मधुबनी साइबर थाना की बड़ी सफलता, पीड़ितों को ऐसे वापस मिली 8.39 लाख ठगी की रकम

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पीड़ित को रुपये वापस कराते साइबर थाना की पुलिस | Prabhat Khabar Network

मधुबनी पुलिस ने साइबर ठगी के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए दो पीड़ितों को 8.39 लाख रुपये की ठगी गई राशि वापस दिलवाई है. पुलिस ने समय पर कार्रवाई कर इन पैसों को वापस कराया है. पीड़ित समय पर शिकायत दर्ज कराकर अपनी रकम वापस पा सकते हैं.

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Cyber Crime: साइबर अपराध के खिलाफ मधुबनी पुलिस की ओर से लगातार चलाए जा रहे अभियान के तहत साइबर थाना को बड़ी सफलता मिली है. साइबर ठगी के दो अलग-अलग मामलों में पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए कुल 8 लाख 39 हजार 500 रुपये की ठगी की राशि वास्तविक धारकों को वापस करा दी. पुलिस की कार्रवाई से साइबर ठगी के शिकार पीड़ितों को बड़ी राहत मिली है.

दो पीड़ितों को वापस मिली ठगी की रकम

पुलिस अधीक्षक योगेंद्र कुमार के अनुसार, साइबर थाना में दर्ज साइबर धोखाधड़ी के मामलों में पुलिस ने संबंधित बैंकिंग एवं वित्तीय माध्यमों से समन्वय स्थापित किया. इसके बाद ठगी की रकम को समय रहते होल्ड कराया गया.

आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद एक पीड़ित को 50 हजार रुपये तथा दूसरे पीड़ित को 7 लाख 89 हजार 500 रुपये वापस कराए गए. इस तरह दोनों मामलों में कुल 8 लाख 39 हजार 500 रुपये की राशि पीड़ितों को वापस मिली.

समय पर शिकायत करने से वापस मिल सकती है रकम

मधुबनी पुलिस ने लोगों से अपील की है कि किसी अनजान व्यक्ति के फोन, लिंक, मैसेज या ऑनलाइन ऑफर के झांसे में आकर बैंक खाते, एटीएम, ओटीपी, यूपीआई पिन या अन्य गोपनीय जानकारी साझा नहीं करें.

पुलिस ने कहा कि साइबर ठगी होने की स्थिति में पीड़ित को बिना देर किए संबंधित साइबर थाना या साइबर अपराध हेल्पलाइन नंबर 1930 पर सूचना देनी चाहिए. समय पर शिकायत मिलने से ठगी की रकम को होल्ड कराने और उसे वापस कराने की कार्रवाई की संभावना बढ़ जाती है.

साइबर अपराध के खिलाफ लगातार कार्रवाई

मधुबनी पुलिस ने स्पष्ट किया है कि साइबर अपराध से जुड़े मामलों में त्वरित कार्रवाई कर पीड़ितों की राशि वापस कराने के लिए पुलिस लगातार प्रयास कर रही है. पुलिस की ओर से लोगों को साइबर ठगी से बचने के लिए सतर्क रहने और किसी भी संदिग्ध लिंक या कॉल पर अपनी गोपनीय बैंकिंग जानकारी साझा नहीं करने की सलाह दी जा रही है.

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Kartik Kumar

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