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Motihari news: बायोमेट्रिक हाजिरी के खिलाफ चिकित्सकों ने किया कार्य का बहिष्कार

Updated at : 27 Mar 2025 10:15 PM (IST)
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Motihari news: बायोमेट्रिक हाजिरी के खिलाफ चिकित्सकों ने किया कार्य का बहिष्कार

जिले के सरकारी अस्पतालों में गुरुवार को ओपीडी सेवा ठप रही.

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मोतिहारी. जिले के सरकारी अस्पतालों में गुरुवार को ओपीडी सेवा ठप रही. चिकित्सकों ने बायोमेट्रिक से हाजिरी बनाने का विरोध किया और सदर अस्पताल सहित अनुमंडल रेफरल व पीएचसी में ओपीडी खुलने के साथ ही चिकित्सकों ने कार्य का बहिष्कार कर दिया. बायोमेट्रिक उपस्थिति, प्रशासनिक उत्पीड़न और कर्मचारियों की कमी को लेकर बिहार स्वास्थ्य सेवा संघ (बीएचएसए) के आह्वान पर कार्य बहिष्कार कर सभी चिकित्सक अपनी मांग के समर्थन में तीन दिवसीय हड़ताल पर चले गये.

इस दौरान ओपीडी में दिखाने के लिए दूर-दाराज से आये मरीजों को बैरन वापस लौटना पड़ा. जबकि ओपीडी काउंटर पर मरीजों का पंजीकरण आरंभ रहा. कई मरीज पंजीकरण के बाद चिकित्सक के इंतजार में घंटों बैठे रहे. सदर अस्पताल और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में मरीजों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा. इधर डॉक्टरों की हड़ताल की वजह से मरीजों की परेशानी बढ़ गई है.

इलाज के अस्पताल पहुंच रहे मरीजों को वापस लौटना पड़ रहा है. तीन दिन तक डॉक्टरों की हड़ताल रहने से मरीजों की मुश्किल और बढ़ती दिख रही है. ओपीडी बंद रहने से दूर दराज ग्रामीण क्षेत्र से इलाज के पहुंचे मरीजों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है. चिकित्सकों ने बताया कि बीएचएसए के द्वारा मंगलवार को भी स्वास्थ्य विभाग सहित सभी जिलाधिकारी व सिविज सर्जन को पत्र के माध्यम से सूचना दी गयी है. कहा कि तीन दिनों के कार्य बहिष्कार के बाद भी सरकार उनकी मांगों पर सकारात्मक पहली नहीं करती है तो चिकित्सक सख्त कदम उठाने को बाध्य होंगे.

डॉक्टरों की नाराजगी और लंबित मांगें

बिहार स्वास्थ्य सेवा संघ (भासा) द्वारा जारी पत्र में कहा गया है कि शिवहर, गोपालगंज और मधुबनी जिलों के डीएम ने बायोमेट्रिक उपस्थिति के आधार पर डॉक्टरों का वेतन रोक दिया है. कई माह से डॉक्टरों को इस प्रकार प्रताड़ित करने के साथ उनसे अमर्यादित व्यवहार किया जा रहा है. डाक्टरों की सुरक्षा, आवास, पर्याप्त मानव बल, गृह जिलों में पोस्टिंग, कार्यावधि निर्धारण, इमरजेंसी में सातों दिन 24 घंटे कार्य करने वाले डॉक्टरों की बायोमेट्रिक उपस्थिति की बाबत निर्देश जारी करने जैसी तमाम मांगें लंबे समय से लंबित हैं. जिससे डॉक्टरों में रोष है.

सदर अस्पताल में इमरजेंसी सेवा चालू

सरकारी अस्पताल में केवल अपातकाल सेवा चालू है. इमरजेंसी में मरीजों का उपचार किया जा रहा है. गुरूवार को ओपीडी सेवा ठप होने की सूचना पर सिविल सर्जन ने सदर अस्पताल सहित ओपीडी का निरीक्षण कर जायजा लिया. इस दौरान सिविल सर्जन के निदेश पर ओपीडी में दिखाने पहुंचे गंभीर मरीज का उपचार इमरजेंसी में कराया गया.

कहते हैं अधिकारी

अस्पताल में इमरजेंसी मरीज के लिए 24 घंटे आपातकाल सेवा बहाल है. इमरजेंसी में मरीजों का उपचार किया जा रहा है. सदर अस्पताल सहित अधिकांश पीएचसी में चिकित्सकों के कार्य बहिष्कार के कारण ओपीडी सेवा ठप रहा, जबकि कुछेक पीएचसी में ओपीडी सेवा बहाल है. जहां मरीजों का उपचार किया गया. विभागीय स्तर पर पहल चल रहा है. जल्द ही जिले के सभी अस्पतालों में ओपीडी सेवा बहाल होगी.

डॉ रविभूषण श्रीवास्तव] सिविज सर्जन, पूर्वी चंपारण

सदर अस्पताल को 30 नये बेड और दो ओटी लाइट की आपूर्ति

मोतिहारी. जिला सदर अस्पताल के वार्ड में भर्ती मरीजों के तीन 30 नये बेड की आपूर्ति हुयी है. बीएमसीआइएल ने बेड की आपूर्ति के साथ ही दो ओटी लाइट की भी आपूर्ति की है. जिसे ऑपरेशन थियेटर में लगाया जायेगा. इससे चिकित्सकों को मरीजों के उपचार में मदद मिलेगी. वही नये बेड की आपूर्ति से वार्ड में भर्ती मरीज का बेहतर सुविधा मिलेगा. अस्पताल प्रशासन ने बताया कि बीएमसीआइएल को बेड और ओटी लाइट की आपूर्ति के लिए कईमाह पहले पत्र भेजा गया था.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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