मोतिहारी: विश्व के सबसे बड़े रामायण मंदिर में लगेगी 18 फीट ऊंची नंदी प्रतिमा

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परियोजना स्थल का निरीक्षण करते प्रसिद्ध शिल्पकार अरुण योगीराज एवं न्यास समिति के पदाधिकारी

मोतिहारी के कैथवलिया राजपुर स्थित निर्माणाधीन विराट रामायण मंदिर में स्थापित होने वाली 18 फीट ऊंची नंदी प्रतिमा का निर्माण रामलला के शिल्पकार अरुण योगीराज करेंगे. महावीर स्थान न्यास समिति ने इसकी पुष्टि की है. पढ़ें पूरी खबर…

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कल्याणपुर, मोतिहारी से सुबोध कुमार सिंह की रिपोर्ट

Motihari News: चकिया-केसरिया रामजानकी पथ पर स्थित कैथवलिया राजपुर में निर्माणाधीन विश्व के सबसे बड़े विराट रामायण मंदिर परिसर में स्थापित होने वाली भगवान नंदी की भव्य प्रतिमा का निर्माण देश के प्रसिद्ध शिल्पकार अरुण योगीराज करेंगे. शनिवार को उन्होंने इस प्रतिमा के निर्माण के लिए अपनी सहमति प्रदान कर दी.

रामलला और नेताजी की प्रतिमा बना चुके हैं अरुण योगीराज

अरुण योगीराज देश के प्रतिष्ठित मूर्तिकारों में गिने जाते हैं. उन्होंने अयोध्या में रामलला की दिव्य प्रतिमा का निर्माण किया है. इसके अलावा नई दिल्ली के कर्तव्य पथ पर स्थापित नेताजी सुभाष चंद्र बोस की भव्य प्रतिमा भी उनकी ही कृति है.

18 फीट ऊंची होगी नंदी भगवान की प्रतिमा

महावीर स्थान न्यास समिति के सचिव सायण कुणाल ने बताया कि मंदिर परिसर में स्थापित की जाने वाली नंदी भगवान की प्रतिमा 18 फीट ऊंची होगी. इसका निर्माण कार्य अगले 18 महीनों में पूरा होने की संभावना है. उन्होंने कहा कि विराट रामायण मंदिर जैसी ऐतिहासिक परियोजना से अरुण योगीराज का जुड़ना मंदिर के लिए गौरव का विषय है.

परियोजना स्थल का किया निरीक्षण

अरुण योगीराज ने विराट रामायण मंदिर परियोजना स्थल का भ्रमण कर निर्माण कार्यों का अवलोकन किया. इस दौरान उन्होंने न्यास समिति के पदाधिकारियों के साथ मंदिर की वास्तुकला, शिल्पकला और भावी स्वरूप को लेकर विस्तृत चर्चा भी की.

सायण कुणाल ने कहा कि अरुण योगीराज का इस परियोजना से जुड़ना उत्कृष्ट गुणवत्ता, अद्वितीय शिल्पकला और आध्यात्मिक भव्यता के प्रति न्यास समिति की प्रतिबद्धता को दर्शाता है.

120 एकड़ में बन रहा है विराट रामायण मंदिर

विराट रामायण मंदिर को पद्मश्री आचार्य किशोर कुणाल का ड्रीम प्रोजेक्ट माना जाता है. यह विशाल मंदिर लगभग 120 एकड़ क्षेत्र में विकसित किया जा रहा है. मंदिर परियोजना के वर्ष 2030 तक पूर्ण होने की उम्मीद जताई जा रही है. प्रस्तावित मंदिर परिसर में 22 मंदिर और 12 शिखर होंगे. इसकी ऊंचाई 270 फीट और चौड़ाई 540 फीट निर्धारित की गई है.

विश्वस्तरीय धार्मिक केंद्र के रूप में उभर रहा परिसर

विराट रामायण मंदिर के निर्माण को देश की सबसे महत्वाकांक्षी धार्मिक परियोजनाओं में शामिल माना जा रहा है. मंदिर के पूर्ण होने के बाद इसके देश और विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं के लिए प्रमुख आकर्षण केंद्र बनने की संभावना है.

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