राज्य ने जमीन अधिग्रहण को दी मंजूरी तो केंद्र से हवाई अड्डा के लिए मिली हरी झंडी
Published by : Prabhat Khabar News Desk Updated At : 04 Feb 2025 9:48 PM
केंद्र की मोदी सरकार के द्वारा एयर कनेक्टिविटी बढ़ाने को लेकर चलायी जा रही उड़ान योजना के तहत रक्सौल हवाई अड्डे का विस्तार किया जाना है.
मनोज कुमार गुप्ता, रक्सौल.1970 के दशक से बंद रक्सौल हवाई अड्डा का स्वरूप बदलने जा रहा है. केंद्र की मोदी सरकार के द्वारा एयर कनेक्टिविटी बढ़ाने को लेकर चलायी जा रही उड़ान योजना के तहत रक्सौल हवाई अड्डे का विस्तार किया जाना है. बीते 10 जनवरी 2025 को जब राज्य कैबिनेट के द्वारा रक्सौल हवाई अड्डा को शुरू करने के लिए अतिरिक्त जमीन अधिग्रहण के प्रक्रिया को जब हरी झंडी दी गयी, उसी समय यह संभावना और प्रबल हो गयी कि रक्सौल का हवाई अड्डा अब जल्द शुरू हो सकेगा.
इन सब के बीच दूसरी अच्छी खबर केंद्र की तरफ से आयी है. राज्यसभा में राज्यसभा सांसद उपेंद्र कुशवाहा के द्वारा पूछे गये सवाल के जवाब में नागरिक उड्डयन मंत्रालय में राज्य मंत्री मुरलीधर मोहोल ने 3 फरवरी को लिखित जवाब दिया है कि रक्सौल में केंद्र सरकार के विमानन मंत्रालय के द्वारा ब्राउन फील्ड एयरपोर्ट बनाने की सहमति प्रदान कर दी गयी है. इसके बाद यह बात और भी पुख्ता हो गयी है कि रक्सौल में हवाई अड्डा का संचालन हो पायेगा. रक्सौल हवाई अड्डा को लेकर चल रही बातों के बीच इस बात पर भी ध्यान रखना आवश्यक होगा कि भारत-नेपाल सीमा पर स्थित होने के कारण रक्सौल हवाई अड्डा काफी महत्वपूर्ण साबित होगा. रक्सौल हवाई अड्डा पर यात्रियों की कमी इसलिए भी नहीं होगी कि यह इलाका नेपाल से सटा हुआ है और नेपाल के लगभग दो दर्जन से अधिक जिलों के लोगों को रक्सौल से हवाई यात्रा शुरू होने पर इसका लाभ मिलेगा.इसके अलावे, रक्सौल में अभी सशस्त्र सीमा बल की एक बटालियन तैनात है, जिसमें देश के अलग-अलग हिस्सों से आए पदाधिकारी व जवान तैनात है. ऐसे में हवाई अड्डा शुरू होने के बाद एसएसबी के जवानों को तो सुविधा मिलेगी ही, उड़ान सेवा प्रदाता कंपनियों को नियमित रूप में यात्री मिल सकेगें. इसके अलावे, रक्सौल बॉर्डर पर होने के कारण नेपाल जाने वाले देशी-विदेशी पर्यटकों का भी आगमन बढ़ेगा, जिसका प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से लाभ सीमा पर रहने वाले लोगों को मिल सकेगा. कुल मिलाकर रक्सौल हवाई अड्डा उत्तर बिहार का सबसे अधिक व्यस्त हवाई अड्डा साबित होगा.
जमीन अधिग्रहण में तेजी लाने की जरूरत
राज्य सरकार ने जमीन अधिग्रहण के लिए राशि को स्वीकृत कर दिया है. जब जरूरत है कि रक्सौल हवाई अड्डा के लिए जमीन अधिग्रहण के कार्य में प्रशासनिक स्तर पर तेजी लाने की जरूरत है. खाता, खेसरा पंजी अपडेट हो चुकी है, ऐसे में जितनी जल्दी अधिग्रहण का कार्य पूरा कर जमीन भारतीय विमानपतन प्राधिकरण को हैंडओवर कि जायेगी, रक्सौल हवाई अड्डा के निर्माण कार्य में तेजी आयेगी. फिलहाल, अंचल स्तर पर जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया थोड़ी सुस्त चल रही है.क्या होता है ब्राउन फील्ड एयरपोर्ट
ब्राउन फील्ड एयरपोर्ट एक प्रकार का हवाई अड्डा होता है जो पहले से ही मौजूद होता है और जिसे नए हवाई यातायात की जरूरतों के अनुसार नये सिरे से बनाया जाता है और विस्तारित किया जाता है. ऐसे हवाई अड्डों से हवाई यातायात की बढ़ती मांग को पूरा करने में मदद मिलती है. ब्राउन फील्ड हवाई अड्डों को नवीनीकृत और विस्तारित करने की लागत नए हवाई अड्डे के निर्माण की तुलना में कम होती है. लागत कम लगती है और पर्यावरण को भी कम नुकसान होता है.डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है
प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी
लेखक के बारे में
By Prabhat Khabar News Desk
यह प्रभात खबर का न्यूज डेस्क है। इसमें बिहार-झारखंड-ओडिशा-दिल्ली समेत प्रभात खबर के विशाल ग्राउंड नेटवर्क के रिपोर्ट्स के जरिए भेजी खबरों का प्रकाशन होता है।
Prabhat Khabar App :
देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए










