Madhubani News : हरलाखी. मकर संक्रांति पर्व बुधवार को मनाया गया. कड़ाके की ठंड के बावजूद लोगों ने विभिन्न जलाशयों में आस्था की डुबकी लगाई. स्नान के बाद लोग शिवालयों में जाकर शिव पर जलाभिषेक किया. साथ ही लोगों ने तिल गुड़ चूडा-दही, खिचड़ी और लकड़ी का दान किया. इस अवसर पर खिरहर स्थित धरोहर नाथ महादेव मंदिर, कमतौल स्थित मनोकामना महादेव मंदिर, फुलहर गिरिजा माई मंदिर समेत विभिन्न मंदिरों में श्रद्धालुओं की काफी भीड़ उमड़ी. वहीं, पौराणिक कल्याणेश्वर महादेव मंदिर का पट अहले सुबह से ही खोल दिया गया था, जहां सुबह से ही हजारों श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ी. लोग मंदिर के सामने पवित्र तालाब में डुबकी लगाकर भगवान शिव का दर्शन कर पूजा व जलाभिषेक किया. साथ ही मंदिर परिसर में दिनभर दान पुण्य का दौड़ चलता रहा. इस दौरान हर-हर महादेव की गूंज से पूरा मंदिर परिसर गुंजायमान रहा. मंदिर के पुजारी हीरा ठाकुर ने बताया कि मकर संक्रांति महत्वपूर्ण इसलिए हो जाता है कारण इसी दिन से सूर्य उत्तरायण हो जाते हैं. इसी दिन से देवताओं का दिन प्रारंभ हो जाता है, जो कि समस्त मांगलिक कार्य के लिए शुभ माना जाता है. सूर्य के मकर राशि में प्रवेश करते ही सभी तरह के मांगलिक कार्यों की शुरुआत होने लगती है. सनातन धर्म के अनुसार मान्यता है कि मकर संक्रांति के दिन भीष्म पितामह को मोक्ष मिला था. इसी मान्यताओं के अनुसार मकर संक्रांति के दिन स्नान व दान करने पर उसका फल कई जन्मों तक मिलता है.
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