Madhubani News: मधुबनी पॉक्सो कोर्ट का ऐतिहासिक फैसला, नाबालिग से दुष्कर्म के दोषी को मिली 10 साल की जेल

Published by : Purushottam Kumar Updated At : 29 May 2026 6:41 PM

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प्रतीकात्मक तस्वीर

Madhubani News: मधुबनी के नरहिया थाना क्षेत्र में नाबालिग से दुष्कर्म मामले में पॉक्सो कोर्ट ने दोषी भजन कुमार मंडल को 10 साल की सश्रम कारावास और 5 हजार जुर्माने की सजा सुनाई. पीड़िता को 1 लाख रुपये मुआवजा देने का आदेश. जानिए खबर विस्तार से…

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 Madhubani News: नरहिया थाना क्षेत्र में करीब 15 महीने पहले एक नाबालिग लड़की को शादी का झांसा देकर उसका यौन शोषण करने के मामले में अदालत ने ऐतिहासिक फैसला सुनाया है. जिला अपर सत्र न्यायालय सात सह विशेष न्यायालय पॉक्सो कोर्ट के न्यायाधीश नीरज कुमार त्यागी की अदालत में शुक्रवार को सजा के बिंदु पर अंतिम सुनवाई हुई. माननीय न्यायालय ने दोनों पक्षों की दलीलें और गवाहों के बयानों को सुनने के बाद दोषी आरोपी भजन कुमार मंडल को पॉक्सो एक्ट की धारा 4 और बीएनएस की धारा 64 के तहत दोषी पाते हुए 10 वर्ष के सश्रम कारावास (कठोर कारावास) की सजा सुनाई है. इसके साथ ही कोर्ट ने दोषी पर पांच हजार रुपये का आर्थिक जुर्माना भी लगाया है, जिसे अदा न करने की स्थिति में उसे तीन महीने की अतिरिक्त जेल काटनी होगी. इस मामले में सरकार की ओर से विशेष लोक अभियोजक कुमारी मधुरानी ने कड़ी से कड़ी सजा की मांग की थी, जबकि बचाव पक्ष के वकील कम सजा के लिए जिरह कर रहे थे.

पंचायती में शादी का नाटक और फिर परिजनों से मारपीट

यह पूरा मामला सामाजिक धोखेबाजी और क्रूरता से जुड़ा हुआ है. विशेष लोक अभियोजक कुमारी मधुरानी के अनुसार, दोषी भजन कुमार मंडल घटना से बहुत पहले से ही पीड़िता को शादी का झांसा देकर उसके साथ दुष्कर्म कर रहा था. घटना के दिन आरोपी नाबालिग लड़की को बहला-फुसलाकर बगीचे की तरफ ले जा रहा था, तभी स्थानीय ग्रामीणों की नजर उन पर पड़ गई और उन्होंने आरोपी को रंगे हाथों पकड़ लिया. इसके बाद गांव में बाकायदा एक सामाजिक पंचायती बुलाई गई, जिसमें दोनों की शादी कराने पर सहमति भी बन गई थी. लेकिन बाद में आरोपी भजन मंडल अपनी बात से पूरी तरह मुकर गया और शादी करने से साफ इनकार कर दिया. हद तो तब हो गई जब उसने विरोध करने पर पीड़िता के परिजनों के साथ ही बेरहमी से मारपीट शुरू कर दी. इस प्रताड़ना और धोखे से तंग आकर आखिरकार पीड़िता ने नरहिया थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई, जिसके बाद पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेजा.

गंभीर मानसिक आघात को देखते हुए एक लाख रुपये मुआवजा देने का निर्देश

सजा सुनाने के साथ-साथ अदालत ने पीड़िता के पुनर्वास और उसकी मानसिक स्थिति को सुधारने के लिए भी बेहद संवेदनशील और महत्वपूर्ण आदेश जारी किया है. विशेष लोक अभियोजक ने बताया कि इस खौफनाक घटना के कारण पीड़िता को जो असहनीय मानसिक पीड़ा और सामाजिक क्षति झेलनी पड़ी है, उसकी भरपाई के लिए न्यायालय ने एक लाख रुपये की क्षतिपूर्ति (मुआवजा) राशि देने का आदेश दिया है. अदालत ने यह राशि जिला विधिक सेवा प्राधिकार (डीएलएसए) के माध्यम से नियमानुसार जल्द से जल्द पीड़ित परिवार को उपलब्ध कराने का निर्देश जारी किया है. सुनवाई के दौरान न्यायाधीश ने माना कि ऐसे मामलों में केवल अपराधी को सजा देना ही काफी नहीं है, बल्कि समाज में पीड़ित को न्याय दिलाने के साथ-साथ उसके बेहतर भविष्य, पुनर्वास और मानसिक सहयोग की व्यवस्था करना भी न्यायपालिका की सर्वोच्च प्राथमिकता है.

मधुबनी से अजय आनंद की रिपोर्ट

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