मधुबनी के सप्ता में बनेगा अर्बन हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर, 64.85 लाख की मंजूरी

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सांकेतिक तस्वीर

मधुबनी नगर निगम क्षेत्र के सप्ता और आसपास के लोगों के लिए खुशखबरी है. राज्य स्वास्थ्य समिति ने सप्ता में अर्बन हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर के भवन निर्माण के लिए 64.85 लाख रुपये की प्रशासनिक स्वीकृति दे दी है. इससे स्थानीय लोगों को प्राथमिक स्वास्थ्य सेवाओं का बेहतर लाभ मिलेगा.

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Madhubani News: मधुबनी नगर निगम क्षेत्र के सप्ता और आसपास की बड़ी शहरी आबादी के लिए राहत की खबर है. राज्य स्वास्थ्य समिति ने प्राथमिक स्वास्थ्य ढांचे को मजबूत करने के उद्देश्य से सप्ता में अर्बन हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर के भवन निर्माण को प्रशासनिक स्वीकृति दे दी है. कार्यपालक निदेशक अमित कुमार पाण्डेय ने इसके लिए 64 लाख 85 हजार रुपये की स्वीकृति जारी की है. नए केंद्र के बनने से स्थानीय लोगों को सामान्य बीमारियों के इलाज, टीकाकरण, प्रसव पूर्व जांच और नि:शुल्क दवाओं जैसी स्वास्थ्य सुविधाएं स्थानीय स्तर पर मिलने की उम्मीद है.

सप्ता में बनेगा अर्बन हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर

स्वीकृति मिलने के बाद अब सप्ता में अर्बन हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर के भवन निर्माण का रास्ता साफ हो गया है. इसका निर्माण बिहार चिकित्सा सेवाएं एवं आधारभूत संरचना निगम लिमिटेड के माध्यम से कराया जाएगा. परियोजना के लिए 15वें वित्त आयोग के शहरी घटक के तहत राशि आवंटित की गई है.

नया स्वास्थ्य केंद्र शुरू होने के बाद आसपास के लोगों को छोटी-मोटी बीमारियों के इलाज और प्राथमिक स्वास्थ्य सेवाओं के लिए जिला अस्पताल का रुख कम करना पड़ेगा.

भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखकर होगा स्मार्ट डिजाइन

स्वास्थ्य विभाग ने भवन के निर्माण में भविष्य की जरूरतों को भी ध्यान में रखने का निर्देश दिया है. भवन की संरचना इस तरह तैयार की जाएगी कि मरीजों की संख्या बढ़ने पर इसके ऊपर प्रथम और द्वितीय तल का निर्माण आसानी से किया जा सके.

इससे आने वाले समय में स्वास्थ्य केंद्र की क्षमता बढ़ाने में सुविधा होगी और अतिरिक्त स्वास्थ्य सेवाओं के लिए आधारभूत ढांचा तैयार रहेगा.

IIT या NIT की लैब करेगी निर्माण की गुणवत्ता जांच

सरकारी राशि से होने वाले निर्माण कार्य में गुणवत्ता और पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए विभाग ने सख्त प्रावधान किए हैं. 50 लाख रुपये से अधिक लागत वाली इस परियोजना की निर्माण गुणवत्ता की जांच आईआईटी, एनआईटी या किसी अन्य प्रतिष्ठित सरकारी इंजीनियरिंग संस्थान की प्रयोगशाला से कराना अनिवार्य होगा.

इससे भवन निर्माण में इस्तेमाल होने वाली सामग्री और निर्माण की मजबूती की स्वतंत्र तकनीकी जांच सुनिश्चित की जा सकेगी.

लापरवाही पर अधिकारी और एजेंसी होंगे जिम्मेदार

विभाग ने निर्माण सामग्री की गुणवत्ता से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं करने का निर्देश दिया है. निर्माण कार्य में लापरवाही पाए जाने पर संबंधित अधिकारी और कार्यकारी एजेंसी की जिम्मेदारी तय की जाएगी.

कार्य की प्रगति पर निगरानी रखने के लिए कार्यपालक अभियंता को प्रत्येक माह मासिक प्रगति रिपोर्ट राष्ट्रीय शहरी स्वास्थ्य मिशन को भेजनी होगी.

स्वीकृत बजट में ही पूरा करना होगा निर्माण

कार्यपालक निदेशक अमित कुमार पाण्डेय ने स्पष्ट किया है कि भवन निर्माण को निर्धारित समय सीमा के भीतर स्वीकृत बजट में ही पूरा करना होगा. परियोजना के लिए स्वीकृत राशि का किसी अन्य मद में विचलन नहीं किया जा सकेगा और लागत में वृद्धि यानी कॉस्ट एस्केलेशन को भी मंजूरी नहीं दी जाएगी.

शहरी आबादी को स्थानीय स्तर पर मिलेगी स्वास्थ्य सुविधा

सिविल सर्जन डॉ. हरेंद्र कुमार ने कहा कि स्वास्थ्य विभाग शहर से लेकर ग्रामीण क्षेत्रों तक बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाने के लिए लगातार प्रयास कर रहा है. सप्ता में अर्बन हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर का निर्माण पूरा होने के बाद स्थानीय आबादी को प्राथमिक स्वास्थ्य सेवाओं के लिए बेहतर विकल्प मिलेगा.

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Anil Kunar Jha

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