Madhubani News : मधुबनी. जिले के लिए यह खबर उम्मीद और बदलाव की नयी सुबह लेकर आयी है. एक अप्रैल से मधुबनी व झंझारपुर में केंद्रीय विद्यालयों में विधिवत पढ़ाई की शुरुआत होगी. इसके लिए वाटसन उच्च विद्यालय, मधुबनी व केजरीवाल उच्च विद्यालय, झंझारपुर को चिह्नित किया गया है. लंबे समय से जिस गुणवत्तापूर्ण शिक्षा का सपना अभिभावक और छात्र देख रहे थे, वह अब साकार होने जा रहा है. केंद्रीय विद्यालय अपने अनुशासित माहौल, अनुभवी शिक्षकों और आधुनिक पाठ्यक्रम के लिए देशभर में पहचान रखते हैं. यहां पढ़ाई केवल किताबों तक सीमित नहीं होती, बल्कि बच्चों के सर्वांगीण विकास पर विशेष ध्यान दिया जाता है. खेल, विज्ञान प्रयोगशाला, पुस्तकालय, डिजिटल शिक्षा और संस्कार-सब कुछ एक साथ बच्चों के भविष्य को मजबूत आधार देता है. डीइओ अक्षय कुमार पांडेय ने कहा कि जिला अंतर्गत स्वीकृत दो केंद्रीय विद्यालयों के अस्थायी रूप से संचालन के लिए चिह्नित विद्यालयों में असैनिक निर्माण कार्य से संबंधित प्राक्कलन उपलब्ध कराने की मांग की गयी है. उन्होंने कहा कि केंद्रीय विद्यालय की कक्षा 1 से 5 तक की पढ़ाई इसी शैक्षणिक वर्ष से शुरू की जाएगी. नामांकन प्रक्रिया केंद्रीय विद्यालय संगठन के निर्धारित नियमों के अनुसार होगी. मधुबनी और झंझारपुर में केंद्रीय विद्यालय खुलने से खासकर मध्यम और निम्न आय वर्ग के परिवारों के बच्चों को बड़ा लाभ मिलेगा. अब बेहतर शिक्षा के लिए उन्हें बड़े शहरों की ओर पलायन नहीं करना पड़ेगा. स्थानीय स्तर पर ही बच्चों को राष्ट्रीय स्तर की शिक्षा का अवसर मिलेगा. वहीं दरभंगा केंद्रीय विद्यालय के प्राचार्य ऋषि रमन के नेतृत्व में पीजीटी केमिस्ट्री विपिन कुमार राय एवं डीसी कार्यालय की तीन सदस्यीय टीम ने केजरीवाल हाई स्कूल परिसर का निरीक्षण किया. निरीक्षण के दौरान टीम ने नए भवन निर्माण की संभावनाओं, उपलब्ध भूमि तथा मूलभूत संरचनाओं का जायजा लिया. इसके कुछ ही घंटों बाद विद्यालय प्रबंध समिति की पहली बैठक आयोजित की गई, जिसकी अध्यक्षता स्थानीय विधायक नीतीश मिश्रा ने की. बैठक में यह निर्णय लिया गया कि छात्रों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए केजरीवाल स्कूल के पश्चिमी हिस्से में 10 कमरों के नए भवन के निर्माण को तत्काल स्वीकृति दी गई है. विधायक नीतीश मिश्रा ने बताया कि भविष्य में केंद्रीय विद्यालय के अदलपुर स्थानांतरित होने के बाद यह भवन केजरीवाल प्लस टू हाई स्कूल के उपयोग में रहेगा. अभिभावकों में भी इस फैसले को लेकर उत्साह है. उनका मानना है कि केंद्रीय विद्यालय बच्चों में आत्मविश्वास, प्रतिस्पर्धा की भावना और बेहतर करियर की दिशा तय करने में अहम भूमिका निभाएंगे. 1 अप्रैल से शुरू होने वाली यह पढ़ाई केवल एक शैक्षणिक सत्र की शुरुआत नहीं है, बल्कि मधुबनी जिले के हजारों बच्चों के सपनों को पंख देने की शुरुआत है. यह कदम निश्चित रूप से शिक्षा के क्षेत्र में जिले को नई पहचान दिलाएगा और आने वाले वर्षों में इसके सकारात्मक परिणाम देखने को मिलेंगे.
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