोतिहारी में शांति और राष्ट्रीय एकता पर बड़ी बैठक

मोतिहारी में 'शांति, न्याय, राष्ट्रीय एकता एवं सामाजिक सौहार्द' विषय पर एक महत्वपूर्ण विचार गोष्ठी आयोजित की गई. कार्यक्रम में विभिन्न क्षेत्रों के बुद्धिजीवियों ने सामाजिक सद्भाव और न्याय व्यवस्था को मजबूत करने के तरीकों पर अपने विचार साझा किए.

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Motihari News: पूर्वी चंपारण जिला मुख्यालय स्थित एक स्थानीय होटल के कॉन्फ्रेंस हॉल में फोरम फॉर पीस एंड जस्टिस के तत्वावधान में "शांति, न्याय, राष्ट्रीय एकता एवं सामाजिक सौहार्द" विषय पर विचार गोष्ठी आयोजित की गई. कार्यक्रम में सामाजिक, राजनीतिक, शैक्षणिक और साहित्यिक क्षेत्र से जुड़े बुद्धिजीवियों ने भाग लेकर सामाजिक सद्भाव, संवैधानिक मूल्यों और न्याय व्यवस्था को मजबूत बनाने पर अपने विचार साझा किए.

कार्यक्रम की अध्यक्षता प्रख्यात शिक्षाविद् प्रो. आरिफ हुसैन ने की, जबकि संचालन वरिष्ठ पत्रकार ओज़ैर अंजुम ने किया.

संविधान और न्याय व्यवस्था लोकतंत्र की असली ताकत: उदय नारायण चौधरी

बिहार विधानसभा के पूर्व अध्यक्ष उदय नारायण चौधरी ने कहा कि किसी भी लोकतांत्रिक समाज की सबसे बड़ी ताकत उसका संविधान, कानून का शासन और निष्पक्ष न्याय व्यवस्था होती है.

उन्होंने कहा कि जब प्रत्येक नागरिक को समान न्याय, सम्मान और विकास के अवसर मिलते हैं, तब समाज में स्वतः शांति स्थापित होती है. उन्होंने धर्म, जाति, भाषा और वर्गीय विविधताओं को भारत की सांस्कृतिक शक्ति बताते हुए सभी नागरिकों से एक-दूसरे के अधिकारों का सम्मान करने की अपील की.

कानून का शासन मजबूत राष्ट्र की नींव

फोरम फॉर पीस एंड जस्टिस के प्रदेश अध्यक्ष एवं पूर्व डीआईजी मोहम्मद अब्दुल्लाह ने कहा कि कानून का शासन किसी भी मजबूत राष्ट्र की आधारशिला है.

उन्होंने न्यायपालिका में विश्वास, संविधान के प्रति निष्ठा, सभी धर्मों के सम्मान और निरंतर संवाद की परंपरा को भारतीय लोकतंत्र की पहचान बताया.

भाईचारा और सहिष्णुता से ही होगा विकास

भाजपा अल्पसंख्यक मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष मोहिबुल हक खान ने कहा कि नफरत, हिंसा और कट्टरता समाज को कमजोर करती है, जबकि प्रेम, न्याय, सहिष्णुता और भाईचारा विकास का रास्ता तैयार करते हैं.

डॉ. मोहम्मद शमीमुल हक ने कहा कि फोरम का उद्देश्य समाज के विभिन्न वर्गों के बीच विश्वास का वातावरण तैयार करना और युवाओं में संवैधानिक चेतना विकसित करना है.

शिक्षा और संवाद से सुलझेंगे सामाजिक मतभेद

अध्यक्षीय संबोधन में प्रो. आरिफ हुसैन ने कहा कि शिक्षा, जागरूकता और संवाद सामाजिक मतभेदों को सकारात्मक दिशा देने के सबसे प्रभावी माध्यम हैं.

उन्होंने कहा कि शांति केवल सरकार या किसी एक संस्था की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि पूरे समाज की साझा जिम्मेदारी है.

युवाओं और सामाजिक जिम्मेदारियों पर भी हुई चर्चा

ढाका विधानसभा के पूर्व प्रत्याशी राणा रणजीत सिंह ने युवाओं की भूमिका, सामाजिक सौहार्द, महिलाओं के सम्मान, संवैधानिक अधिकारों और मानवीय मूल्यों पर अपने विचार रखे.

फजल हक ने कहा कि भारत की असली ताकत उसकी गंगा-जमुनी तहजीब, धार्मिक सहिष्णुता और विविधता में एकता की भावना में निहित है.

जिला औकाफ कमेटी के सदर सैयद मुबीन अहमद ने कहा कि समाज में बढ़ती गलतफहमियों और सामाजिक विभाजन का समाधान केवल सकारात्मक संवाद, आपसी विश्वास और संवैधानिक मूल्यों को मजबूत करने से ही संभव है.

कई बुद्धिजीवी और सामाजिक प्रतिनिधि रहे मौजूद

कार्यक्रम में एम. क्यू. जौहर, मोहम्मद मुशीर, नादिर कैसर, साजिद अली खान, डॉ. परवेज आलम, डॉ. ताहिरा तबस्सुम, संजीव कुमार, नूर आलम खान, सज्जाद आलम, डॉ. सबा अख्तर शोख, आसी चंपारणी, शेख मोहम्मद सिराज, फिरोज खान, कुमार गौरव, कारी उबैदुर्रहमान, संजय सिंह सहित कई सामाजिक, शैक्षणिक और राजनीतिक प्रतिनिधियों ने भी अपने विचार व्यक्त किए.

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