Madhubani News : दिखेगा मोंथा चक्रवात का कहर, 9 जिलों में भारी बारिश और आंधी का अलर्ट

बिहार में मोंथा चक्रवात का असर दिखने वाला है. मौसम विभाग ने नौ जिलों में आंधी व भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है.
मधुबनी. बिहार में मोंथा चक्रवात का असर दिखने वाला है. मौसम विभाग ने नौ जिलों में आंधी व भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है. पूर्वी चंपारण, पश्चिमी चंपारण, मधुबनी, दरभंगा समस्तीपुर समेत कई जिलों में तेज हवा व भारी बारिश की संभावना है. लोगों को घरों में रहने और सुरक्षित रहने की सलाह दी गयी है. ग्रामीण कृषि मौसम सेवा डॉक्टर राजेंद्र प्रसाद कृषि विश्वविद्यालय पूसा के नोडल पदाधिकारी डॉ. ए सत्तार ने कहा कि चक्रवाती तूफान के प्रभाव से इस क्षेत्र में बादल छाए रहेंगे. 29-31 अक्टूबर के दौरान हल्की से मध्यम वर्षा और बिजली गिरने की संभावना है. धान की कटाई सावधानीपूर्वक करें. बुधवार की अहले सुबह भी बारिश की कुछ बूंदे टपकी. जिससे तापमान में मामूली गिरावट दर्ज की गई है. बुधवार को जिला का अधिकतम तापमान 34 से लुढ़क कर 30 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 21 डिग्री सेल्सियस रहा. विशेषज्ञों के अनुसार मोंथा के प्रभाव से हवा में नमी बढ़ सकती है. इससे वातावरण में और आर्द्र होगा है. 29 से 31 अक्टूबर तक बारिश का दौर जारी रहेगा. मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि बिहार में मोंथा का असली असर 29 से 31 अक्टूबर के बीच महसूस किया जाएगा. 29 अक्टूबर को कई जिलों में भारी बारिश की संभावना है. 29 से 31 अक्टूबर तक बारिश हो सकती है. 31 अक्टूबर को हल्की भारी बारिश और बिजली गिरने की संभावना है. भारत मौसम विभाग के अनुसार, चक्रवात मोंथा के प्रभाव से बिहार में 30 से 40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं. गरज के साथ बारिश की भी संभावना है. विभाग ने लोगों को, खासकर किसानों को खुले मैदानों, पेड़ों या बिजली के खंभों के पास खड़े होने से बचने की सलाह दी है. मोंथा के प्रभाव से कुछ दिनों में जिले में दिन के तापमान में 2 से 4 डिग्री सेल्सियस की गिरावट आई है. इधर मौसम वैज्ञानिकों का मानना है कि नवंबर के पहले सप्ताह तक सुबह व शाम को ठंड का एहसास होने लगेगा. बारिश से धान की फसल भी होगी प्रभावित इस बेमौसम चित्रा नक्षत्र की बारिश स्वाति से किसानों को नफा और नुकसान दोनों का अनुमान लगाया जा रहा है. इस बारिश से जहां पछात धान को फायदा होगा, जबकि पककर तैयार हो चुकी फसल को पानी से नुकसान है. आलू की फसल वाले खेत में पानी लगने से नुकसान की संभावना है. हालांकि, किसानों का कहना है कि अधिक बारिश होने से नुकसान होगा. सरसों और मटर की फसल के लिए यह बारिश काफी फायदेमंद साबित होगा. किसानों ने कहा कि अधिक बारिश से कुछ नुकसान जरूर होगा, लेकिन फायदा बहुत है. धान की कटनी के तुरंत बाद गेहूं की बुआई हो सकेगी. इससे नमी खेतों में बरकरार रहेगी. मोंथा चक्रवात यह ””””भयंकर चक्रवाती तूफान”””” की श्रेणी में है. जो पेड़ों को उखाड़ सकती है, बिजली-पानी की आपूर्ति बाधित कर सकती है और निचले इलाकों में बाढ़ ला सकती है. आईएमडी ने रेड अलर्ट जारी किया है. इसे मौसम में बदलाव के शुरुआती संकेत बताया जा रहा है. उत्तर बिहार के जिलों में हल्के बादल छाए रहेंगे और ठंडी हवाएं चलने की भी संभावना व्यक्त की गई है. मंगलवार सुबह से ही आसमान में हल्के बादल छाए हुए थे. बुधवार को दोपहर में हल्की बूंदाबांदी हुई. जिले में 29 से 31 अक्टूबर तक चक्रवाती तूफान मोंथा के असर दिखने की संभावना व्यक्त की गई है. बंगाल की खाड़ी में उठे चक्रवात मोंथा के असर से प्रदेश में मौसम बिगड़ने की संभावना है। मौसम विभाग ने तीन दिन राज्य के विभिन्न जिलों में आंधी-पानी के साथ बिजली गिरने की आशंका जताई है. बुधवार से शुक्रवार तक प्रदेश के विभिन्न जिलों में भारी वर्षा को लेकर यलो अलर्ट जारी किया है. इस दौरान झारखंड, पश्चिम बंगाल और नेपाल से सटे बिहार के कई जिलों में भारी से अति भारी वर्षा होने की चेतावनी दी है. मौसम विज्ञान केंद्र द्वारा जारी पूर्वानुमान के अनुसार बुधवार को प्रदेश में आंधी और बिजली चमकने को लेकर यलो अलर्ट जारी किया गया है. इस दौरान 30-40 किमी प्रतिघंटा की रफ्तार से हवा चलने की संभावना है.
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