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Motihari: ओपीडी में खुले आंख व इएनटी में पहले दिन उमड़ी मरीजों की भीड़

Updated at : 07 Jul 2025 10:35 PM (IST)
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Motihari: ओपीडी में खुले आंख व इएनटी में पहले दिन उमड़ी मरीजों की भीड़

सदर अस्पताल के बाह्य विभाग में सोमवार को मरीजों की अधिक भीड़ रही.

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Motihari:मोतिहारी. सदर अस्पताल के बाह्य विभाग में सोमवार को मरीजों की अधिक भीड़ रही. रजिस्ट्रेशन काउंटर से लेकर ओपीडी के सभी चिकित्सीय संभाग में दिखाने के लिए मरीजों की लंबी कतार लगी थी. पिछले एक माह बाद आंख संभाग (आइ डिपार्टमेंट) और इएनटी की सेवा शुरू हुई. पहले दिन आंख व इएनटी संभाग में भी मरीजों की काफी भीड़ रही. नेत्र व इएनटी संभाग में बीमारी दिखाने वाले मरीजों के अलावे मेडिकल जांच को लेकर भी दर्जनों लोग पहुंचे थे. सामान्य चिकित्सा की तुलना में हड्डी रोग के मरीजों की संख्या भी कम नहीं दिखा. इनमें एक चर्म रोग संभाग को छोड़ सभी चिकित्सीय संभागों में चिकित्सक उपस्थित रहे, जहां मरीजों को उपचार संबंधी सलाह दी गयी. वहीं ओपीडी के चर्म रोग संभाग के चिकित्सक की कुर्सी खाली पड़ी थी. वही अटेंडेंट भी गायब था. ऐसा नहीं कि मरीज नहीं थे. करीब आधे दर्जनभर मरीज चिकित्सक के आने के इंतजार में प्रतिक्षारत थे. लेकिन घंटों तक चर्म संभाग खाली पड़ रहा. कुर्सी खाली देख मरीज दूसरे से पूछ रहे थे कि डॉक्टर साहेब कब आयेंगे?

सात जून से चर्म रोग ओपीडी चल रहा खाली

सदर अस्पताल का बाह्य विभाग में चर्म रोग संभाग पिछले एक माह से खाली चल रहा है. सोमवार को प्रभात खबर पड़ताल में चर्म रोग ओपीडी के टेबल पर मरीज पंजीयन रजिस्टर भी लावारिस की तरह पड़ा मिला. जिसमें 7 जून की तिथि में दिन के ग्यारह बजे तक करीब चार मरीज के नाम अंकित थे. पंजी के रिकॉर्ड से पता चला कि पिछले 7 जून के बाद से चर्म रोग संभाग में महज एक दिन 9 जून को ही मरीज का उपचार हुआ है. शेष अन्य सभी खाली ही रहा. पंजी मेंं 21 जून से 5 जुलाई तक होमगार्ड बाहली के कारण ओपीडी के सस्पेंड रहने की सूचना दर्ज थी.

कहते हैं अधिकारी

ओपीडी के चर्म रोग संभाग के चिकित्सक के डियूटी पर नहीं आने की सूचना मिलने के बाद एक चिकित्सक का तत्क्षण डियूटी लगाते हुए मरीजों का उपचार कराया गया. ओपीडी के सुचारू संचालन को ले सभी चिकित्सक को ससमय ओपीडी ज्वाइंन करने और निर्धारित समय तक ओपीडी में बने रहने का निर्देश दिया गया है. कहा कि सदर अस्पताल में मरीजों के वेटिंग को देखते हुए डायलेसिस बेड को बढ़ाने को लेकर भी पहल होगी. फिलहाल 12 बेड का डायलेसिस संचालित हो रहा है. जिसका लाभ मरीजों को मिल रहा है.

डॉ एसएन सत्यार्थी,डीएस, सदर अस्पताल

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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SATENDRA PRASAD SAT

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