Madhubani News : बेनीपट्टी. नगर पंचायत के वार्ड 15 सतीत्वमलहद तालाब के समीप संत दानीलाल साहू के आवासीय परिसर में कबीर विचार के तत्वावधान में मकर सक्रांति के अवसर पर सत्संग सह संत महाभंडारा का आयोजन किया गया. वार्ड पार्षद रामबरन राम व संचालन संत देव नारायण साहू ने किया. सत्संग की शुरुआत गुरुवंदना और बीजक पाठ से की गयी. आयोजक ने सभी आगत साधु संतों को माल्यार्पण कर सम्मानित किया. सत्संग में संत कबीर के कृतित्व व व्यक्तित्व पर व्यापक प्रकाश डालते हुए ब्रह्मोत्तरा साहेब डॉ सत्य प्रकाश ने कहा कि कबीर साहेब संत सम्राट ही नही बल्कि हिंदी साहित्य के महान समाजवादी, मानवतावादी और सामाजिक परिवर्तनकारी जन कवि थे. जिन्होंने असमानता और मनु संस्कृति के खिलाफ आवाज बुलंद करने का काम किया था. बीर साहेब का प्रामाणिक ग्रंथ बीजक है, जो अकाट्य है. संत कबीर के विचारों पर चलने से ही मानव का कल्याण हो सकता है. वहीं पाली साहेब नागेंद्र दास ने कहा कि संत कबीर का मार्ग पंचशील सिद्धांत पर आधारित मानव के लिये बेहद ही कल्याणकारी है. जिसमें जीव हत्या, चोरी, पर स्त्री गमन, असत्य वचन के वाचन और नशा नही करने को कहा गया है. उन्होंने कहा कि कबीर साहेब न हिंदू न मुस्लिम और न ईसाई बनकर बल्कि वे इंसान बनकर हमेशा इंसानियत का पैगाम देते रहे. वे जीवन भर गैर बराबरी के खिलाफ उपदेश देते रहे. कार्यक्रम में मौजूद संत राम बरन दास, मंजू दासिन, परमशीला दासिन, सोनधारी दास, रामा दास, बौकू साहेब, रम्भू दास, मकसूदन दास, संजय दास, बिलटू दास व देवेंद्र दास सहित अन्य लोगों ने भी विचार व्यक्त किये.
डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

