Maharashtra Civic Body Polls : महाराष्ट्र में गुरुवार को 29 नगर निगमों के लिए मतदान हो रहा है. इनमें सबसे अहम बृहन्मुंबई महानगरपालिका (बीएमसी) भी शामिल है. यह चुनाव ठाकरे भाइयों के साथ-साथ बीजेपी-शिवसेना गठबंधन के लिए भी बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है. पिछले साल विधानसभा चुनाव में महायुति की बड़ी जीत हुई. इसके बाद के नगर निकाय चुनावों को राजनीतिक ताकत की बड़ी परीक्षा मानी जा रही है.
इन नगर निगमों के लिए मतदान गुरुवार सुबह 7:30 बजे से जारी है. राजधानी मुंबई में 227 वार्डों में मतदान हो रहा है. यहां करीब 1,700 उम्मीदवार चुनाव मैदान में हैं. बीएमसी चुनाव में कुल 1 करोड़ 3 लाख 44 हजार 315 मतदाता अपने वोट का इस्तेमाल कर सकते हैं. इनमें 55 लाख 16 हजार 707 पुरुष, 48 लाख 26 हजार 509 महिलाएं और 1,099 अन्य मतदाता शामिल हैं.
ये दो बात जिसकी चुनाव में ज्यादा है चर्चा
1. इन नगर निकाय चुनावों में कई अहम राजनीतिक गठबंधन भी देखने को मिले. 2005 के बाद पहली बार अलग हुए ठाकरे चचेरे भाइयों ने एक साथ आने का फैसला किया है. उन्होंने एक साथ चुनाव का घोषणा पत्र जारी किया. अब देखना है कि क्या चुनाव के बाद दोनों भाई एक साथ नजर आएंगे?
2. वहीं पश्चिमी महाराष्ट्र में अजित पवार ने अपने चाचा की राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरद पवार गुट) के साथ पुणे, परभणी और पिंपरी-चिंचवड़ के लिए गठबंधन किया है. इसके बाद राजनीतिक गलियारे में चर्चा है कि चुनाव के बाद अजित पवार और चाचा शरद पवार फिर साथ आ सकते हैं. यानी एनसीपी के दोनों गुट एक हो सकते हैं. इसके संकेत अजित पवार एएनआई के इंटरव्यू में दे चुके हैं.
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खोई हुई प्रतिष्ठा वापस पाने की लड़ाई है ठाकरे भाइयों के लिए
शिवसेना में टूट से पहले उसका बृहन्मुंबई महानगरपालिका (बीएमसी) में दबदबा था. तब शिवसेना ने भाजपा के साथ गठबंधन में 84 सीटें जीती थीं, जबकि भाजपा को 82 सीटें मिली थीं. लेकिन 2022 में शिवसेना के विभाजन के बाद हालात पूरी तरह बदलते नजर आ रहे हैं. अब ठाकरे भाइयों यानी राज और उद्धव के लिए ये स्थानीय निकाय चुनाव खोई हुई प्रतिष्ठा वापस पाने की लड़ाई बन चुकी है. साथ ही, यह चुनाव इस बात की भी परीक्षा होगी कि ठाकरे सरनेम का असर मुंबई और महाराष्ट्र में पहले जैसा अब भी है या नहीं.

