Madhubani News : मधुबनी. जिले में इस वर्ष 14 मार्च को पहला राष्ट्रीय लोक अदालत के सफल आयोजन के लिए मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी प्रमोद कुमार महथा की अध्यक्षता में मंगलवार को प्राधिकार प्रकोष्ठ में मजिस्ट्रेट की बैठक हुई. बैठक में सीजेएम महथा ने सभी न्यायिक दंडाधिकारियों को निर्देश दिया कि वे अपने-अपने न्यायालयों में लंबित सुलहनीय वादों को चिन्हित कर शीघ्र लोक अदालत में भेजना सुनिश्चित करें. ताकि अधिक से अधिक मामलों का आपसी समझौते के आधार पर त्वरित एवं शांतिपूर्ण निपटारा किया जा सके. उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय लोक अदालत आम जनता को सस्ता, सुलभ और त्वरित न्याय उपलब्ध कराने का एक प्रभावी माध्यम है. इससे न केवल न्यायालयों पर लंबित मामलों का बोझ कम होता है, बल्कि पक्षकारों के बीच सौहार्दपूर्ण समाधान भी संभव हो पाता है .सीजेएम ने उम्मीद जतायी कि सभी मजिस्ट्रेट आपसी समन्वय के साथ काम करते हुए इस वर्ष की पहली राष्ट्रीय लोक अदालत को सफल बनाएंगे और अधिकाधिक लोगों को इसका लाभ दिलाएंगे. प्राधिकार सचिव संदीप चैतन्य ने चल रहे मध्यस्थता कार्यक्रम फेज 2.0 को भी सफल बनाने की भी चर्चा की. सभी मजिस्ट्रेट से मध्यस्थ योग्य वादों को चिन्हित कर मध्यस्थता के लिए भेजने का निर्देश दिया. विदित हो कि मध्यस्थता कार्यक्रम का फेज 2.0 का आयोजन 2 से 31 जनवरी तक किया जायेगा. जिसमें आपसी सहमति से वादों का निपटारा किया जायेगा. बैठक में एसीजेएम प्रथम तेज कुमार प्रसाद, एसडीजेएम सचीन कुमार, न्यायिक दण्डाधिकारी प्रथम श्रेणी दिवानंद झा, नरेश कुमार, मुंसिफ प्रथम कुमारी अनुष्का चतुर्वेदी, मुंसिफ द्वितीय प्रतीक रंजन चौरसिया , प्रशिक्षु मजिस्ट्रेट सीमरन भगत उपस्थित थे.
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